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यात्रा संचालित करने वाली एजेंसियां ही कैंपस से बाहर
हेमवती नंदन भट्ट/ऋषिकेश।
Updated Mon, 17 Apr 2017 01:02 AM IST
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चारधाम यात्रा
- फोटो : Demo Pic
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विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए तीर्थनगरी में स्थापित चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड से इस साल भी यात्रा का संचालन नहीं हो पाएगा। कारण इस बार भी कंपाउंड में यात्रा संचालित करने वाली संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति को कार्यालय संचालन के लिए स्थान नहीं दिया गया है।
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लिहाजा समिति को अपनी पुरानी जर्जर बिल्डिंग से ही यात्रा संचालित करनी होगी। इतना ही नहीं एशिया की सबसे बड़ी निजी परिवहन से जुड़ी नौ कंपनियों के बस बेड़े में शामिल किसी भी कंपनी को बीटीसी परिसर में बुकिंग और यात्रा अथवा लोकल बसों के संचालन को कार्यालय, बुकिंग काउंटर आदि के लिए स्थान नहीं दिया गया है।
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गौरतलब है कि यात्रा के सुव्यवस्थित संचालन के लिए चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड का निर्माण केंद्र सरकार की हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम मेगा पर्यटन सर्किट योजना के तहत किया गया था।
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इसमें संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति, सभी नौ निजी परिवहन कंपनियों को कार्यालय उपलब्ध कराए जाने थे, लेकिन पर्यटन विभाग और नगर पालिका ऋषिकेश ने चार साल बाद भी इन्हें स्थान नहीं दे पाई है। इसके चलते रोटेशन व्यवस्था समिति को अपनी वर्षों पुरानी निजी बिल्डिंग से ही यात्रा का संचालन करना पड़ेगा।
इसी तरह निजी परिवहन कंपनियों की यात्रा और लोकल रूटों की बुकिंग निजी कार्यालयों से करनी होगी। ऐसे में चारधाम यात्रा के सुव्यवस्थित संचालन वाली 12 करोड़ की योजना का लाभ इन एजेंसियों को नहीं मिल पा रहा है।
क्लॉक रूम पर ताले
बस ट्रांजिट कंपाउंड में यात्रियों के विश्राम के लिए बने स्थानों पर दुकानों का संचालन हो रहा है। यात्रियों का सामान रखने के लिए बने क्लॉक रूम पर ताले लगे हैं। जिस मुख्य बिल्डिंग में चारधाम और लोकल यात्रा बुकिंग काउंटर होने थे वहां इंदिरा अम्मा कैंटीन है। इतना ही नहीं बाहर से आने वाले यात्रियों और चारधाम-लोकल यात्रा वाहनों के लिए बनी पॉर्किंग में अनधिकृत रूप से खोखे, वाहन वर्कशॉप खुल गए हैं।
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बीटीसी परियोजना अपने उद्देश्य से भटक गई है। जो योजना चारधाम और लोकल यात्रा संचालन के लिए बनी है, उसका उपयोग अन्य कार्यों के लिए किया जा रहा है। इससे यात्रा संचालन में कठिनाइयां आ रही हैं। अधिकारी इसमें सुधार का प्रयास नहीं कर रहे हैं।
बृजभानु प्रताप गिरि, कार्यालय प्रभारी, संयुक्त रोटेशन।
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बीटीसी में परिवहन कंपनियों और संयुक्त रोटेशन को दिए जाने वाले भवनों का किराया लिया जा रहा था। यह सब यात्रा संचालित करने को निशुल्क दिया जाना था। लिहाजा किसी कंपनी ने इसे स्वीकार नहीं किया। यात्रा के लिए बनी योजना का मनमाने ढंग से संचालन हो रहा है।
सुधीर राय, अध्यक्ष संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति।