फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Just the foundation, urine open research center

सिर्फ शिलान्यास, नहीं खुला गोमूत्र अनुसंधान केंद्र

Tue, 23 Aug 2016 02:03 AM IST
naveen nautiyal
naveen nautiyal Updated Tue, 23 Aug 2016 02:03 AM IST
विज्ञापन
Just the foundation, urine open research center
शिलान्यास - फोटो : amar ujala

नौ साल बाद भी पशुलोक में गो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान शिलान्यास से एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाया है। शिलान्यास के कार्यक्रम में लाखों रुपये खर्च भी किए गए। पर इसके बाद सरकार इस योजना पर काम करना भूल गई। शिलान्यास का पत्थर भी अब यहां झाड़ियों के बीच ओझल हो गया है। शासन-प्रशासन की इस उदासीनता से पशुपालक निराश हैं।

विज्ञापन


पशुपालकों को आर्थिक स्थिति से मजबूत करने के लिए 18  दिसंबर 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी ने पशुलोक स्थित निर्मल ब्लॉक में गो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान का शिलान्यास किया गया। अनुसंधान संस्थान के लिए 20 एकड़ भूमि भी चिह्नित की गई। उत्तराखंड पशुधन विकास बोर्ड के अंतर्गत गोमूत्र संकलन एवं शोधन परियोजना को प्रदेेश स्तर पर लागू कर छोटे-बड़े पशुपालकों को आर्थिक तौर पर मजबूत करना था। योजना के अंतर्गत विभाग के सचल वाहन पशुपालकों के घरों से एकत्र गोमूत्र को निर्धारित मूल्य पर खरीदकर लाते हैं।
विज्ञापन


इसके बाद गोमूत्र को अनुसंधान में मशीनों और उपकरणों के जरिए तैयार किया जाना था। फिर से गोमूत्र को पतंजलि को निर्धारित मूल्य पर बेचा जाना था। लेकिन, शासन-प्रशासन की उदासीनता के चलते आठ साल, आठ महीने, चार दिन बीतने के बाद योजना को परवान चढ़ाने के लिए निर्धारित भूमि पर लगा शिलान्यास पट झाड़ियों में ओझल हो गया है। बहरहाल, अगर उक्त योजना को शुरू किया जाता है। तो सरकार के साथ पशुपालकों को भी अच्छा मुनाफा होगा। योजना के माध्यम से पहाड़ों से पलायन को रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों के आर्थिक स्तर में सुधार लाया जा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उक्त योजना मेरे कार्यकाल से पहले की है। योजना की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। योजना काफी किफायती है, लिहाजा, गो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान को खोलने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। - डॉ. एनके शर्मा, निदेशक भेड़ एवं ऊन प्रसार संस्थान पशुलोक 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed