{"_id":"5840852b4f1c1b626bde66b5","slug":"khusi-was-made-by-the-father-s-funeral","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘खुशी’ से कराया गया पिता का अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘खुशी’ से कराया गया पिता का अंतिम संस्कार
ब्यूरो/ अमर उजाला/ऋषिकेश।
Updated Fri, 02 Dec 2016 01:46 AM IST
विज्ञापन
मुखाग्नि देकर निभाया पुत्र का फर्ज
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवाजीनगर निवासी दीपक थापा (40) की मृत्यु बृहस्पतिवार को अचानक हो गई। उनका हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में इलाज चल रहा था। दीपक थापा के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। राजस्थान में रहने वाले उनके भाई को अंतिम संस्कार कराना था, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंच सके। ऐसे में उनकी बेटी ने उन्हें मुखग्नि देकर पुत्र का फर्ज निभाया।
विज्ञापन
शिवाजीनगर निवासी दीपक थापा की अंतिम यात्रा चंद्रेश्वरनगर श्मशान घाट पहुंची। मुखाग्नि देने के लिए वहां परिवारीजन और सगे-संबंधी राजस्थान में रहने वाले उनके भाई का इंतजार कर रहे थे। हर कोई सूर्यास्त के पहले संस्कार किए जाने की परंपरा में देरी होने का हवाला दिए जा रहा था।
विज्ञापन
दीपक थापा के परिवार में कोई पुत्र नहीं था। ऐसे में कुछ लोगों ने आगे बढ़कर बिटिया द्वारा मुखाग्नि देने का सुझाव दिया गया तो सभी एक दूसरे का मुंह ताकने लगे। हालांकि थोड़ी ही देर में आम सहमति बन गई और आठवीं में पढ़ने वाली बिटिया खुशी ने पिता का मुखाग्नि दी।
विज्ञापन