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चाइनीज माझा: तीन लोग लहुलुहान होकर पहुंचे अस्पताल
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05 श्यामपुर में चाइनीज मांजे से गला कटने पर राजकीय चिकित्सालय में उपचार करवाता युवक।
- फोटो : RISHIKESH
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चीनी मांझे से लहूलुहान होकर तीन लोग सरकारी अस्पताल पहुंचे। घायल हुए लोगों ने पतंगों की दुकानों में बिक रहे प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री रोकने की मांग की है।
रविवार को आदर्श ग्राम निवासी अंकित कुकरेती श्यामपुर से ऋषिकेश की ओर आ रहे थे। दोपहर 11 बजे जैसे ही वह खदरी फाटक पर पहुंचे तो तभी एक पतंग उनके आगे जा गिरी। वह कुछ समझ पाते, इतने में चीनी मांझा उनके गले में फंस गया। एक झटके में उनका गला इससे कट गया। गले से खून आने लगा। जैसे तैसे उन्होंने अपनी स्कूटी रोकी। उसके बाद गले में फंसे चीनी मांझे को हटाया और लहूलुहान अवस्था में सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। वहीं प्रगति विहार निवासी एक महिला प्रगति विहार से तहसील में कुछ काम से जा रही थीं। जैसे वह प्रगति विहार से कॉलोनी से बाहर रोड पर आईं तो उनकी स्कूटी के सामने चीनी मांझे की डोर दिखाई दी। जब तक वह कुछ समझतीं, तब तक मांझा उनके पैर में फंस गया। जब तक वह स्कूटी रोकतीं, तब तक चीनी मांझे से उनका पैर लहूलुहान हो गया। घायल अवस्था में महिला सीधे सरकारी अस्पताल पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। वहीं शीशमझाड़ी में कई युवा पतंग उड़ा रहे थे। कटी हुई पतंग को पकड़ने के दौरान हुई छीनाझपटी में एक किशोर की हाथ की दोनों उंगलियां कट गईं। परिजनों ने किशोर का राजकीय चिकित्सालय में इलाज कराया।
वहीं चीनी मांझे से घायल हुए लोगों का कहना था कि प्रशासन और पुलिस की ओर से पतंग की दुकानों में छापामारी न किए जाने से कई दुकानों में प्रतिबंधित चीनी मांझा बिक रहा है, जो कि लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने चीनी मांझे के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है।
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रविवार को आदर्श ग्राम निवासी अंकित कुकरेती श्यामपुर से ऋषिकेश की ओर आ रहे थे। दोपहर 11 बजे जैसे ही वह खदरी फाटक पर पहुंचे तो तभी एक पतंग उनके आगे जा गिरी। वह कुछ समझ पाते, इतने में चीनी मांझा उनके गले में फंस गया। एक झटके में उनका गला इससे कट गया। गले से खून आने लगा। जैसे तैसे उन्होंने अपनी स्कूटी रोकी। उसके बाद गले में फंसे चीनी मांझे को हटाया और लहूलुहान अवस्था में सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। वहीं प्रगति विहार निवासी एक महिला प्रगति विहार से तहसील में कुछ काम से जा रही थीं। जैसे वह प्रगति विहार से कॉलोनी से बाहर रोड पर आईं तो उनकी स्कूटी के सामने चीनी मांझे की डोर दिखाई दी। जब तक वह कुछ समझतीं, तब तक मांझा उनके पैर में फंस गया। जब तक वह स्कूटी रोकतीं, तब तक चीनी मांझे से उनका पैर लहूलुहान हो गया। घायल अवस्था में महिला सीधे सरकारी अस्पताल पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। वहीं शीशमझाड़ी में कई युवा पतंग उड़ा रहे थे। कटी हुई पतंग को पकड़ने के दौरान हुई छीनाझपटी में एक किशोर की हाथ की दोनों उंगलियां कट गईं। परिजनों ने किशोर का राजकीय चिकित्सालय में इलाज कराया।
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वहीं चीनी मांझे से घायल हुए लोगों का कहना था कि प्रशासन और पुलिस की ओर से पतंग की दुकानों में छापामारी न किए जाने से कई दुकानों में प्रतिबंधित चीनी मांझा बिक रहा है, जो कि लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने चीनी मांझे के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है।
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