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ओह इतनी लंबी चोटी (शिखा)
अमर उजाला/ ऋषिकेश।
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:56 AM IST
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पुरस्कार लेते विजेता छात्र।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आपने प्रतियोगिताएं तो देखी होंगी पर एक प्रतियोगिता ऐसी हुई जिसमें संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों की चोटी का मापन किया गया। इसमें हर्षित उनियाल को 46 सेमी चोटी के साथ प्रथम स्थान दिया गया। श्री दर्शन महाविद्यालय के संस्थापक वैकुंठवासी षडदर्शनाचार्य 1008 श्री राघवाचार्य महाराज की पुण्यतिथि पर आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम मंगलवार को पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हो गया। समापन अवसर पर शिखा (चोटी) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें हर्षित उनियाल प्रथम रहे।
समापन पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सांसद मनोहरकांत ध्यानी, पूर्व विधायक सुबोध उनियाल और विद्यालय के अध्यक्ष गोपालाचार्य महाराज ने संयुक्त रूप से किया। पूर्व सांसद ध्यानी ने कहा कि आज यदि भारत वर्ष का गौरव संपूर्ण विश्व के रूप में प्रतिष्ठित हो रहा है तो उसका मुख्य कारण वैदिक वांगमय है। गुरुचरण मिश्र ने कहा कि वैदिक परंपरा और सनातन संस्कृति ही हमें व्यवस्थित रूप से जीवन जीना सिखाती है। पूर्व विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि श्री दर्शन महाविद्यालय की नींव रखने वाले राघवाचार्य वैष्णव संत ही नहीं, बल्कि साक्षात नारायण के अवतार थे।
समापन पर शिखा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों की चोटी का मापन किया गया। 46 सेमी चोटी के साथ हर्षित उनियाल प्रथम, 43 सेमी चोटी के साथ संदीप कोठारी द्वितीय और 38 सेमी लंबी चोटी रखने वाला युगल किशोर तृतीय स्थान पर रहा। चार दिनों तक आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी छात्रों को मुख्य अतिथि के हाथों पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुनिकीरेती नगर पंचायत अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, संजय शास्त्री, वंशीधर पोखरियाल, डा.राधा मोहन दास, मदनमोहन शर्मा, दिनेश सती, इंद्र कुमार गोदवानी, पंकज शर्मा, रवि शास्त्री, मनीष डिमरी, श्रीराम चौबे, आरपी डंगवाल और सुभाष चौहान आदि उपस्थित रहे।
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समापन पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सांसद मनोहरकांत ध्यानी, पूर्व विधायक सुबोध उनियाल और विद्यालय के अध्यक्ष गोपालाचार्य महाराज ने संयुक्त रूप से किया। पूर्व सांसद ध्यानी ने कहा कि आज यदि भारत वर्ष का गौरव संपूर्ण विश्व के रूप में प्रतिष्ठित हो रहा है तो उसका मुख्य कारण वैदिक वांगमय है। गुरुचरण मिश्र ने कहा कि वैदिक परंपरा और सनातन संस्कृति ही हमें व्यवस्थित रूप से जीवन जीना सिखाती है। पूर्व विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि श्री दर्शन महाविद्यालय की नींव रखने वाले राघवाचार्य वैष्णव संत ही नहीं, बल्कि साक्षात नारायण के अवतार थे।
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समापन पर शिखा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों की चोटी का मापन किया गया। 46 सेमी चोटी के साथ हर्षित उनियाल प्रथम, 43 सेमी चोटी के साथ संदीप कोठारी द्वितीय और 38 सेमी लंबी चोटी रखने वाला युगल किशोर तृतीय स्थान पर रहा। चार दिनों तक आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी छात्रों को मुख्य अतिथि के हाथों पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुनिकीरेती नगर पंचायत अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, संजय शास्त्री, वंशीधर पोखरियाल, डा.राधा मोहन दास, मदनमोहन शर्मा, दिनेश सती, इंद्र कुमार गोदवानी, पंकज शर्मा, रवि शास्त्री, मनीष डिमरी, श्रीराम चौबे, आरपी डंगवाल और सुभाष चौहान आदि उपस्थित रहे।
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