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नगला सलारू गांव में 17 साल बाद चकबंदी का कार्य शुरू
Updated Sun, 25 Mar 2018 12:23 AM IST
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मंगलौर। नगला सलारू गांव में 17 साल बाद चकबंदी प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। नायाब चकबंदी अधिकारी की देख-रेख और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्य शुरू किया गया है।
नारसन ब्लॉक के नगला सलारू व लिब्बरहेड़ी गांव में चकबंदी कार्य पूरा नहीं हो पाया था। यह कार्य विगत 17 वर्षों से अटका हुआ था। पिछले दिनों लिब्बरहेड़ी में हुई बैठक मेें ग्रामीणों ने चकबंदी कराने की मांग डीएम दीपक रावत से की थी। डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की और चकबंदी विभाग के अधिकारियों को चकबंदी शुरू कराने के निर्देश दिए थे। नगला सलारू में शनिवार को कानूनगो महेंद्र सिंह, चकबंदी लेखपाल चंद्रशेखर व अन्य कर्मियों ने कार्य शुरू किया। नगला सलारू में 60 प्रतिशत किसान ऐसे हैं जो कि निशानदेही के बाद भी दूसरे किसानों को जमीन पर कब्जा नहीं दे रहे थे। इससे कई किसान परेशान हैं। नायाब चकबंदी अधिकारी अनिल सिघंल ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में चल रही प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण कर ली जाएगी। आला अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। ब्यूरो
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नारसन ब्लॉक के नगला सलारू व लिब्बरहेड़ी गांव में चकबंदी कार्य पूरा नहीं हो पाया था। यह कार्य विगत 17 वर्षों से अटका हुआ था। पिछले दिनों लिब्बरहेड़ी में हुई बैठक मेें ग्रामीणों ने चकबंदी कराने की मांग डीएम दीपक रावत से की थी। डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की और चकबंदी विभाग के अधिकारियों को चकबंदी शुरू कराने के निर्देश दिए थे। नगला सलारू में शनिवार को कानूनगो महेंद्र सिंह, चकबंदी लेखपाल चंद्रशेखर व अन्य कर्मियों ने कार्य शुरू किया। नगला सलारू में 60 प्रतिशत किसान ऐसे हैं जो कि निशानदेही के बाद भी दूसरे किसानों को जमीन पर कब्जा नहीं दे रहे थे। इससे कई किसान परेशान हैं। नायाब चकबंदी अधिकारी अनिल सिघंल ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में चल रही प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण कर ली जाएगी। आला अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। ब्यूरो
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