{"_id":"6256e84b36b2e06397634979","slug":"farmers-concern-increased-as-the-weather-changed-roorkee-news-drn408988361","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम के करवट बदलते ही बढ़ी किसानों की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम के करवट बदलते ही बढ़ी किसानों की चिंता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिन से मौसम के करवट बदलते ही किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। आसमान में बादल देख किसानों ने थ्रेसिंग मशीन की रफ्तार भी तेज कर दी है। यदि इस समय बारिश होती है तो किसानों को गेहूं की फसल को लेकर नुकसान उठाना पड़ सकता है। कटी हुई फसल को ज्यादा नुकसान होगा। इस समय जिले में 50 फीसदी गेहूं काटा जा चुका है। उम्मीद है कि अगले 15 दिन में पूरे गेहूं की कटाई हो जाएगी।
क्षेत्र के किसान साधूराम सैनी, मनोज शर्मा, रतिराम कुमार, मनीष पंवार, मंजीत सिंह आदि का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल पककर तैयार है। कुछ किसानों ने गेहूं की कटाई शुरू कर दी है। ऐसे में उन्हें चिंता है कि यदि इस समय बारिश हुई तो उनका गेहूं भीग जाएगा। इसके बाद इसे थ्रेसिंग करवाने में लंबा समय लगेगा। वहीं गेहूं की गुणवत्ता भी खराब हो जाएगी। राम स्वरूप सिंह और मेघराज का कहना है कि उनका गेहूं पककर तैयार है लेकिन अब वे मौसम को देखकर एक या दो दिन रुकेंगे। पिछली बार उनका करीब 30 बीघा गेहूं कटने के बाद भीग जाने से खराब हो गया था। उसे गेहूं तौल केंद्रों पर भी नहीं लिया गया। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि इस समय हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक होगी। हालांकि क्षेत्र से 50 फीसदी गेहूं कट चुका है। अगले 10 से 15 दिन में पूरा गेहूं काट दिया जाएगा।
बादल छाने से गेहूं की कटाई हुई तेज
मौसम का मिजाज बदलते ही गेहूं उत्पादक तेजी से फसल की कटाई में जुट गए हैं। इकबालपुर, लकनौता व झबरेड़ा क्षेत्र में रबी की मुख्य फसल गेहूं को कटाई चल रही है लेकिन बुधवार को आसमान में अचानक बादल छा गए। कटी हुई फसल के बारिश में भीगने के डर से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसान खेत से काटी गई फसल की थ्रेशिंग करवाने के लिए मशीन मालिकों के चक्कर काट रहे हैं। सहायक कृषि विकास अधिकारी राजबीर सिंह का कहना है कि गेहूं की थ्रेसिंग तुरंत करवा लें। बाकी फसल की कटाई मौसम साफ होने पर ही करें। खेत में कटी पड़ी फसल के भीगने से गेहूं का दाना काला पड़ जाता है इसका दाम भी कम मिलता है। खेत में खड़ी फसल को बारिश में भीगने से कोई नुकसान नहीं होता है।
विज्ञापन
किसानों ने बताई चिंता
खेत में गेहूं की फसल तैयार है। इस समय हल्की बारिश भी होती है तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। पिछले साल भी कई किसानों की फसल बारिश के चलते खराब हो गई थी।
- मनोज कुमार, किसान
किसान कभी सूखा तो कभी बारिश और कभी मंदी की मार झेल रहा है। गेहूूं की फसल के लिए बारिश इस समय नुकसानदायक होगी। वे जल्द गेहूं कटवाकर थ्रेसिंग मशीन में निकलवाएंगे।
- धर्मवीर सिंह, किसान
गेहूं की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है। वहीं अब आसमान में बादल छाने लगे हैं। यदि इस समय बारिश होती है तो किसानों की छह महीने की मेहनत बेकार हो जाएगी।
- वचन चौधरी, किसान
आसमान में छाए बादलों को देखकर गेहूं की फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। अब गेहूं कटाई के लिए मजदूर तक नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में फसल बचाने में दिक्कत होगी।
-अरुण पंवार, किसान
विज्ञापन
क्षेत्र के किसान साधूराम सैनी, मनोज शर्मा, रतिराम कुमार, मनीष पंवार, मंजीत सिंह आदि का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल पककर तैयार है। कुछ किसानों ने गेहूं की कटाई शुरू कर दी है। ऐसे में उन्हें चिंता है कि यदि इस समय बारिश हुई तो उनका गेहूं भीग जाएगा। इसके बाद इसे थ्रेसिंग करवाने में लंबा समय लगेगा। वहीं गेहूं की गुणवत्ता भी खराब हो जाएगी। राम स्वरूप सिंह और मेघराज का कहना है कि उनका गेहूं पककर तैयार है लेकिन अब वे मौसम को देखकर एक या दो दिन रुकेंगे। पिछली बार उनका करीब 30 बीघा गेहूं कटने के बाद भीग जाने से खराब हो गया था। उसे गेहूं तौल केंद्रों पर भी नहीं लिया गया। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि इस समय हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक होगी। हालांकि क्षेत्र से 50 फीसदी गेहूं कट चुका है। अगले 10 से 15 दिन में पूरा गेहूं काट दिया जाएगा।
विज्ञापन
बादल छाने से गेहूं की कटाई हुई तेज
मौसम का मिजाज बदलते ही गेहूं उत्पादक तेजी से फसल की कटाई में जुट गए हैं। इकबालपुर, लकनौता व झबरेड़ा क्षेत्र में रबी की मुख्य फसल गेहूं को कटाई चल रही है लेकिन बुधवार को आसमान में अचानक बादल छा गए। कटी हुई फसल के बारिश में भीगने के डर से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसान खेत से काटी गई फसल की थ्रेशिंग करवाने के लिए मशीन मालिकों के चक्कर काट रहे हैं। सहायक कृषि विकास अधिकारी राजबीर सिंह का कहना है कि गेहूं की थ्रेसिंग तुरंत करवा लें। बाकी फसल की कटाई मौसम साफ होने पर ही करें। खेत में कटी पड़ी फसल के भीगने से गेहूं का दाना काला पड़ जाता है इसका दाम भी कम मिलता है। खेत में खड़ी फसल को बारिश में भीगने से कोई नुकसान नहीं होता है।
विज्ञापन
किसानों ने बताई चिंता
खेत में गेहूं की फसल तैयार है। इस समय हल्की बारिश भी होती है तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। पिछले साल भी कई किसानों की फसल बारिश के चलते खराब हो गई थी।
- मनोज कुमार, किसान
किसान कभी सूखा तो कभी बारिश और कभी मंदी की मार झेल रहा है। गेहूूं की फसल के लिए बारिश इस समय नुकसानदायक होगी। वे जल्द गेहूं कटवाकर थ्रेसिंग मशीन में निकलवाएंगे।
- धर्मवीर सिंह, किसान
गेहूं की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है। वहीं अब आसमान में बादल छाने लगे हैं। यदि इस समय बारिश होती है तो किसानों की छह महीने की मेहनत बेकार हो जाएगी।
- वचन चौधरी, किसान
आसमान में छाए बादलों को देखकर गेहूं की फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। अब गेहूं कटाई के लिए मजदूर तक नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में फसल बचाने में दिक्कत होगी।
-अरुण पंवार, किसान