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प्रबंधक निदेशक ने दी बायो कंपोस्ट प्लांट चलाने की अनुमति
Updated Thu, 18 Jan 2018 12:29 AM IST
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रुड़की। मंडी समिति में बंद पड़े बायो कंपोस्ट प्लांट को चलाने की अनुमति प्रबंधक निदेशक ने दे दी है। जिसके चलते कुछ और औपाचरिकता पूरी होने के बाद प्लांट को निगम निगम द्वारा संचालित किया जाएगा। घाटे का सौदा साबित हो रहे प्लांट को मंडी समिति द्वारा संचालित नहीं किया जा रहा था।
रुड़की मंडी समिति में करीब चार साल पहले करोड़ों रुपयों की लागत से बायो कंपोस्ट प्लांट का निर्माण कराया गया था। बायो कंपोस्ट प्लांट का उद्देश्य मंडी समिति से निकलने वाले अपशिष्ट प्रदार्थों से जैविक खाद तैयार करना था। जिससे मंडी की साफ-सफाई के साथ आमदनी बढाना भी एक उद्देश्य था। कुछ दिनों तक बायो कंपोस्ट प्लांट को चलाने के बाद मंड़ी समिति ने इसे बंद कर दिया था। मंडी समिति के अधिकारियों का कहना था कि प्रतिमाह प्लांट को चलाने में करीब पचास हजार का खर्च आता है। जिसके सापेक्ष 50 रुपयों का भी जैविक खाद नहीं बिकता है। जिसके चलते यह वर्षों से बंद पड़ा था। पिछले दिनों नगर निगम के अधिकारियों ने बायो कंपोस्ट प्लांट को चलाने की अनुमति मांगी थी। जिसके चलते मंडी समिति के अधिकारियों ने प्रस्ताव बनाकर प्रबंध निदेशक के पास भेज दिया था। जिसे लेकर प्रबंधक निदेशक ने अनुमति दे दी है। मंड़ी समिति के सचिव अशोक जोशी ने बताया कि प्रस्ताव पर अनुमति मिल गई है। जिसके चलते अब कुछ ओर प्रक्रिया पूरी करने के बाद नगर निगम के हवाले कर दिया जाएगा।
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रुड़की मंडी समिति में करीब चार साल पहले करोड़ों रुपयों की लागत से बायो कंपोस्ट प्लांट का निर्माण कराया गया था। बायो कंपोस्ट प्लांट का उद्देश्य मंडी समिति से निकलने वाले अपशिष्ट प्रदार्थों से जैविक खाद तैयार करना था। जिससे मंडी की साफ-सफाई के साथ आमदनी बढाना भी एक उद्देश्य था। कुछ दिनों तक बायो कंपोस्ट प्लांट को चलाने के बाद मंड़ी समिति ने इसे बंद कर दिया था। मंडी समिति के अधिकारियों का कहना था कि प्रतिमाह प्लांट को चलाने में करीब पचास हजार का खर्च आता है। जिसके सापेक्ष 50 रुपयों का भी जैविक खाद नहीं बिकता है। जिसके चलते यह वर्षों से बंद पड़ा था। पिछले दिनों नगर निगम के अधिकारियों ने बायो कंपोस्ट प्लांट को चलाने की अनुमति मांगी थी। जिसके चलते मंडी समिति के अधिकारियों ने प्रस्ताव बनाकर प्रबंध निदेशक के पास भेज दिया था। जिसे लेकर प्रबंधक निदेशक ने अनुमति दे दी है। मंड़ी समिति के सचिव अशोक जोशी ने बताया कि प्रस्ताव पर अनुमति मिल गई है। जिसके चलते अब कुछ ओर प्रक्रिया पूरी करने के बाद नगर निगम के हवाले कर दिया जाएगा।
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