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आत्मदाह की चेतावनी देने वाले भाजपा नेता को मिली जमानत

Fri, 15 Apr 2022 08:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2022 08:18 PM IST
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Bail to BJP leader who warned of self-immolation
चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर अधिकारियों और भूमाफियाओं पर कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी देने वाले भाजपा नेता जगजीवन राम को शुक्रवार को जमानत दे दी गई। वहीं, जगजीवन राम के परिजनों और किसान नेताओं ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर जांच को अविलंब पूरा किए जाने की मांग की। इस पर जेएम अंशुल सिंह ने अधिकारियों को बुलाकर पहले से निर्धारित की गई तिथि तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जांच में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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चकबंदी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा नेता जगजीवनराम लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। भ्रष्ट अधिकारियों एवं भू माफिया पर कार्रवाई न होने पर उन्होंने 16 अप्रैल को रुड़की तहसील मुख्यालय पर आत्मदाह करने का एलान किया था। इससे पहले भी जगजीवनराम तहसील परिसर में पेड़ पर चढ़ गए थे। इस दौरान उनकी आत्मदाह की चेतावनी ने प्रशासन के हाथ पांव फुलाए रखे। तब प्रशासन ने उन्हें किसी तरह पेड़ से नीचे उतारा। साथ ही चकबंदी विभाग में कथित अनियमितताओं की जांच के बाद तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था लेकिन जांच पूरी नहीं होने पर जगजीवन राम ने फिर से आत्मदाह की चेतावनी दी थी। विगत बृहस्पतिवार को पुलिस प्रशासन की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया था। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस बात की जानकारी मिलने पर भाकियू रोड गुट के प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह रोड के नेतृत्व में रोहित, रणवीर गौतम आदि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के कार्यालय पर पहुंचे। यहां भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड ने कहा कि चकबंदी विभाग के कई अफसरों पर एसआईटी की जांच के बाद एक रिपोर्ट दर्ज की गई थी लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बार-बार जांच कमेटी समय ले रही है। इस दौरान जगजीवनराम के परिजन भी मौजूद रहे।
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वहीं, जेएम अंशुल सिंह ने अधिकारियों को भी बैठक में बुलाया और निर्देश दिए कि इस मामले में सोमवार तक सभी कागजात उपलब्ध करा दिए जाए। यदि कोई आनाकानी करता है तो उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि 25 अप्रैल तक प्रत्येक दशा में अनंतिम एवं 2 मई तक जांच रिपोर्ट उनके टेबल पर आ जानी चाहिए। देर हुई तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। बाद में उन्होंने जगजीवन राम को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
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