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Roorkee News: सड़क और नालियों पर खर्च होंगे आठ करोड़
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नगर निगम क्षेत्र में सड़क और नालियों के निर्माण पर आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए 100 से अधिक विकास कार्यों के टेंडर जारी करने की तैयारी अंतिम चरण में है। नगर निगम बरसात से पहले अधिक से अधिक काम पूरा कराने की कोशिश में है।
नगर निगम की डेढ़ वर्ष में आयोजित तीन बोर्ड बैठकों में शहर के विभिन्न वार्डों से जुड़े सैकड़ों विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित किए गए थे। इनमें सड़क निर्माण, नाली निर्माण, इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्य शामिल हैं। बावजूद इसके बड़ी संख्या में प्रस्तावों पर अब तक टेंडर जारी नहीं हो पाए थे जिससे विकास कार्य शुरू नहीं हो सके।
विकास कार्यों में देरी को लेकर स्थानीय पार्षद लगातार नगर निगम प्रशासन के समक्ष नाराजगी जता रहे थे। पार्षदों का कहना था कि बरसात शुरू होने से पहले निर्माण कार्यों को शुरू कराया जाना आवश्यक है अन्यथा कई वार्डों में जलभराव और खराब सड़कों की समस्या बनी रहेगी। अब नगर निगम प्रशासन ने 100 से अधिक निर्माण कार्यों के टेंडर जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इन कार्यों पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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अधिकारियों का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। मेयर अनीता अग्रवाल ने बताया कि निर्माण कार्यों में देरी का मुख्य कारण निर्माण एजेंसियों और फर्मों के पंजीकरण की प्रक्रिया थी। हाल ही में यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जिसके बाद टेंडर जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक कार्य बरसात से पहले पूरे करा लिए जाए ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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नगर निगम की डेढ़ वर्ष में आयोजित तीन बोर्ड बैठकों में शहर के विभिन्न वार्डों से जुड़े सैकड़ों विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित किए गए थे। इनमें सड़क निर्माण, नाली निर्माण, इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्य शामिल हैं। बावजूद इसके बड़ी संख्या में प्रस्तावों पर अब तक टेंडर जारी नहीं हो पाए थे जिससे विकास कार्य शुरू नहीं हो सके।
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विकास कार्यों में देरी को लेकर स्थानीय पार्षद लगातार नगर निगम प्रशासन के समक्ष नाराजगी जता रहे थे। पार्षदों का कहना था कि बरसात शुरू होने से पहले निर्माण कार्यों को शुरू कराया जाना आवश्यक है अन्यथा कई वार्डों में जलभराव और खराब सड़कों की समस्या बनी रहेगी। अब नगर निगम प्रशासन ने 100 से अधिक निर्माण कार्यों के टेंडर जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इन कार्यों पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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अधिकारियों का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। मेयर अनीता अग्रवाल ने बताया कि निर्माण कार्यों में देरी का मुख्य कारण निर्माण एजेंसियों और फर्मों के पंजीकरण की प्रक्रिया थी। हाल ही में यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जिसके बाद टेंडर जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक कार्य बरसात से पहले पूरे करा लिए जाए ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।