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सीडीएच से पीडित पांच दिन के शिशु की सफल सर्जरी

Mon, 28 Mar 2022 09:42 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 09:42 PM IST
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Successful surgery of five-day-old newborn suffering from rare disease
हिमालयन हास्पिटल जौलीग्रांट मे जन्मजात डायफ्रामैटिक हर्निया की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित पांच दिन के नवजात शिशु की सफल सर्जरी की गई। इस चुनौती सफल सर्जरी के बाद पांच दिन का शिशु पूरी तरह से स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया है।
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हिमालयन अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के सर्जन डॉ. यासिर अहमद लोन ने बतया िक जन्म लेने के बाद इस एक दिन के बच्चे को हिमालयन अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। शिशु को सांस में कठिनाई और सेचुरेशनल लेवल बहुत कम था। नियोनेटोलाजी विभाग में बच्चे को आवश्यक दवा दी गई और स्थिति सामान्य होने पर पांचवे दिन सर्जरी का निर्णय लिया गया। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. यासिर अहमद लोन के नेतृत्व में डॉ. सुबोध, डॉ.गौरव, डॉ. अर्शिया, डॉ. शलविका और डॉ. वीना अस्थाना की टीम ने सजर्री को अंजाम दिया। डॉ.यासिर ने बताया कि सर्जरी कर बच्चे के डायफ्राम के छेद को बंद कर दिया गया। लेकिन समस्या यह थी कि बच्चे के फेफड़े जो पूरी तरह से विकसित नहीं हुए थे। उसे सर्जरी से ठीक भी नहीं किया जा सकता था। इसके बाद डॉ. गिरिश गुप्ता की अगुवाई में नियोनेटोलॉजी विभाग के डॉ. साइकट और डॉ. चिन्मय चैतन्य ने बच्चे को सही दवाएं दी और वेंटिलेटर सपोर्ट दिया। बच्चे को 34 दिनों तक सघन निगरानी में रखा गया। पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद ही शिशु को डिस्चार्ज किया।डॉ. यासिर ने बतायाकि बच्चे का उपचार आयुष्मान योजना के तहत पूरी तरह से निशुल्क किया गया। कुलपति डॉ. विजय धस्माना और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल जेठानी ने जटिल सर्जरी को अंजाम देने पर टीम को बधाई दी।
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क्या है जन्मजात डायफ्रामैटिक हर्निया
पीडियाट्रिक सर्जन डॉ.यासिर अहमद लोन ने बातया कि यह दुर्लभ बीमारी है। तीन से पांच हजार में से किसी एक जीवित शिशु में होती है। जन्मजात डायफ्रामैटिक हर्निया की बीमारी के साथ जन्म लेने वाले बच्चे के मध्यपट यानी डायफ्राम में छेद होता है।इसमें बनते हुए बच्चे की आंते अंदर जाकर छाती में आ जाती है। जिससे फेफड़े विकसित नहीं कर पाते है। इसलिए नवजात शिशु को सांस लेने में तकलीफ होती है।बच्चा सांस लेता है, लेकिन ऑक्सीजन फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाती है।
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