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राफ्टिंग व्यवसायियों पर भी पड़ा आपदा का असर
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चमोली जिले में आपदा के बाद सुने पड़े तीर्थनगरी में कैम्प।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। बीते 7 फरवरी को चमोली जनपद के रैणी गांव के समीप ग्लेशियर के टूटने से आई त्रासदी का असर तीर्थनगरी में संचालित राफ्ट और कैंप व्यावसायियों में भी देखने को मिल रहा है। राफ्टिंग और कैंपों में पर्यटकों की संख्या न के बराबर रह गई है। जिन पर्यटकों ने राफ्टिंग और कैंपिंग के लिए वीकेंड पर ऑनलाइन बुकिंग की थी, उन्होंने भी अपनी बुकिंग रद्द कर दिए हैं।
कोविड-19 के कारण तीर्थनगरी में मार्च 2020 से सितंबर 2020 तक राफ्टिंग और कैंपिंग का संचालन बंद था। लेकिन सितंबर के अंत में जब प्रदेश सरकार की ओर से इसे हरी झंडी मिली तो धीरे-धीरे तीर्थनगरी में साहसिक गतिविधियां पटरी पर लौटनी शुरू हो रही थी, लेकिन अब चमोली जिले में त्रासदी के बाद पर्यटकों में भी दशहत हो गई है।
राफ्ट व्यवसायी जीतपाल सिंह, राज सिंह ने बताया कि चमोली जिले की त्रासदी के कारण तीर्थनगरी में भी राफ्टिंग और कैंपिंग का संचालन कम हो गया है। वीकेंड के लिए जिन पर्यटकों ने ऑनलाइन बुकिंग की थी उन्होंने भी अपनी बुकिंग रद्द कर दिए हैं। कोरोना की मार और अब त्रासदी की मार ने उनके हौसले तोड़ दिए हैं।
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गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने बताया कि तीर्थनगरी में सब सुरक्षित है। आपदा का असर केवल चमोली जनपद के कुछ इलाकों में देखने को मिला। तीर्थनगरी में पर्यटकों की सुरक्षा दृष्टिगत सब सामान्य है। उसके बावजूद भी पर्यटकों में दहशत बन गई है।
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कोविड-19 के कारण तीर्थनगरी में मार्च 2020 से सितंबर 2020 तक राफ्टिंग और कैंपिंग का संचालन बंद था। लेकिन सितंबर के अंत में जब प्रदेश सरकार की ओर से इसे हरी झंडी मिली तो धीरे-धीरे तीर्थनगरी में साहसिक गतिविधियां पटरी पर लौटनी शुरू हो रही थी, लेकिन अब चमोली जिले में त्रासदी के बाद पर्यटकों में भी दशहत हो गई है।
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राफ्ट व्यवसायी जीतपाल सिंह, राज सिंह ने बताया कि चमोली जिले की त्रासदी के कारण तीर्थनगरी में भी राफ्टिंग और कैंपिंग का संचालन कम हो गया है। वीकेंड के लिए जिन पर्यटकों ने ऑनलाइन बुकिंग की थी उन्होंने भी अपनी बुकिंग रद्द कर दिए हैं। कोरोना की मार और अब त्रासदी की मार ने उनके हौसले तोड़ दिए हैं।
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गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने बताया कि तीर्थनगरी में सब सुरक्षित है। आपदा का असर केवल चमोली जनपद के कुछ इलाकों में देखने को मिला। तीर्थनगरी में पर्यटकों की सुरक्षा दृष्टिगत सब सामान्य है। उसके बावजूद भी पर्यटकों में दहशत बन गई है।