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जानजोखिम में डालकर डुबकी लगा रहे पर्यटक
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Tue, 31 May 2016 01:01 AM IST
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गंगा
- फोटो : file photo
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पौड़ी पुलिस प्रशासन की उदासीनता गंगा तटों पर नहा रहे यात्री और पर्यटकों पर भारी पड़ रही है। पुलिस की लापरवाही के चलते पर्यटक स्वर्गाश्रम क्षेत्र में गंगातट पर खुलेआम जानजोखिम में डालकर स्नान कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन इन्हें रोकने के बजाय तमाशबीन बनी हुई है।
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तीर्थनगरी में ग्रीष्मकालीन और चारधाम यात्रा के चलते तीर्थयात्रियों की संख्या में दिनप्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। बढ़ती भीड़ और चिलचिलाती गर्मी से निजात पाने के लिए यात्री और पर्यटक पक्के घाटों को छोड़ प्रतिबंन्धित तटों पर डुबकी लगा रहे हैं। हैरत की बात है कि पुलिस प्रतिबंधित तटों पर खानापूर्ति के लिए बोर्ड चस्पा कर इतिश्री कर कर रही है। ऐसे में यदि कोई घटना घटित हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा।
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घाटों पर स्नान करते वक्त पूर्व में कई बार तीर्थ यात्रियों की डूबकर मौत हो चुुकी है। इतने हादसे होोन के बाद भी पुलिस प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। यात्रियों को गंगा घाटों की गहराई की जानकारी देने और उन पर स्नान न करने के लिए पुलिस बल तैनात नहीं रहता है। ऐसे में जाने-अनजाने में यात्री गर्मी सये राहत पाने के लिए गंगा तटों पर सीधे स्नान के लिए पहुंच जाता है।
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गंगा घाटों पर चेतावनी के बोर्ड यात्रियों और पर्यटकों की जानकारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए है। सभी थानों और चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके है कि वे यात्रियों को प्रतिबंधित गंगा घाट पर स्नान के लिए न जाने दे। इसके बाद भी यदि ऐसा है तो जल्द ही संबधित थाना प्रभारी को निर्देशित कर समस्या का समाधान किया जाएगा। - निवेदिता कुकरेती, एसएसपी पौड़ी।