बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

जंक खा रही खुशियों की सवारी, जच्चा-बच्चा झेल रहे परेशानी

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 01:39 AM IST
विज्ञापन
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय परिसर में बदहाल हालत में खड़ी खुशियों की सवारी।
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय परिसर में बदहाल हालत में खड़ी खुशियों की सवारी। - फोटो : RISHIKESH
ख़बर सुनें
ऋषिकेश। प्रसव के बाद सरकारी अस्पताल से जच्चा और बच्चा का घर तक का सफर अब खुशियों भरा नहीं रह गया है। एसपीएस अस्पताल में बारिश हो या तेज धूप प्रसूताएं नवजातों के साथ ईरिक्शा और ऑटो में घर जाने को मजबूर हैं। अस्पताल परिसर में खड़ी खुशियों की सवारी गाड़िया जंक खा रही है। जबकि कई अस्पताल अपने स्तर पर भी खुशियों की सवारी संचालन कर रहे हैं।
विज्ञापन

राज्य में खुशियों की सवारी सेवा की शुरूआत 19 सिंतबर 2011 को की गई थी। पहले जीवीके 108 के साथ खुशियों का संचालन कर रही थी। लेकिन नई कंपनी से अनुबंध होने के बाद दो साल से भी अधिक समय से खुशियों की सवारी का संचालन बंद पड़ा है। इसका खमियाजा सरकारी अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाली प्रसूताओं और नवजातों को भुगताना पड़ रहा है। कई जगह सरकार अस्पताल अपने खर्चें पर खुशियों की सवारी का संचालन भी कर रहे हैं। लेकिन ऋषिकेश में पिछले दो सालों से खुशियों की सवारी की दो गाड़ी अस्पताल परिसर में ही खड़ी। यहां तक इन गाड़ियों की देखरेख भी नहीं हो रही है। दोनों गाड़ियों के टायर पंचर होकर खराब हो चुके है। इन गाड़ियों में जंक भी लग रहा है।

खुशियों की सवारी वाहन का संचालन उच्चस्तर पर ही होगा। उच्चाधिकारियों से आदेश मिलने के बाद वाहनों के संचालन को लेकर कार्यवाही की जाएगी।
- डॉ. विजयेश भारद्वाज, सीएमएस।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X