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बिजली बहाली में ऊर्जा निगम फेल
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रुड़की स्थित कृष्णा नगर में हाईटेंशन लाइन टूटने के बाद गुल हुई बिजली व फुंके विद्युत उपकरण के बाद
- फोटो : ROORKEE
पटरी से उतरी शहर की बिजली व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को लगातार तीसरी रात 50 हजार से अधिक की आबादी को अंधेरे और उमस भरी गर्मी के बीच गुजारनी पड़ी। वहीं, परेशान शहरवासियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। रात में तार जोड़ने गई ऊर्जा निगम की टीम को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार शाम चार बजे के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल हो पाई। जिस तरह के हालात है, उसमें फिलहाल रात में राहत की उम्मीद कम ही दिखाई दे रही है।
मंगलवार की तरह बुधवार रात भी करीब आठ बजे शहर के राजेंद्रनगर, कृष्णानगर, गणेशपुर, शिवपुरम, रामनगर, शास्त्रीनगर समेत तमाम क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। रामनगर बिजलीघर में दोबारा ओवरलोड के चलते फाल्ट होने से इन क्षेत्रों की 50 हजार से अधिक की आबादी में अंधेरा छा गया। उमस भरी गर्मी में लोग अधिकारियों और बिजलीघर के कंट्रोल रूम में फोन घनघनाने लगे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। रात करीब 11.30 बजे ऊर्जा निगम की टीम कृष्णानगर में तार ठीक करने पहुंची तो स्थानीय लोगों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि तार घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं। इनको तत्काल शिफ्ट कराया जाए। काफी समझाने के बाद लोग शांत हुए और टीम ने तार जोड़ा। कुछ हिस्सों में रात करीब दो बजे बिजली आपूर्ति सुचारु हुई, लेकिन कई इलाकों में सुबह सात बजे तक बिजली गुल रही। कुछ देर के लिए बिजली आई और सुबह नौ बजे फिर गुल हो गई। अधिकांश हिस्सों में शाम चार बजे के बाद भी आपूर्ति सुचारु नहीं हुई।
पहले अघोषित फिर घोषित कटौती ने निकाला पसीना
रातभर खराबी के चलते अघोषित रूप से बिजली कटौती ने लोगों को परेशान किया। ऊर्जा निगम रातभर बिजली आपूर्ति सुचारु कराने में जुटा रहा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद ऊर्जा निगम ने लाइनों की मरम्मत कराने का हवाला देते हुए सुबह नौ बजे से शाम तीन बजे तक की बिजली कटौती की घोषणा की। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
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बिजली के साथ पानी की भी परेशानी
इस गर्मी के सीजन में बिजली व्यवस्था का कुछ ज्यादा ही बुरा हाल है। बिजली गुल होने से बृहस्पतिवार को भी लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया। बिना बिजली के जलसंस्थान के ओवरहेड टैंक भर नहीं पा रहे हैं। इसके चलते लोगों को रात और दिन में पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। जिन लोगों के यहां सरकारी कनेक्शन नहीं है, वे सबमर्सिबल के भरोसे हैं, लेकिन बिजली गुल होने से ये भी ठप हो गए। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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मंगलवार की तरह बुधवार रात भी करीब आठ बजे शहर के राजेंद्रनगर, कृष्णानगर, गणेशपुर, शिवपुरम, रामनगर, शास्त्रीनगर समेत तमाम क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। रामनगर बिजलीघर में दोबारा ओवरलोड के चलते फाल्ट होने से इन क्षेत्रों की 50 हजार से अधिक की आबादी में अंधेरा छा गया। उमस भरी गर्मी में लोग अधिकारियों और बिजलीघर के कंट्रोल रूम में फोन घनघनाने लगे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। रात करीब 11.30 बजे ऊर्जा निगम की टीम कृष्णानगर में तार ठीक करने पहुंची तो स्थानीय लोगों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि तार घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं। इनको तत्काल शिफ्ट कराया जाए। काफी समझाने के बाद लोग शांत हुए और टीम ने तार जोड़ा। कुछ हिस्सों में रात करीब दो बजे बिजली आपूर्ति सुचारु हुई, लेकिन कई इलाकों में सुबह सात बजे तक बिजली गुल रही। कुछ देर के लिए बिजली आई और सुबह नौ बजे फिर गुल हो गई। अधिकांश हिस्सों में शाम चार बजे के बाद भी आपूर्ति सुचारु नहीं हुई।
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पहले अघोषित फिर घोषित कटौती ने निकाला पसीना
रातभर खराबी के चलते अघोषित रूप से बिजली कटौती ने लोगों को परेशान किया। ऊर्जा निगम रातभर बिजली आपूर्ति सुचारु कराने में जुटा रहा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद ऊर्जा निगम ने लाइनों की मरम्मत कराने का हवाला देते हुए सुबह नौ बजे से शाम तीन बजे तक की बिजली कटौती की घोषणा की। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
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बिजली के साथ पानी की भी परेशानी
इस गर्मी के सीजन में बिजली व्यवस्था का कुछ ज्यादा ही बुरा हाल है। बिजली गुल होने से बृहस्पतिवार को भी लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया। बिना बिजली के जलसंस्थान के ओवरहेड टैंक भर नहीं पा रहे हैं। इसके चलते लोगों को रात और दिन में पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। जिन लोगों के यहां सरकारी कनेक्शन नहीं है, वे सबमर्सिबल के भरोसे हैं, लेकिन बिजली गुल होने से ये भी ठप हो गए। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।