{"_id":"5f3581348ebc3e3cce36e885","slug":"crushing-session-will-begin-at-the-end-of-october-roorkee-news-drn3530770154","type":"story","status":"publish","title_hn":"अक्टूबर माह के अंत में शुरू हो जाएंगा पेराई सत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अक्टूबर माह के अंत में शुरू हो जाएंगा पेराई सत्र
विज्ञापन
हरिद्वार जनपद के तीनों शुगर मिलों ने पेराई सत्र को शुरू करने के लिए तैयारियां तेज कर दी है। अक्तूबर के अंत में तीनों शुगर मिलों के पेराई सत्र शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। शुगर मिल इससे पहले सभी तैयारियों को पूरा करने में जुटे हुए है ताकि किसानों का गन्ना समय पर पेराई किया जा सके।
हरिद्वार जनपद में करीब 80 हजार गन्ना किसान हैं, जो गन्ना समितियों के माध्यम से लक्सर, इकबालपुर व लिब्बरहेड़ी शुगर मिलों को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। इसके बाद शुगर मिल गन्ना का भुगतान भी गन्ना समितियों के माध्यम से ही किसानों को भेजते हैं। इन दिनों गन्ना समितियों व शुगर मिलों में नए पेराई सत्र को लेकर तैयारियां चल रही है। अधिकारियों के अनुसार 30 अक्तूबर तक तीनों शुगर मिलों का पेराई सत्र हो जाएगा। इसके चलते तैयारियां तेज कर दी है। शुगर मिलों के द्वारा यार्ड को ठीक करने के साथ ही मरम्मत का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही गन्ना विभाग ने सर्वे की फीडिंग का काम शुरू कर दिया है, जो लगभग पंद्रह दिन में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पेराई सत्र की शुरुआत के साथ ही ऑनलाइन पर्ची जारी की जाएगी। इसके बाद शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू होने के साथ ही गन्ना पर्चियों का वितरण किया जाएगा।
मिल पर बकाया है 275 करोड़ का भुगतान
शुगर मिल और गन्ना विभाग नए पेराई सत्र की तैयारियां भले ही कर रहे हो, लेकिन दूसरी ओर शुगर मिलों पर विगत सत्र का करीब 275 करोड़ का भुगतान बकाया है। ऐसे में जिस रफ्तार से शुगर मिलें भुगतान कर रही हैं, ऐसे में नए पेराई सत्र शुरू होने से पहले संपूर्ण भुगतान होना असंभव लग रहा है।
विज्ञापन
शुगर मिल व विभाग नए पेराई सत्र को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि नए पेराई सत्र में किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। उम्मीद है कि 30 अक्तूूबर तक तीनों शुगर मिलों का पेराई सत्र शुरू हो जाएगा।
-- शैलेंद्र सिंह, सहायक गन्ना आयुक्त, हरिद्वार
विज्ञापन
हरिद्वार जनपद में करीब 80 हजार गन्ना किसान हैं, जो गन्ना समितियों के माध्यम से लक्सर, इकबालपुर व लिब्बरहेड़ी शुगर मिलों को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। इसके बाद शुगर मिल गन्ना का भुगतान भी गन्ना समितियों के माध्यम से ही किसानों को भेजते हैं। इन दिनों गन्ना समितियों व शुगर मिलों में नए पेराई सत्र को लेकर तैयारियां चल रही है। अधिकारियों के अनुसार 30 अक्तूबर तक तीनों शुगर मिलों का पेराई सत्र हो जाएगा। इसके चलते तैयारियां तेज कर दी है। शुगर मिलों के द्वारा यार्ड को ठीक करने के साथ ही मरम्मत का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही गन्ना विभाग ने सर्वे की फीडिंग का काम शुरू कर दिया है, जो लगभग पंद्रह दिन में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पेराई सत्र की शुरुआत के साथ ही ऑनलाइन पर्ची जारी की जाएगी। इसके बाद शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू होने के साथ ही गन्ना पर्चियों का वितरण किया जाएगा।
विज्ञापन
मिल पर बकाया है 275 करोड़ का भुगतान
शुगर मिल और गन्ना विभाग नए पेराई सत्र की तैयारियां भले ही कर रहे हो, लेकिन दूसरी ओर शुगर मिलों पर विगत सत्र का करीब 275 करोड़ का भुगतान बकाया है। ऐसे में जिस रफ्तार से शुगर मिलें भुगतान कर रही हैं, ऐसे में नए पेराई सत्र शुरू होने से पहले संपूर्ण भुगतान होना असंभव लग रहा है।
विज्ञापन
शुगर मिल व विभाग नए पेराई सत्र को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि नए पेराई सत्र में किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। उम्मीद है कि 30 अक्तूूबर तक तीनों शुगर मिलों का पेराई सत्र शुरू हो जाएगा।
-- शैलेंद्र सिंह, सहायक गन्ना आयुक्त, हरिद्वार