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छह अवैध निर्माण को सील करने के आदेश
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ऋषिकेश। योगनगरी में अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए मसूरी देहरादून विकास विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है। एमडीडीए सचिव हरबीर सिंह ने योगनगरी में छह अवैध निर्माण को सील करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं भवन निर्माण में नक्शे समेत मानकों के उल्लंघन पर चार भवन निर्माताओं को नोटिस जारी किया गया है। अवैध निर्माण केे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जल्द की जाएगी।
एमडीडीए सचिव हरबीर सिंह ने शुक्रवार को ऋषिकेश में व्यावसायिक और निजी भवन निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की खबर लगते ही कुछ निर्माण साइटों पर काम भी बंद कर दिया गया। एमडीडीए सचिव ने गंगा विहार, चंद्रेश्वर नगर मार्ग समते विभिन्न स्थानों पर चल रहे भवन निर्माण कार्यों की जांच की। इस दौरान एमडीडीए सचिव ने अवैध रूप से बनाए जा रहे छह भवनों को सील करने के आदेश दिए। वहीं बिना नक्शे के निर्माण और मानकों के उल्लंघन पर चार भवन निर्माताओं को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। एमडीडीए सचिव हरबीर सिंह ने निर्माण अनुभाग से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अवैध भवनों की निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध भवनों पर दोबारा निर्माण शुरू होने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों को सीधे कार्रवाई की चेतावनी भी दी। निरीक्षण के दौरान एमडीडीए के निर्माण अनुभाग के सहायक अभियंता पीएन बहुगुणा और कनिष्ठ अभियंता अनुज पांडेय मौजूद रहे।
मानकों के अनुसार करें काम
एमडीडीए सचिव हरबीर सिंह ने कहा भवन नक्शा पास कराने के लिए मानकों के अनुसार कार्य करें। उन्होंने निर्माण के उल्लंघन पर एमडीडीए को नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ती। ऐसे में भवन निर्माण को आर्थिक नुकसान होता और प्राधिकरण को भी नुकसान का दुख होता है।
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ओटीएस का विकल्प, लेकिन एक सीमा तक
एमडीडीए हरबीर सिंह सचिव ने बताया कि बिना मानचित्र के बनाए जा रहे भवनों की दोबारा कंपाउंडिंग केे लिए भवन निर्माता एमडीडीए ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीम का लाभ भी ले सकते हैं। उन्होंने कहा लेकिन वन टाइम सेटलमेंट की भी मानकों की एक सीमा निर्धारित की गई। निर्धारित सीमा के भी आने वाले भवनों का ही ओटीएस किया जाएगा।
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एमडीडीए सचिव हरबीर सिंह ने शुक्रवार को ऋषिकेश में व्यावसायिक और निजी भवन निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की खबर लगते ही कुछ निर्माण साइटों पर काम भी बंद कर दिया गया। एमडीडीए सचिव ने गंगा विहार, चंद्रेश्वर नगर मार्ग समते विभिन्न स्थानों पर चल रहे भवन निर्माण कार्यों की जांच की। इस दौरान एमडीडीए सचिव ने अवैध रूप से बनाए जा रहे छह भवनों को सील करने के आदेश दिए। वहीं बिना नक्शे के निर्माण और मानकों के उल्लंघन पर चार भवन निर्माताओं को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। एमडीडीए सचिव हरबीर सिंह ने निर्माण अनुभाग से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अवैध भवनों की निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध भवनों पर दोबारा निर्माण शुरू होने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों को सीधे कार्रवाई की चेतावनी भी दी। निरीक्षण के दौरान एमडीडीए के निर्माण अनुभाग के सहायक अभियंता पीएन बहुगुणा और कनिष्ठ अभियंता अनुज पांडेय मौजूद रहे।
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मानकों के अनुसार करें काम
एमडीडीए सचिव हरबीर सिंह ने कहा भवन नक्शा पास कराने के लिए मानकों के अनुसार कार्य करें। उन्होंने निर्माण के उल्लंघन पर एमडीडीए को नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ती। ऐसे में भवन निर्माण को आर्थिक नुकसान होता और प्राधिकरण को भी नुकसान का दुख होता है।
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ओटीएस का विकल्प, लेकिन एक सीमा तक
एमडीडीए हरबीर सिंह सचिव ने बताया कि बिना मानचित्र के बनाए जा रहे भवनों की दोबारा कंपाउंडिंग केे लिए भवन निर्माता एमडीडीए ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीम का लाभ भी ले सकते हैं। उन्होंने कहा लेकिन वन टाइम सेटलमेंट की भी मानकों की एक सीमा निर्धारित की गई। निर्धारित सीमा के भी आने वाले भवनों का ही ओटीएस किया जाएगा।