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Rishikesh News: सामूहिक सहयोग से कोठार बना मॉडल गांव
Thu, 24 Apr 2025 01:58 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 24 Apr 2025 01:58 AM IST
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विकासखंड की ग्राम पंचायत कोठार ने जनसहयोग और नवाचार के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो पूरे जिले के लिए मिसाल बन गया है। पौड़ी गढ़वाल के इस छोटे से गांव ने सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारते हुए वर्ष 2022 में दीन दयाल पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार भी प्राप्त किया।
गांव की सबसे बड़ी उपलब्धि हर घर नल, हर घर जल योजना को युवक मंगल दल ने अपने संसाधनों से साकार किया है। गांव के हर घर तक पाइप लाइन से जल पहुंचाया गया है। इसके लिए ग्रामीणों से पांच हजार रुपये की सहयोग राशि लेकर जलस्रोत का संवर्धन किया व टैंक तैयार किए।
गांव के नीचे स्थित पेयजल स्रोत से पानी अपलिफ्ट करने के लिए पंचायत निधि से पंपिंग मोटर खरीदी गई। यह मोटर पूर्ण रूप से ऑटोमेटिक है। मोटर में चिप लगाई है, जो मोबाइल फोन से जुड़ी रहती है। फोन में दिए गए कमांड से मोटर को चालू और बंद किया जाता है। ग्रामीणों से योजना के रखरखाव के लिए 200 रुपये प्रति माह शुल्क भी लिया जाता है।
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जिला पंचायती राज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत कोठार के तहत चार राजस्व ग्राम भौन, खरगोशा और इड़िया आते हैं। इसमें कोठार गांव में लगभग 50 परिवार रहते हैं। गांव में मोटर लगने के बाद खेतों में सिंचाई के लिए पानी मिलने लगा है। इससे गांव में खेती को नया जीवन मिला है। अब गांव में प्याज, लहसुन, अदरक और हल्दी की भरपूर पैदावार हो रही है। हर परिवार खेती से जुड़ चुका है, जिससे आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।
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स्वच्छता की नई तस्वीर
14वें वित्त आयोग की निधि से गांव में टाइल्स मार्ग और अंडर ग्राउंड नालियां बनाई गई हैं। इससे गांव में स्वच्छता का स्तर काफी बेहतर हुआ है। यहां घरों से निकलने वाला पानी बेकार नहीं जाता है। घर के निष्प्रयोज्य पानी को पाइप लाइन के जरिए एक सोख्ता पिट में डाला जाता है। इससे ग्राउंड वाटर लेवल में सुधार हुआ है। साथ ही गंदगी से भी निजात मिली है।
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पंचायत भवन में है अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था
पंचायत भवन पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड है। भवन में 60 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। साथ ही पंचायत भवन में अतिथियों के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस का भी निर्माण किया गया है। ग्रामवासियों को कंप्यूटर और फोटोस्टेट जैसी सेवाएं निशुल्क दी जा रही हैं।
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गांव की सबसे बड़ी उपलब्धि हर घर नल, हर घर जल योजना को युवक मंगल दल ने अपने संसाधनों से साकार किया है। गांव के हर घर तक पाइप लाइन से जल पहुंचाया गया है। इसके लिए ग्रामीणों से पांच हजार रुपये की सहयोग राशि लेकर जलस्रोत का संवर्धन किया व टैंक तैयार किए।
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गांव के नीचे स्थित पेयजल स्रोत से पानी अपलिफ्ट करने के लिए पंचायत निधि से पंपिंग मोटर खरीदी गई। यह मोटर पूर्ण रूप से ऑटोमेटिक है। मोटर में चिप लगाई है, जो मोबाइल फोन से जुड़ी रहती है। फोन में दिए गए कमांड से मोटर को चालू और बंद किया जाता है। ग्रामीणों से योजना के रखरखाव के लिए 200 रुपये प्रति माह शुल्क भी लिया जाता है।
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जिला पंचायती राज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत कोठार के तहत चार राजस्व ग्राम भौन, खरगोशा और इड़िया आते हैं। इसमें कोठार गांव में लगभग 50 परिवार रहते हैं। गांव में मोटर लगने के बाद खेतों में सिंचाई के लिए पानी मिलने लगा है। इससे गांव में खेती को नया जीवन मिला है। अब गांव में प्याज, लहसुन, अदरक और हल्दी की भरपूर पैदावार हो रही है। हर परिवार खेती से जुड़ चुका है, जिससे आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।
स्वच्छता की नई तस्वीर
14वें वित्त आयोग की निधि से गांव में टाइल्स मार्ग और अंडर ग्राउंड नालियां बनाई गई हैं। इससे गांव में स्वच्छता का स्तर काफी बेहतर हुआ है। यहां घरों से निकलने वाला पानी बेकार नहीं जाता है। घर के निष्प्रयोज्य पानी को पाइप लाइन के जरिए एक सोख्ता पिट में डाला जाता है। इससे ग्राउंड वाटर लेवल में सुधार हुआ है। साथ ही गंदगी से भी निजात मिली है।
पंचायत भवन में है अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था
पंचायत भवन पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड है। भवन में 60 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। साथ ही पंचायत भवन में अतिथियों के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस का भी निर्माण किया गया है। ग्रामवासियों को कंप्यूटर और फोटोस्टेट जैसी सेवाएं निशुल्क दी जा रही हैं।