{"_id":"9dd143acd0650447dc2312c596a336f1","slug":"roadmap-to-clear-debris-from-kedarnath","type":"story","status":"publish","title_hn":"केदारनाथ से मलबा हटाने का रोडमैप तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केदारनाथ से मलबा हटाने का रोडमैप तैयार
देहरादून/अरुणेश पठानिया
Updated Sun, 21 Jul 2013 04:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केदारनाथ मंदिर परिसर से मलबे के निस्तारण से लेकर दबी लाशों को निकाल कर पुनिर्माण का रोडमैप राज्य सरकार ने तैयार कर लिया है।
विज्ञापन
इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड (ईपीआईएल) का इसमें सहयोग लिया जाएगा। जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया और आर्कियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (जीएसआई) के विशेषज्ञों के साथ ईपीआईएल की टीम रविवार को केदारनाथ का सर्वेक्षण करेंगी।
ईपीआईएल की टीम में पांच सौ विशेषज्ञ हैं, जिनकी मदद से राज्य सरकार केदारनाथ को दोबारा बसाने में मदद लेगी। शनिवार को ईपीआईएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एसपीएस बक्शी ने मुख्य सचिव सुभाष कुमार से मुलाकात की।
विज्ञापन
संस्थान केदारनाथ मंदिर के साथ रामबाड़ा, गौरीकुंड आदि प्रभावित क्षेत्रों से मलबा हटाने व शवों के निकालने के बाद पुनर्निर्माण करने का खाका तैयार किया जा रहा है। टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बडे़-बडे़ बोल्डर और भारी मात्रा में आये मलबे को हटाने की है।
विज्ञापन
मलबा हटाने के बाद केदारनाथ में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त 48 भवनों को गिराया जाना है। आशंका जताई जा रही है कि इन भवनों और मलबे में दबे हुए शव भी निकलेंगे। जिन्हें निकाल कर उनका अंतिम संस्कार किया जाना है। राज्य सरकार के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर सहयोग करेंगे।
सोनोग्राफी होगी, मशीनें पहुंचेगी जल्द
ईपीआईएल के सीएमडी एसपीएस बक्शी ने बताया कि चेन से चलने वाली 15 पोक्लाइन, 15 डंपर और ट्रकों के साथ रॉक ब्रेकर और अन्य मशीनें दिल्ली से रवाना हो चुकी हैं।
कार्य शुरू करने से पहले सोनोग्राफी करवाई जाएगी। सबसे पहले ईपीआईएल के विशेषज्ञों के साथ एएसआई और जीएसआई के दल के साथ कार्य स्थल की रैकी करेंगे।
एमआई 26 से पहुंचेगी भारी मशीनें
मलबा हटाने व पुनर्निमाण के कार्य में वायुसेना अपना सहयोग देगी। एमआई 26 हेलीकाप्टरों की मदद से ईपीआईएल की भारी मशीनों को केदारनाथ पहुंचाया जा सकता है।
मशीनों के कल-पुर्जों को जोड़कर (एसेंम्बल) कर मलबा हटाने के कार्य में लगाया जायेगा। इसके अलावा एमआई 17 हेल्काप्टर भी इस अभियान में सहयोग देंगे।