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कोविड पॉजिटिव मां भी करा सकती है शिशु को स्तनपान

Sun, 08 Aug 2021 01:27 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 01:27 AM IST
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Infected mother can also breastfeed the child
रायवाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिलाओं को स्तनपान के लिए जागरू - फोटो : RISHIKESH
डोईवाला/ऋषिकेश। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग ने कुड़कावाला आंगनबाड़ी केंद्र में अभियान चलाया। शनिवार को कुड़कावाला आंगनबाड़ी केंद्र में मौजूद लोगों को डॉ. दीपशिखा चौधरी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा निर्देशों के अनुसार एक कोविड पॉजिटिव मां भी अपने बच्चे को स्तनपान करा सकती हैं। माताओं को अवगत कराया गया है कि वह बच्चों को भोजन कराते समय उचित सावधानियों का पालन करें, जैसे श्वसन और स्वच्छता का अभ्यास करना। अपने बच्चे के पास होने पर मेडिकल मास्क का उपयोग करना। विशेषज्ञों ने स्तनपान प्रथाओं और मां बच्चे के लिए इसके महत्व के बारे में बताया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को स्तनपान के संबंध मे अपने प्रश्नों का जवाब भी दिया गया। डॉ. मनन यश तायल, डॉ. कंचन शर्मा, फरजाना अंसारी ने स्तनपान को लेकर जागरूक किया। वहीं, दूसरी ओर रूरल डवलपमेंट इंस्टीट्यूट ने स्तनान के महत्व को लेकर वेबीनार का आयोजन किया। जिसमें डॉ. गिरीश गुप्ता, डॉ. यासिर अहमद आदि थे।
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वहीं ऋषिकेश एम्स में आयोजित विश्व स्तनपान सप्ताह का समापन हो गया। एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने कहा कि स्तनपान प्रत्येक बच्चे के समग्र विकास के लिए बेहद जरुरी है। यह बच्चे को कई बीमारियों से बचाता है। जिससे भविष्य में बीमारियों पर होने वाला खर्च कम हो जाता है। सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. आशुतोष मिश्रा ने महिलाओं को स्तनपान करने के फायदे और स्तनपान करने के सही तरीके के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। रायवाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एमपीएच छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिलाओं को स्तनपान को लेकर जागरुक किया। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर स्तनपान कराने में महिलाओं का सहयोग करना चाहिए और इसे एक सामान्य प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए, जिससे महिलाएं अपने नौनिहाल को स्तनपान कराने में सहजता महसूस कर सके और स्तनपान की दर और अवधि को बढ़ाया जा सके। इस अवसर पर सीनियर रेजिडेंट डॉ. आशुतोष, जूनियर रेजिडेंट, डॉ. अजुन, एमपीएच के विद्यार्थी डॉ. आकृति जसरोटिया, अनुस्वरा, शुभम आदि थे।
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