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सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक है योग और गंगा : सतपाल

Sat, 08 Mar 2025 02:06 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Updated Sat, 08 Mar 2025 02:06 AM IST
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Yoga and Ganga are symbols of cultural and spiritual heritag
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड पवित्र गंगा का ही नहीं बल्कि योग का भी उद्गम स्थल है। योग और गंगा भारत के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक है।
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पर्यटन मंत्री शुक्रवार को मुनि की रेती स्थित जीएमवीएन गंगा रिजॉर्ट में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने योगाचार्यों को सम्मानित किया। कहा कि ऋषिकेश न केवल चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार है, बल्कि योग व आध्यात्म की अंतरराष्ट्रीय राजधानी भी है। इस देवभूमि में ऋषि-मुनियों ने कठिन साधना कर स्वास्थ्य रक्षण के लिए योग और प्रणायाम के ऐसे सूत्र तलाशे हैं जो मानव सभ्यता के लिए वरदान साबित हुए हैं।
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दुनियाभर के संत, महात्मा और साधक यहां की आध्यात्मिक शांति के मोहपाश में बंध कर प्रतिवर्ष हजारों, लाखों की संख्या में देवभूमि में पहुंचते हैं। उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें 38 विदेशी समेत 410 प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योगाभ्यास किया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के साधकों ने विभिन्न यौगिक मुद्राओं का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने कत्थक नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। इस मौके पर पूर्व पर्यटन मंत्री अमृत सिंह, योगाचार्य प्रेमबाबा, योगिनी उषा माता, योगाचार्य सिद्धार्थ,विशाल मिश्रा, विप्रा त्रिवेदी, एसपीएस रावत, विश्वनाथ बेंजवाल आदि मौजूद थे।
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पर्यटन के क्षेत्र में तलाशी जा रही नई-नई संभावनाएं : मंत्री

पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में नई-नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। सीमांत गांव जादुंग को पुनः होम स्टे के रूप में स्थापित किया जा रहा है। गरतांग वैली के पुराने मार्ग को पुनः शुरू किया जा रहा है। टिम्मरसैण महादेव जहां पर स्वयं-भू शिवलिंग बर्फ से बना हुआ है, उसको पर्यटन की दृष्टि से और विकसित किया जा रहा है। लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर के दर्शन भारत की धरती से किए जा सकेंगे। कहा, अब श्री केदारनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुगम बनाने के लिए इन स्थानों को रोपवे से जोड़ो जाने की योजना है, जो शीघ्र ही धरातल पर दिखेगी।




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इन्हें किया गया सम्मानित



पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने योगाचार्य भाग्यश्री जोशी, डॉ. सुरेंद्र रयाल, कपिल संघी, स्वामी बोद्धी वर्धमान, योगी महेश, डॉ. लक्ष्मीनारायण जोशी, स्वामी जितानंद, योगी कमल सिंह, डॉ. विपिन जोशी, डाॅ. एसके पांडे, डॉ. नवदीप जोशी, योगाचार्य राजीव तिवारी, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, चंद्रवीर पोखरियाल, योगी देवेंद्र, डाॅ. अनिल थपलियाल और आयुष विभाग से डॉ. राकेश प्रसाद सेमवाल, मनोज बिष्ट, हेल्थ एंड मेडिकल सर्विस से डॉ. वंदना कण्डवाल को आदि स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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