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विभाग का सिपाही कर रहा था महिला सिपाही उत्पीडन का मुकदमा
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रुड़की। झबरेड़ा थाने में तैनात महिला कांस्टेबल के थाना परिसर स्थित अपने आवास में फांसी लगाने के मामले में पुलिस ने सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात एक सिपाही के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी सिपाही पर मृतका को काफी समय से परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं, घटना की गूंज देहरादून तक पहुंची तो दिनभर पुलिस महकमे में अफरातफरी का माहौल रहा।
देहरादून जिले के त्यूनी क्षेत्र स्थित भाटघड़ी की रहने वाली 24 वर्षीय महिला कांस्टेबल मंजीता चौहान ने बीती रात थाना परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रात को ही घटनास्थल पर पहुंचे एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने घटना की जांच के आदेश दिए थे। सूचना पाकर मृतका के परिजन भी सोमवार दोपहर रुड़की पहुंच गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने कड़ा आक्रोष जताया। साथ ही सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात एक सिपाही पर मृतका का उत्पीड़न करने का आरोप लगाकर तहरीर दी। यही नहीं, उन्होंने थानाध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर थाने में इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई। साथ ही घटना के लिए सिपाही को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसी बीच परिजनों ने घटना की विस्तृत जांच होने तक मृतका का शव लेने से ही इनकार कर दिया। सूचना पाकर एसपी देहात एसके सिंह, सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट, सीओ मंगलौर अभय प्रताप सिंह और आसपास के थानों के प्रभारी भी सिविल अस्पताल पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद मृतका के भाई महेंद्र सिंह और अन्य परिजनों को नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाकर मनाया गया। तब वे शव लेने के लिए राजी हुए। पोस्टमार्टम के बाद मृतका का शव हरिद्वार ले जाया गया, जहां खड़खड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। झबरेड़ा थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया कि रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात सिपाही परवेंद्र असवाल के खिलाफ आत्महत्या के उकसाने और एससी एसटी के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
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रुड़की हो गया था स्थानांतरण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला कांस्टेबल झबरेड़ा थाने से अपना स्थानांतरण रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली में कराने के लिए प्रयासरत थी। स्थानांतरण के आदेश भी हो चुके थे, लेकिन स्टाफ की कमी बताकर झबरेड़ा के थाना प्रभारी ने उन्हें रिलीव नहीं किया था। इस मामले को लेकर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
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हाल ही में तय हुई थी शादी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक महिला कांस्टेबल की शादी कुछ समय पहले ही तय हुई थी। दिनभर चले घटनाक्रम के बीच यह भी चर्चा होती रही कि संभवत: मृतका शादी को लेकर खुश नहीं थी और आत्महत्या करने से पहले अपने मंगेतर से भी बात की थी। एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि सभी पहलुओं को देखते हुए मामले की जांच की जा रही है।
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मृतका के परिजन हुए भावुक
झबरेड़ा। पुलिस कांस्टेबल मंजीता के परिजन सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद झबरेड़ा थाने पहुंचे और सरकारी पुलिस क्वार्टर स्थित मृतका के कमरे में पहुंचकर भावुक हो उठे। चाचा कुंवर सिंह चौहान और विक्रम सिंह ने कमरे में रखे हर सामान को बारीकी से देखा। इस दौरान उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। उनका कहना था कि मंजीता बहुत शांत और मृदु स्वभाव की थी। मौके पर सीओ और थानाध्यक्ष भी मौजूद थे। कांस्टेबल की मौत से थाने के स्टॉफ में भी शोक का माहौल है।
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देहरादून जिले के त्यूनी क्षेत्र स्थित भाटघड़ी की रहने वाली 24 वर्षीय महिला कांस्टेबल मंजीता चौहान ने बीती रात थाना परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रात को ही घटनास्थल पर पहुंचे एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने घटना की जांच के आदेश दिए थे। सूचना पाकर मृतका के परिजन भी सोमवार दोपहर रुड़की पहुंच गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने कड़ा आक्रोष जताया। साथ ही सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात एक सिपाही पर मृतका का उत्पीड़न करने का आरोप लगाकर तहरीर दी। यही नहीं, उन्होंने थानाध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर थाने में इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई। साथ ही घटना के लिए सिपाही को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसी बीच परिजनों ने घटना की विस्तृत जांच होने तक मृतका का शव लेने से ही इनकार कर दिया। सूचना पाकर एसपी देहात एसके सिंह, सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट, सीओ मंगलौर अभय प्रताप सिंह और आसपास के थानों के प्रभारी भी सिविल अस्पताल पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद मृतका के भाई महेंद्र सिंह और अन्य परिजनों को नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाकर मनाया गया। तब वे शव लेने के लिए राजी हुए। पोस्टमार्टम के बाद मृतका का शव हरिद्वार ले जाया गया, जहां खड़खड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। झबरेड़ा थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया कि रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात सिपाही परवेंद्र असवाल के खिलाफ आत्महत्या के उकसाने और एससी एसटी के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
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रुड़की हो गया था स्थानांतरण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला कांस्टेबल झबरेड़ा थाने से अपना स्थानांतरण रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली में कराने के लिए प्रयासरत थी। स्थानांतरण के आदेश भी हो चुके थे, लेकिन स्टाफ की कमी बताकर झबरेड़ा के थाना प्रभारी ने उन्हें रिलीव नहीं किया था। इस मामले को लेकर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
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हाल ही में तय हुई थी शादी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक महिला कांस्टेबल की शादी कुछ समय पहले ही तय हुई थी। दिनभर चले घटनाक्रम के बीच यह भी चर्चा होती रही कि संभवत: मृतका शादी को लेकर खुश नहीं थी और आत्महत्या करने से पहले अपने मंगेतर से भी बात की थी। एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि सभी पहलुओं को देखते हुए मामले की जांच की जा रही है।
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मृतका के परिजन हुए भावुक
झबरेड़ा। पुलिस कांस्टेबल मंजीता के परिजन सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद झबरेड़ा थाने पहुंचे और सरकारी पुलिस क्वार्टर स्थित मृतका के कमरे में पहुंचकर भावुक हो उठे। चाचा कुंवर सिंह चौहान और विक्रम सिंह ने कमरे में रखे हर सामान को बारीकी से देखा। इस दौरान उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। उनका कहना था कि मंजीता बहुत शांत और मृदु स्वभाव की थी। मौके पर सीओ और थानाध्यक्ष भी मौजूद थे। कांस्टेबल की मौत से थाने के स्टॉफ में भी शोक का माहौल है।