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जमीन में गड़ी शराब निकालने पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच नोकझोंक
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की(चुड़ियाला)
जहरीली शराब से बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद ग्रामीण रविवार को खुद ही घरों और खेतों में दबी कच्ची शराब निकालने में जुट गए, लेकिन आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस को यह बात गले नहीं उतरी। ग्रामीणों ने पुलिस को जमीन में शराब दबी होने की जानकारी दी तो आरोप है कि पुलिस ने ग्रामीणों को खुदाई करने से रोक दिया। साथ ही यह भी कहा कि यह काम आबकारी विभाग का है। इसके बाद ग्रामीणों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। गुस्साए ग्रामीण धरने पर बैठ गए। साथ ही उन्होंने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में थानाध्यक्ष के समझाने पर वे शांत हुए।
क्षेत्र में पिछले तीन दिनों में जहरीली शराब पीने से दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत के बाद अवैध शराब का विरोध करते आ रहे बाल्लुपुर के ग्रामीण एकजुट हो गए। रविवार उन्होंने को गांव और खेतों में खुद ही सर्च अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान दो दर्जन से अधिक युवाओं ने दो जगह खेतों में गड्ढा खोदकर दबाया गया लाहन निकाला। इसके अलावा एक खेत से दो लीटर कच्ची शराब और शराब की सात खाली केन भी मिली। खेतों में कई जगह शराब बनाने के काम में आने वाले केमिकल के रैपर भी मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने बाल्लुपुर के घरों में भी अभियान चलाया। यहां शराब का कारोबार करने वाले कई ग्रामीणों के घरों में ताले लटके थे। एक घर के बराबर में आंगन में फावड़े से जमीन खोदी गई तो यहां से भी लाहन दबा मिला। इसी दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण, पुलिस को शराब की जानकारी देने लगे, लेकिन पुलिस को यह बात कुछ नागवार गुजरी। ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में तैनात इकबालपुर चौकी प्रभारी अजय जाटव ने कहा कि यह काम आबकारी विभाग है। यहां के ग्रामीण खुद ही शराब बनाते हैं और फिर खुद विरोध भी करते हैं। इसके बाद ग्रामीणों और पुलिस के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। इसके बाद ग्रामीण धरने पर बैठ गए। साथ ही पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही आननफानन में झबरेड़ा थानाध्यक्ष कमल मोहन भंडारी, सहायक आबकारी आयुक्त बीएस चौहान समेत भगवानपुर और झबरेड़ा थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। थानाध्यक्ष भंडारी ने ग्रामीणों को उनके अनुरूप कार्रवाई का आश्वासन दिलाकर समझाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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आबकारी विभाग के सर्च अभियान पर उठे सवाल
जिस तरह से ग्रामीणों ने खेतों और घरों में अभियान चलाकर जमीन में दबी कच्ची शराब को ढूंढ निकाला, उससे आबकारी विभाग के सर्च अभियान पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। बाल्लुपुर गांव में आबकारी विभाग दो दिन से सर्च अभियान चला रहा है। शासन के निर्देश पर टीमें दिनरात काम करने की दावा कर रही हैं। इसके बावजूद यह शराब और लाहन उनके पकड़ में क्यों नहीं आई?
हाल ही में तैनात इकबालपुर चौकी प्रभारी और ग्रामीणों के बीच कुछ गलतफहमी हो गई थी। बाद में ग्रामीणों को समझाया गया। अब मामला पूरी तरह शांत हो गया है।
-डीएस रावत, सीओ मंगलौर
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जहरीली शराब से बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद ग्रामीण रविवार को खुद ही घरों और खेतों में दबी कच्ची शराब निकालने में जुट गए, लेकिन आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस को यह बात गले नहीं उतरी। ग्रामीणों ने पुलिस को जमीन में शराब दबी होने की जानकारी दी तो आरोप है कि पुलिस ने ग्रामीणों को खुदाई करने से रोक दिया। साथ ही यह भी कहा कि यह काम आबकारी विभाग का है। इसके बाद ग्रामीणों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। गुस्साए ग्रामीण धरने पर बैठ गए। साथ ही उन्होंने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में थानाध्यक्ष के समझाने पर वे शांत हुए।
क्षेत्र में पिछले तीन दिनों में जहरीली शराब पीने से दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत के बाद अवैध शराब का विरोध करते आ रहे बाल्लुपुर के ग्रामीण एकजुट हो गए। रविवार उन्होंने को गांव और खेतों में खुद ही सर्च अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान दो दर्जन से अधिक युवाओं ने दो जगह खेतों में गड्ढा खोदकर दबाया गया लाहन निकाला। इसके अलावा एक खेत से दो लीटर कच्ची शराब और शराब की सात खाली केन भी मिली। खेतों में कई जगह शराब बनाने के काम में आने वाले केमिकल के रैपर भी मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने बाल्लुपुर के घरों में भी अभियान चलाया। यहां शराब का कारोबार करने वाले कई ग्रामीणों के घरों में ताले लटके थे। एक घर के बराबर में आंगन में फावड़े से जमीन खोदी गई तो यहां से भी लाहन दबा मिला। इसी दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
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बताया जा रहा है कि ग्रामीण, पुलिस को शराब की जानकारी देने लगे, लेकिन पुलिस को यह बात कुछ नागवार गुजरी। ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में तैनात इकबालपुर चौकी प्रभारी अजय जाटव ने कहा कि यह काम आबकारी विभाग है। यहां के ग्रामीण खुद ही शराब बनाते हैं और फिर खुद विरोध भी करते हैं। इसके बाद ग्रामीणों और पुलिस के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। इसके बाद ग्रामीण धरने पर बैठ गए। साथ ही पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही आननफानन में झबरेड़ा थानाध्यक्ष कमल मोहन भंडारी, सहायक आबकारी आयुक्त बीएस चौहान समेत भगवानपुर और झबरेड़ा थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। थानाध्यक्ष भंडारी ने ग्रामीणों को उनके अनुरूप कार्रवाई का आश्वासन दिलाकर समझाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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आबकारी विभाग के सर्च अभियान पर उठे सवाल
जिस तरह से ग्रामीणों ने खेतों और घरों में अभियान चलाकर जमीन में दबी कच्ची शराब को ढूंढ निकाला, उससे आबकारी विभाग के सर्च अभियान पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। बाल्लुपुर गांव में आबकारी विभाग दो दिन से सर्च अभियान चला रहा है। शासन के निर्देश पर टीमें दिनरात काम करने की दावा कर रही हैं। इसके बावजूद यह शराब और लाहन उनके पकड़ में क्यों नहीं आई?
हाल ही में तैनात इकबालपुर चौकी प्रभारी और ग्रामीणों के बीच कुछ गलतफहमी हो गई थी। बाद में ग्रामीणों को समझाया गया। अब मामला पूरी तरह शांत हो गया है।
-डीएस रावत, सीओ मंगलौर