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घर पहुंचने के बाद आ रही जांच रिपोर्ट

Wed, 05 Jan 2022 01:33 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 01:33 AM IST
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Investigation report coming after reaching home
19 जानकीसेतु में बिना मास्क के घूमते पर्यटक। - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम की रणनीति में बदलाव नहीं किया है। बाहरी राज्यों से योगनगरी आने वाले पर्यटकों की आरटी पीसीआर जांच की जा रही है। पर्यटकों के सैर सपाटा कर घर लौटने के बाद स्वास्थ्य विभाग को उनकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट मिल रही है।
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वीकेंड पर देश के विभिन्न राज्यों से पर्यटक घूमने के लिए ऋषिकेश पहुंचते हैं। इनमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के पर्यटकों की संख्या सबसे अधिक होती है। दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। नए साल के जश्न के बाद ऋषिकेश से सटे लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम और हेंवलघाटी क्षेत्र में आने वाले 35 पर्यटक कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं, लेकिन गौर करने वाली बात है कि संक्रमित पर्यटकों के घर वापस पहुंचने के बाद उनकी जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिली। इस बीच पर्यटक बिना किसी रोक टोक के पर्यटक स्थलों और बाजारों में घूमते रहे। न जाने कितने ही पर्यटक और स्थानीय लोग संक्रमित पर्यटकों के संपर्क में आए होंगे। असल में स्वास्थ्य की ओर से कोरोना जांच की व्यवस्थाओं में अब तक बदलाव नहीं किया गया है। पूर्व में देहरादून, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल जिले की चेक पोस्ट पर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों और यात्रियों की रेंडम एंटीजन जांच की जाती थी। जांच में महज 10 से 15 मिनट का समय लगता था। जांच में संक्रमित पाए जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को चेक पोस्ट से वापस लौटा दिया जाता था। वहीं संबंधित जिले और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर दिया जाता था। अब तीनों जिलों में बाहर से आने वाले पर्यटकों की रैपिड आरटी पीसीआर सैंपलिंग की जा रही है। इसकी रिपोर्ट आने में 48 से 72 घंटे लग रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपल लेने के बाद पर्यटकों को जांच रिपोर्ट आने तक आइसोलेट होने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन निगरानी के अभाव में सैलानी पर्यटक स्थलों और बाजारों में घूमते हैं। इस बीच वे सैकड़ों लोगों के संपर्क में आते हैं। ऐसे में योगनगरी में बड़े पैमाने पर संक्रमण के फैलने की आशंका बनी हुई है।
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बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग के लिए एंटीजन जांच बेहतर विकल्प : एम्स
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के मुताबिक बड़े पैमाने पर लोगों की स्क्रीनिंग करने के लिए एंटीजन जांच बेहतर विकल्प है। एम्स के कोविड नोडल अधिकारी और एसोसिएट प्रो. डॉ. मुकेश बैरवा का कहना है कि आरटी पीसीआर जांच में कम से कम छह से आठ घंटे का समय लगता है। वहीं एंटीजन जांच में 10 से 15 मिनट में जांच रिपोर्ट मिल जाती है। हालांकि एंटीजन जांच बहुत अधिक विश्वसनीय नहीं होती है, लेकिन बड़े पैमाने पर लोगों की स्क्रीनिंग के लिए एंटीजन जांच ही की जाती है। अगर कोई व्यक्ति एंटीजन जांच में पॉजिटिव पाया जाता है तो संक्रमण की पुष्टि के लिए उसके आरटी पीसीआर सैंपल लिए जाते हैं। बड़े स्तर पर कोरोना जांच के लिए दोनों प्रक्रिया अपनाने से संक्रमण को रोकने में काफी हद तक मदद मिलती है।
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वर्जन
विभाग की ओर से पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आरटी पीसीआर सैंपलिंग के निर्देश दिए गए हैं। उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद रैंडम एंटीजन जांच शुरू की जाएगी।
-डॉ. राजीव कुमार, कोविड नोडल अधिकारी, यमकेश्वर
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अभी स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आरटी पीसीआर जांच की जा रही है। विभाग से निर्देश मिलने के बाद रैंडम एंटीजन जांच शुरू की जाएगी।
-डॉ. जगदीश जोशी, कोविड नोडल अधिकारी, फकोट ब्लॉक
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