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मानसिक तनाव: दो ने फांसी लगा दी जान

Mon, 29 Aug 2016 02:03 AM IST
rishikesh
rishikesh Updated Mon, 29 Aug 2016 02:03 AM IST
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Mental stress: the hanging took two lives
फांसी लगाकर अपनी जान दी - फोटो : file photo

तीर्थनगर में दो अलग-अलग मामलों में महिला समेत दो लोगों ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। दोनों ही मानसिक रूप से परेशान बताए जा रहे हैं। पहला मामला मनीराम मार्ग निवासी गोपालआनंद का है। जो बुक सेलर थे। वहीं, दूसरा मामला एक महिला का है, जो दो महीने पहले अपनी बेटी के यहां चंद्रेश्वर नगर आई थी। वह मानसिक रूप से परेशान थी। इसी को लेकर इलाज भी चल रहा था।    

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मम्मी, समता, रिया, सार्थक मुझे माफ कर देना, मुझे रात को बहुत दिनों से टेंशन की वजह से नींद नहीं आ रही थी..., सुसाइड नोट लिखकर एक बुक सेलर व्यापारी ने चुन्नी के सहारे पंखे से लटक कर मौत को गले लगा लिया। व्यापारी की मौत से परिवार में मातम है। हर किसी की जुबान पर एक ही शब्द है गोपाल को किस बात का टेंशन था। उसका कारोबार ठीक चल रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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मनीराम मार्ग निवासी व्यापारी  गोपालआनंद (40) पुत्र रेवलचंद का शव रविवार सुबह कमरे के अंदर पंखे पर लटका मिला। शनिवार की रात खाना खाने के बाद व्यापारी अपने कमरे में सोने चला गया। सुबह उनकी पत्नी समता चाय लेकर कमरे में गई तो कमरे का दरवाजा आधा खुला हुआ था। पत्नी समता से जैसे ही कमरे का पूरा दरवाजा खोला तो उसके होश उड़ गए। चीख पुकार मचाकर वह बेहोश हो गई। परिजनों ने देखा तो गोपाल आंनद का शव चुन्नी के सहारे पंखे से लटका हुआ था। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। व्यापारी के पास से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जिसमे लिखा है कि मम्मी, समता, रिया, सार्थक मुझे माफ कर देना।  बहुत दिनों से टेंशन की वजह से नींद नहीं आ रही थी। व्यापारी अपने पीछे मां, पत्नी और दो छोटे बच्चों का भरापूरा परिवार छोड़ गया। कोतवाली उपनिरीक्षक आशीष गुसाईं ने बताया कि पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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बकायदारों का लौटा देना पैसे
पंखे से लटकर आत्महत्या करने वाले व्यापारी ने कागज के दो छोटे टुकडों में सुसाइड नोट लिखा था। सुसाइड नोट के दूसरे टुकडे में उसने टेंडर बुक वाले और अर्थबुक वाले व्यापारियों को पैसे देने का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि टेंडर बुक वाले के पैसे अंदर बैग में पड़े हैं, वो उसको दे देना,  अर्थबुक वाले के पैसे पानी के कंटेनर में पड़े हैं। व्यापारी का लिखा सुसाइड नोट पढ़कर परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। 

इलाज के लिए बेटी यहां आई महिला ने लगाई फांसी 
बेटी के घर दो महीने पहले इलाज के लिए आई एक महिला ने पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली। महिला के आत्महत्या का कारण उसका मानसिक तनाव में होना बताया जा रहा है। घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

टिहरी जिले के मलेथा गांव निवासी सुंदरी देवी (55) पत्नी स्व. शिशुपाल सिंह दो माह पहले अपने बेटी बबीता के घर चंद्रेश्वर नगर आई थी। महिला का यहां एक प्राइवेट अस्पताल से इलाज चल रहा था। रविवार सुबह महिला का शव कमरे के अंदर पंखे पर चुन्नी से लटका हुआ मिला। मृतक महिला के देवर किशन सिंह ने बताया कि महिला मानसिक तनाव में चल रही थी। इसलिए उपचार के लिए यहां आई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में  उनके  15 वर्ष के बेटे की मौत हो गई थी। जिसके कारण वह मानसिक तनाव का शिकार हो गई थी। फरवरी 2016 में श्रीनगर में हुई एक बस दुर्घटना में पति की मौत हो गई थी। तब से उनका स्वास्थ्य और अधिक खराब होने लगी। महिला का अब एक बेटा है, जिसका नाम अजीत है। वह दिल्ली में किसी प्राइवेट संस्थान में कार्यरत है। कोतवाली के एसएसआई गजेंद्र बहुगुणा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। 

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