रुड़की में गरजे किसान: 14 मांगों को लेकर महापंचायत, सरकार और पूंजीपतियों पर किसानों के शोषण का आरोप
महापंचायत में भाकियू (रोड़) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन सिंह रोड़ ने कहा कि किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार आवाज उठानी पड़ रही है।
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किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (रोड़) ने एसडीएम चौक के पास महापंचायत आयोजित की। इसमें किसानों ने सरकार और पूंजीपतियों पर शोषण का आरोप लगाते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। महापंचायत के बाद किसानों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ को 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी भेजा जाएगा। महापंचायत के जिले के शासन-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
महापंचायत में भाकियू (रोड़) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन सिंह रोड़ ने कहा कि किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार आवाज उठानी पड़ रही है। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि किसानों के हितों की रक्षा करते हुए उनकी जायज मांगों पर समय से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी से जुड़े मामलों में किसानों को राहत मिलनी चाहिए। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया। इस दौरान ज्ञापन में चकबंदी अधिकारियों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने, खेतों की निकासी की समस्या दूर करने, एआरटीओ के चालान और बिजली कनेक्शन काटने से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की गई।
इसके अलावा राशन कार्ड बनवाने, इकबालपुर शुगर मिल पर बकाया गन्ना भुगतान दिलाने और खराब फसलों का मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने टोल प्लाजा पर वसूली बंद करने और सोलर प्लांट से संबंधित छूट के मुद्दे पर भी कार्रवाई की मांग रखी। किसानों ने ढंडेरा के तालाबों से अतिक्रमण हटाने, पसंद के अनुसार फसल की दवा, खाद और बीज उपलब्ध कराने, पेयजल निगम की जलापूर्ति बहाल करने की मांग की। लिब्बरहेड़ी में क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत कराने और किसानों की सुविधा के लिए अस्थायी पुल बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। जेएम की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर किसानों ने समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई।
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50 से अधिक ट्रैक्टर लेकर महापंचायत में पहुंचे किसान
महापंचायत में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान और युवा 50 से अधिक ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। किसानों ने अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर आयोजित महापंचायत में भाग लिया। इस दौरान अलग-अलग स्थानों से ट्रैक्टरों के काफिले सड़कों से होकर गुजरे। एक कतार में निकलते ट्रैक्टर लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। सड़कों पर ट्रैक्टरों की लंबी कतार देखकर लोग भी उत्सुक नजर आए।
महापंचायत को लेकर चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस
शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। शहर के प्रमुख चौराहों और महापंचायत स्थल की ओर जाने वाले संपर्क मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। मलकपुर चुंगी, रामपुर चुंगी, आजाद नगर चौक, रामनगर चौक, गणेशपुर, गोल चक्कर और रुड़की बस अड्डे पर पुलिस ने निगरानी रखी। महापंचायत में आने-जाने वाले मार्गों पर भी कड़ा पहरा रहा। कई स्थानों पर भारी वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए रुड़की के अलावा आसपास के थानों और कोतवालियों से भी पुलिस बल बुलाया गया था। पुलिसकर्मी पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे।