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Roorkee News: 3डी तकनीक से घर बनाने वाली सीएसआईआर-सीबीआरआई की टीम सम्मानित
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ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक से किफायती और मजबूत आवास तैयार करने की दिशा में काम कर रही सीएसआईआर-सीबीआरआई की टीम को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। 30 अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित शांति स्वरूप भटनागर सभागार में सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी ने 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग (3डीसीपी) पीएमएवाई-जी आवास निर्माण पायलट परियोजना से जुड़ी टीम को सम्मानित किया। इस दौरान सीएसआईआर-सीबीआरआई के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार रामनचार्ला और सीएसआईआर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में संचालित इस परियोजना के तहत कुल 177 मकानों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें बुर्रीपालेम में 100 और पोथुरु में 77 आवास शामिल हैं। परियोजना में 3डी प्रिंटिंग तकनीक से तैयार मॉड्यूलर खोखले कंक्रीट ब्लॉकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन्हें नियंत्रित परिस्थितियों में तैयार कर जोड़कर मकानों की दीवारें बनाई जाती हैं। इस परियोजना में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, सीएसआईआर-सीबीआरआई और आंध्र प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।
टीम ने निर्माण सामग्री के विकास, आवासों की डिजाइनिंग, उत्पादन और संयोजन व्यवस्था तैयार करने के साथ ही आपदा व जलवायु संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखकर तकनीक विकसित की। सम्मानित टीम में डॉ. अजय चौरसिया, आशीष कपूर और शुभम कुमार शामिल हैं। अधिकारियों ने टीम के नवाचार, तकनीकी दक्षता और समर्पण की सराहना की। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत में तेजी से टिकाऊ आवास निर्माण की संभावनाओं को मजबूत करती है।
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आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में संचालित इस परियोजना के तहत कुल 177 मकानों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें बुर्रीपालेम में 100 और पोथुरु में 77 आवास शामिल हैं। परियोजना में 3डी प्रिंटिंग तकनीक से तैयार मॉड्यूलर खोखले कंक्रीट ब्लॉकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन्हें नियंत्रित परिस्थितियों में तैयार कर जोड़कर मकानों की दीवारें बनाई जाती हैं। इस परियोजना में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, सीएसआईआर-सीबीआरआई और आंध्र प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।
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टीम ने निर्माण सामग्री के विकास, आवासों की डिजाइनिंग, उत्पादन और संयोजन व्यवस्था तैयार करने के साथ ही आपदा व जलवायु संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखकर तकनीक विकसित की। सम्मानित टीम में डॉ. अजय चौरसिया, आशीष कपूर और शुभम कुमार शामिल हैं। अधिकारियों ने टीम के नवाचार, तकनीकी दक्षता और समर्पण की सराहना की। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत में तेजी से टिकाऊ आवास निर्माण की संभावनाओं को मजबूत करती है।
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