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बढ़ रहा संक्रमण का खतरा, लोगों को फिक्र नहीं
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। जिला प्रशासन ने एक बार फिर मास्क को अनिवार्य कर दिया। लेकिन संक्रमण के बड़े खतरे से बेखबर लोग मास्क और शारीरिक दूरी जैसे नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। जिससे संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
देश में एक्सई वैरिएंट की दस्तक के साथ कोरोना संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। देहरादून में स्कूल में एक बच्चे के संक्रमित मिलने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया है। मास्क न पहनने वालों पर चालान की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए है। लेकिन तहसील प्रशासन और पुलिस ने जिला प्रशासन के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई शुरू नहीं की है। बुधवार घाट रोड, क्षेत्र रोड, तिलक रोड रेलवे रोड, देहरादून रोड, मुखर्जी मार्ग पर स्थानीय लोग बिना मास्क के घूमते नजर आए। स्वर्गाश्रम क्षेत्र, तपोवन, लक्ष्मणझूला, राम झूला और मुनिकीरेती में पर्यटक स्थलों और बाजारों में चहलकदमी करने वाले पर्यटक भी बिना मास्क के घूम रहे थे। पुलिस ने पहले आदेश के अनुपालन को लेकर चालान की कार्रवाई भी नहीं की।
पर्यटकों स्थलों पर जांच, अस्पतालों में केंद्र बंद
पहले लक्ष्मणझूला और मुनिकीरेती क्षेत्र में पर्यटकों की रैंडम और आरटीपीसीआर कोरोना जांच की जा रही थी। लेकिन दूसरी लहर के बाद संक्रमण के मामलों में कमी आते ही जांच केंद्रों को बंद कर दिया गया। वहीं अब सरकारी अस्पतालों में भी बनाए गए केंद्रों में जांच नहीं हो रही है। जबकि पहले ओपीडी में दिखाने के लिए भी कोरोना जांच कराना अनिवार्य था। ऋषिकेश पर्यटन नगरी है। यहां वीकेंड पर देश विदेश से पर्यटक घूमने आते हैं। अगर समय पर जांच की व्यवस्था को दोबारा शुरू नहीं किया गया तो तीर्थनगरी फिर से संक्रमण की चपेट में आ सकती है। वहीं फकोट ब्लॉक के कोविड नोडल अधिकारी डॉ.जगदीश जोशी और यमकेश्वर के कोविड नोडल अधिकारी डॉ.राजीव कुमार ने बताया विभागीय आदेश मिलने के बाद पर्यटक स्थलों के आसपास कोविड जांच शुरू की जाएगी।
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देश में एक्सई वैरिएंट की दस्तक के साथ कोरोना संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। देहरादून में स्कूल में एक बच्चे के संक्रमित मिलने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया है। मास्क न पहनने वालों पर चालान की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए है। लेकिन तहसील प्रशासन और पुलिस ने जिला प्रशासन के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई शुरू नहीं की है। बुधवार घाट रोड, क्षेत्र रोड, तिलक रोड रेलवे रोड, देहरादून रोड, मुखर्जी मार्ग पर स्थानीय लोग बिना मास्क के घूमते नजर आए। स्वर्गाश्रम क्षेत्र, तपोवन, लक्ष्मणझूला, राम झूला और मुनिकीरेती में पर्यटक स्थलों और बाजारों में चहलकदमी करने वाले पर्यटक भी बिना मास्क के घूम रहे थे। पुलिस ने पहले आदेश के अनुपालन को लेकर चालान की कार्रवाई भी नहीं की।
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पर्यटकों स्थलों पर जांच, अस्पतालों में केंद्र बंद
पहले लक्ष्मणझूला और मुनिकीरेती क्षेत्र में पर्यटकों की रैंडम और आरटीपीसीआर कोरोना जांच की जा रही थी। लेकिन दूसरी लहर के बाद संक्रमण के मामलों में कमी आते ही जांच केंद्रों को बंद कर दिया गया। वहीं अब सरकारी अस्पतालों में भी बनाए गए केंद्रों में जांच नहीं हो रही है। जबकि पहले ओपीडी में दिखाने के लिए भी कोरोना जांच कराना अनिवार्य था। ऋषिकेश पर्यटन नगरी है। यहां वीकेंड पर देश विदेश से पर्यटक घूमने आते हैं। अगर समय पर जांच की व्यवस्था को दोबारा शुरू नहीं किया गया तो तीर्थनगरी फिर से संक्रमण की चपेट में आ सकती है। वहीं फकोट ब्लॉक के कोविड नोडल अधिकारी डॉ.जगदीश जोशी और यमकेश्वर के कोविड नोडल अधिकारी डॉ.राजीव कुमार ने बताया विभागीय आदेश मिलने के बाद पर्यटक स्थलों के आसपास कोविड जांच शुरू की जाएगी।
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