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मरीजों के लिए डाॅक्टर भगवान, सेवा भाव से करें काम : राज्यपाल

Tue, 21 Nov 2023 11:57 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 21 Nov 2023 11:57 PM IST
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The sixth convocation ceremony of Swami Ram Himalayan
Iएसआरएचयू के छठे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 644 छात्र-छात्राओं को प्रदान की डिग्री
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I14 टॉपरों को स्वर्ण पदक, छह शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिलीI



स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) का मंगलवार को छठा दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने विवि के 21 मेधावी छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की। हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्रा हर्षिता चौहान को स्वामी राम बेस्ट ग्रेजुएट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 644 छात्र-छात्राओं को डिग्री दी गई।



कुलाधिपति डॉ. विजय धस्माना ने मुख्य अतिथि राज्यपाल गुरमीत सिंह को पुष्पगुच्छ और बदरीनाथ मंदिर का स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि डाक्टरों को सेवा और कल्याण के भाव के साथ ही मरीजों के साथ मधुर व्यवहार करना चाहिए। कुछ डाक्टर मरीजों को सुनने से पहली ही पर्चे पर दवा लिखना शुरू कर देते हैं। कहा कि आज भी लोग डाक्टरों में भगवान के रूप में देखते हैं। इसलिए डाक्टरों को सेवा भाव से कार्य करना चाहिए। किसी भी दुर्घटना के बाद के 10 मिनट गोल्डन मिनट होते हैं। इसलिए आमजन को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। पहले एक घंटे के दौरान दिए गए सही इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है।
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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि खुशी है कि देश में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। एसआरएचयू के दीक्षांत समारोह में भी यही देखने को मिला। जिन मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल प्रदान किया। उनमें छात्राओं की संख्या अधिक हैं। इससे पहले राज्यपाल ने विवि कैंपस में शौर्य दीवार पर परमवीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की। कुलाधिपति डॉ. विजय धस्माना ने मेडिकल विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में हमेशा सीखते रहना चाहिए। धैर्य व दृढ़ता को कभी नही छोड़ना चाहिए। कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने मेडिकल विद्यार्थियों को संयमित जीवन जीने के बारे में बताया।
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संचालन डॉ. सीमा मधोक ने किया। दीक्षांत समारोह में भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली। समारोह के आकर्षण का केंद्र छात्र-छात्राओं की वेशभूषा रही। सभी छात्र-छात्राएं भारतीय संस्कृति के पहनावे में नजर आए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा सचिव शैलेश बगोली, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, डायरेक्टर जनरल (एकेडमिक डेवलेपमेंट) डॉ. विजेंद्र चौहान, कुलसचिव डॉ. सुशीला शर्मा, डॉ. प्रकाश केशवया, डॉ. रेनू धस्माना, डॉ. सुनील सैनी, डॉ. अशोक देवराड़ी, डॉ. सीएस नौटियाल व बीओजी-बीओएम सदस्य सहित डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला व विश्वविद्यालय के समस्त कॉलेज प्रधानाचार्य मौजूद रहे।





I644 छात्रों को दी गई डिग्रीI



दीक्षांत समारोह में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के एमबीबीएस 12, एमडी/ एमएस 94, पोस्ट डॉक्टोरल फैलोशिप चार, पैरामेडिकल 151, कम्यूनिटी मेडिसिन 17, एमएचए छह, हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के 149, हिमालयन स्कूल ऑफ बायो साइंसेज के 47, हिमालयन स्कूल ऑफ योगा साइंसेज के 45, हिमालयन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के 79, हिमालयन स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के 34, पीएचडी की छह डिग्री दी गईं।





Iइनको मिला स्वर्ण पदकI



डॉ. स्वामी राम बेस्ट ग्रेजुएट अवॉर्ड हर्षिता चौहान को दिया गया। वहीं, तान्या रावत, सृष्टि अग्रवाल, संजोली आर्य, वर्तिका सैनी, रमशा खान, परमिंदर कौर, आकृष्ट भट्ट, अक्षिता, युक्ता नेगी, ज्योति रावत, सलोनी छाबड़ा, साक्षी कश्यप, आकृति नौटियाल को स्वर्ण पदक दिया गया। छह शोधार्थियों डॉ. एस आलिन अली, डॉ. सुनील मदान, डॉ. पूजा ठाकुर, डॉ. सोनिया रानी, डॉ. लेखा बिष्ट, डॉ. अंशिका अरोड़ा को पीएचडी की उपाधि दी गईं।

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I- संस्थापक डॉ. स्वामी राम के आदर्शों को इस संस्थान के ध्येय वाक्य प्रेम, सेवा और स्मरण में देखा जा सकता है। डॉ. स्वामी राम की तपोभूमि वाला यह विवि उत्तराखंड में आम जनता के लिए शिक्षा के साथ ही गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रहा। दूसरे शिक्षण संस्थानों को भी स्वामी राम हिमालयन विवि की सेवाभाव से प्रेरणा व सीख लेनी चाहिए। - लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, राज्यपालI






Iगोल्ड मेडल और पीएचडी में छात्राएं ने बाजी मारीI

एसआरएचयू के दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त करने में छात्राएं आगे रहीं। 21 स्वर्ण पदक विजेताओं में 18 छात्राएं हैं। डाॅ. स्वामीराम बेस्ट ग्रेजुएट अवार्ड हर्षिता चौहान को दिया गया। जबकि गोल्ड मेडल से सम्मानित होने वाले 14 विद्यार्थियों में 13 छात्राएं शामिल हैं। वहीं पीएचडी की उपाधि पाने वाले छह विद्यार्थियों में से चार छात्राएं हैं।
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