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Rishikesh News: एम्स में 24 को जुटेंगे देशभर के चिकित्सा विशेषज्ञ
Thu, 22 Oct 2026 07:23 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 22 Oct 2026 07:23 PM IST
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-सीडीएस के सातवें वार्षिक सम्मेलन में मधुमेह, हृदय, गुर्दा रोग और मोटापे के समग्र उपचार पर होगा मंथन
ऋषिकेश। एम्स में 24 अक्तूबर को कार्डियो डायबेटिक सोसाइटी (सीडीएस) का सातवां वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। संस्थान के इंटरनल मेडिसिन विभाग की पहल पर होने वाले इस सम्मेलन में देशभर के 16 से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन में मधुमेह, हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी और मोटापे जैसी आपस में जुड़ी बीमारियों के समग्र उपचार पर चर्चा की जाएगी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं एम्स के मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. रविकांत ने बताया कि इन बीमारियों के बेहतर उपचार के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण के बजाय एकीकृत चिकित्सा पद्धति अपनाना जरूरी है। सम्मेलन में विशेषज्ञ अपने अनुभव और उपचार की नवीन तकनीकों को साझा करेंगे, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसमें देश के उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिणी क्षेत्रों के चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेंगे।
सम्मेलन से एक दिन पहले प्री-कॉन्फ्रेंस के तहत मरीजों के बेड के पास अल्ट्रासाउंड जांच की व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। प्रो. रविकांत के अनुसार, कार्डियो-डायबिटिक सोसाइटी हृदय रोगों और मधुमेह से संबंधित विकारों की समय पर पहचान और उपचार को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। सम्मेलन का उद्देश्य विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा कर उपचार को अधिक प्रभावी बनाना और मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार करना है।
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ऋषिकेश। एम्स में 24 अक्तूबर को कार्डियो डायबेटिक सोसाइटी (सीडीएस) का सातवां वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। संस्थान के इंटरनल मेडिसिन विभाग की पहल पर होने वाले इस सम्मेलन में देशभर के 16 से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन में मधुमेह, हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी और मोटापे जैसी आपस में जुड़ी बीमारियों के समग्र उपचार पर चर्चा की जाएगी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं एम्स के मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. रविकांत ने बताया कि इन बीमारियों के बेहतर उपचार के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण के बजाय एकीकृत चिकित्सा पद्धति अपनाना जरूरी है। सम्मेलन में विशेषज्ञ अपने अनुभव और उपचार की नवीन तकनीकों को साझा करेंगे, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसमें देश के उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिणी क्षेत्रों के चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेंगे।
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सम्मेलन से एक दिन पहले प्री-कॉन्फ्रेंस के तहत मरीजों के बेड के पास अल्ट्रासाउंड जांच की व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। प्रो. रविकांत के अनुसार, कार्डियो-डायबिटिक सोसाइटी हृदय रोगों और मधुमेह से संबंधित विकारों की समय पर पहचान और उपचार को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। सम्मेलन का उद्देश्य विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा कर उपचार को अधिक प्रभावी बनाना और मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार करना है।
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