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एम्स फर्जीवाड़ा : पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने आउटसोर्स एजेंसी का कार्यालय खंगाला
Thu, 01 Oct 2026 08:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 01 Oct 2026 08:37 PM IST
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-मैनेजर विनायक और कर्मचारी सौम्या की भूमिका जांच के घेरे में, गांधी नगर स्थित मुख्य कार्यालय के संचालकों से भी होगी पूछताछ
ऋषिकेश। एम्स के किच्छा सेटेलाइट सेंटर में नौकरी लगाने के नाम पर कथित तौर पर फर्जी नियुक्तिपत्र जारी करने और अभ्यर्थियों से धनराशि की मांग किए जाने के मामले में पुलिस ने आउटसोर्स एजेंसी राजदीप इंटरप्राइजेज के कार्यालय को खंगाला है। पुलिस यहां के सभी कंप्यूटरों, लेपटॉप व अन्य डिजिटल दस्तावेज को सील कर अपने साथ ले गई है। टीम अब एजेंसी के गांधी नगर स्थित मुख्य कार्यालय और उसके संचालकों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
बृहस्पतिवार को पुलिस और फाॅरेंसिक विभाग की टीम एम्स परिसर स्थित राजदीप इंटर प्राइजेज आउट सोर्स एजेंसी के कार्यालय पहुंची। हांलाकि दस दौरान कार्यालय में केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही मौजूद था। घटना के बाद से ही यहां के अधिकांश कर्मचारी गायब हैं। एजेंसी से जुड़ी कर्मचारी सौम्या भी कार्यालय में नहीं मिली। जांच में कुछ कथित फर्जी दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर मिलने की बात सामने आई है। हालांकि उसकी भूमिका क्या रही और उसने किसके अधिकार या निर्देश पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए यह पूछताछ व फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने कार्यालय को खंगाला और यहां के सभी कंप्यूटरों, लैपटॉप सहित अन्य डिजिटल दस्तावेजों को अपने साथ ले गई।
मैनेजर की गिरफ्तारी संभव
फर्जी नियुक्ति प्रकरण में आउट सोर्स एजेंसी राजदीप इंटर प्राइजेज के स्थानीय मैनेजर विनायक की भूमिका संदिग्ध है। विनायक घटना के दिन से ही फरार है। पुलिस की जांच भी विनायक पर ही केंद्रित है। जांच अधिकारियों के अनुसार उसके खिलाफ उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जा सकती है और गिरफ्तारी भी हो सकती है। जांच टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऋषिकेश में कथित फर्जी नियुक्तिपत्र जारी करने के लिए मैनेजर विनायक को किस स्तर तक अधिकार प्राप्त थे। साथ ही गांधी नगर स्थित मुख्य कार्यालय के दोनों साझेदारों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है।
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- आउटसोर्स एजेंसी के कार्यालय को खंगाला गया है। यहां से लेपटॉप, कंप्यूटर व अन्य डिजिटल दस्तावेज को सील किया गया है। स्थानीय मैनेजर विनायक घटना के दिन से ही फरार है। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। एक अन्य कर्मचारी सौम्या की भूमिका भी संदिग्ध है जो जांच के दायरे में है। नवीन जोशी, प्रभारी कोतवाल, ऋषिकेश।
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ऋषिकेश। एम्स के किच्छा सेटेलाइट सेंटर में नौकरी लगाने के नाम पर कथित तौर पर फर्जी नियुक्तिपत्र जारी करने और अभ्यर्थियों से धनराशि की मांग किए जाने के मामले में पुलिस ने आउटसोर्स एजेंसी राजदीप इंटरप्राइजेज के कार्यालय को खंगाला है। पुलिस यहां के सभी कंप्यूटरों, लेपटॉप व अन्य डिजिटल दस्तावेज को सील कर अपने साथ ले गई है। टीम अब एजेंसी के गांधी नगर स्थित मुख्य कार्यालय और उसके संचालकों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
बृहस्पतिवार को पुलिस और फाॅरेंसिक विभाग की टीम एम्स परिसर स्थित राजदीप इंटर प्राइजेज आउट सोर्स एजेंसी के कार्यालय पहुंची। हांलाकि दस दौरान कार्यालय में केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही मौजूद था। घटना के बाद से ही यहां के अधिकांश कर्मचारी गायब हैं। एजेंसी से जुड़ी कर्मचारी सौम्या भी कार्यालय में नहीं मिली। जांच में कुछ कथित फर्जी दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर मिलने की बात सामने आई है। हालांकि उसकी भूमिका क्या रही और उसने किसके अधिकार या निर्देश पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए यह पूछताछ व फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने कार्यालय को खंगाला और यहां के सभी कंप्यूटरों, लैपटॉप सहित अन्य डिजिटल दस्तावेजों को अपने साथ ले गई।
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मैनेजर की गिरफ्तारी संभव
फर्जी नियुक्ति प्रकरण में आउट सोर्स एजेंसी राजदीप इंटर प्राइजेज के स्थानीय मैनेजर विनायक की भूमिका संदिग्ध है। विनायक घटना के दिन से ही फरार है। पुलिस की जांच भी विनायक पर ही केंद्रित है। जांच अधिकारियों के अनुसार उसके खिलाफ उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जा सकती है और गिरफ्तारी भी हो सकती है। जांच टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऋषिकेश में कथित फर्जी नियुक्तिपत्र जारी करने के लिए मैनेजर विनायक को किस स्तर तक अधिकार प्राप्त थे। साथ ही गांधी नगर स्थित मुख्य कार्यालय के दोनों साझेदारों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है।
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- आउटसोर्स एजेंसी के कार्यालय को खंगाला गया है। यहां से लेपटॉप, कंप्यूटर व अन्य डिजिटल दस्तावेज को सील किया गया है। स्थानीय मैनेजर विनायक घटना के दिन से ही फरार है। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। एक अन्य कर्मचारी सौम्या की भूमिका भी संदिग्ध है जो जांच के दायरे में है। नवीन जोशी, प्रभारी कोतवाल, ऋषिकेश।