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निगम में शामिल करने को तहसील में गरजे आईडीपीएलवासी
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04 तहसील परिसर में रैली निकाल कर प्रदर्शन करते आवासीय कल्याण समिति वीरभद्र आइडीपीएल के लोग।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। आईडीपीएल परिसर स्थित कॉलोनियों को नगर निगम में शामिल करने की मांग को लेकर आवासीय कल्याण समिति आईडीपीएल, वीरभद्र ने राम मंदिर से लेकर तहसील तक रैली निकाली। आईडीपीएलवासियों ने तहसील परिसर में इस मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। वहीं मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
मंगलवार को आवासीय कल्याण समिति, आईडीपीएल, वीरभद्र के सचिव सुनील कुटलैहड़िया और एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला के नेतृत्व में स्थानीय निवासी राम मंदिर में एकत्र हुए। यहां से सभी लोग रैली निकालते हुए आईडीपीएल सिटी गेट, नगर निगम कार्यालय, त्रिवेणीघाट चौक, देहरादून रोड तिराहा और इंद्रमणि बडोनी चौक होते हुए दोपहर 12 बजे तहसील पहुंचे। लोगों ने आईडीपीएल को नगर निगम में शामिल करो, आवाज दो हम एक हैं के नारे लगाए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रेषित मांग पत्र एसडीएम एसडीएम अपूर्वा पांडे को सौंपा। समिति के सचिव सुनील कुटलैहड़िया ने कहा कि 27 नंवबर 2021 को आईडीपीएल फैक्टरी की लीज खत्म हो चुकी है। अब क्षेत्र में निवास कर रहे पूर्व कर्मचारी और उनके आश्रितों के बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। आईडीपीएल में रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की सहायता का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां के लोग जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, वृद्धा, विधवा और परिवार रजिस्टर में नाम अंकित होने जैसी सुविधाओं से भी वंचित हैं। एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि हम पूर्ण रूप से आईडीपीएल के लोगों के साथ हैं। जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा अगर सरकार की उपेक्षा जारी रही कांग्रेस राजधानी में आईडीपीएलवासियों की आवाज को पुरजोर ढंग से उठाएगी। प्रदर्शन करने वालों में आवासीय कल्याण समिति की अध्यक्ष रामेश्वरी चौहान, रजत, जया बिष्ट, उर्मिला गुप्ता, रघु उनियाल, सूरज कुकरेती, नीलम चंदानी, कुंती गुसाईं, कुसुम थापा और आदित्य डंगवाल आदि उपस्थित थे।
फोटो-
समिति के सदस्यों का अनिश्चितकालीन धरना जारी
ऋषिकेश। जन कल्याण संयुक्त संघर्ष समिति एवं खांड गांव विस्थापित विकास समिति की ओर से त्रिवेणीघाट गांधी स्तंभ पर समिति के सदस्यों का 54वें दिन अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। समिति के लोगों ने आठ दिसंबर को धरनास्थल पर एक बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति बनाने पर जोर दिया है।
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समिति के लोग मंगलवार को कृष्णानगर कॉलोनी, खांड गांव और आईडीपीएल को नगर निगम में शामिल करने की मांग पर डटे रहे। समिति सदस्यों ने कहा कि सरकार की ओर से कोई भी आज तक समस्या के समाधान के लिए धरनास्थल पर वार्ता के लिए नहीं आया। इससे क्षेत्र की जनता में आक्रोश है।
इस मौके पर कल्पना गौतम, सुशीला देवी, राधा, हिमांशी, महक, तनु, डॉ. बीएन तिवारी, त्रिलोकीनाथ तिवारी, गुलाब वर्मा, प्रेम बहादुर, डेनियल, किशन बहादुर, कुमारी देवी, मदन शर्मा, धर्मो राजभर और लालसा देवी आदि शामिल थे। संवाद
ब्याज सहित हो सेवानिवृत कर्मचारियों को भुगतान
ऋषिकेश।
आईडीपीएल बचाओ सर्वदलीय संघर्ष समिति की ओर से सोमवार को सामुदायिक केंद्र में एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कई प्रस्ताव पास किए गए। प्रस्तावों में आईडीपीएल फैक्टरी का फारमुलेशन प्लांट शुरु करने, आवासीय कॉलोनियों में रह रहे भूतपूर्व कर्मचारियों उनकी विधवाओं, आश्रितों को पूर्व की भांति यहां यथावत रहने देने, 250 कर्मचारियों के सेवानिवृत होने के बाद उनके रोके गए बकाए को ब्याज सहित लौटाया जाए। फैक्टरी की लीज बढाई जाए। बैठक में आरएस यादव, आरसी रस्तोगी, डीपी थापा, एमएस साबरी, सूरजबली, ज्ञानेश चंद्र मिश्रा, देव सिंह गुसाईं, शंभूूनाथ दुबे, युद्धवीर चौहान उपस्थित आदि थे। संवाद
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मंगलवार को आवासीय कल्याण समिति, आईडीपीएल, वीरभद्र के सचिव सुनील कुटलैहड़िया और एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला के नेतृत्व में स्थानीय निवासी राम मंदिर में एकत्र हुए। यहां से सभी लोग रैली निकालते हुए आईडीपीएल सिटी गेट, नगर निगम कार्यालय, त्रिवेणीघाट चौक, देहरादून रोड तिराहा और इंद्रमणि बडोनी चौक होते हुए दोपहर 12 बजे तहसील पहुंचे। लोगों ने आईडीपीएल को नगर निगम में शामिल करो, आवाज दो हम एक हैं के नारे लगाए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रेषित मांग पत्र एसडीएम एसडीएम अपूर्वा पांडे को सौंपा। समिति के सचिव सुनील कुटलैहड़िया ने कहा कि 27 नंवबर 2021 को आईडीपीएल फैक्टरी की लीज खत्म हो चुकी है। अब क्षेत्र में निवास कर रहे पूर्व कर्मचारी और उनके आश्रितों के बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। आईडीपीएल में रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की सहायता का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां के लोग जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, वृद्धा, विधवा और परिवार रजिस्टर में नाम अंकित होने जैसी सुविधाओं से भी वंचित हैं। एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि हम पूर्ण रूप से आईडीपीएल के लोगों के साथ हैं। जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा अगर सरकार की उपेक्षा जारी रही कांग्रेस राजधानी में आईडीपीएलवासियों की आवाज को पुरजोर ढंग से उठाएगी। प्रदर्शन करने वालों में आवासीय कल्याण समिति की अध्यक्ष रामेश्वरी चौहान, रजत, जया बिष्ट, उर्मिला गुप्ता, रघु उनियाल, सूरज कुकरेती, नीलम चंदानी, कुंती गुसाईं, कुसुम थापा और आदित्य डंगवाल आदि उपस्थित थे।
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समिति के सदस्यों का अनिश्चितकालीन धरना जारी
ऋषिकेश। जन कल्याण संयुक्त संघर्ष समिति एवं खांड गांव विस्थापित विकास समिति की ओर से त्रिवेणीघाट गांधी स्तंभ पर समिति के सदस्यों का 54वें दिन अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। समिति के लोगों ने आठ दिसंबर को धरनास्थल पर एक बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति बनाने पर जोर दिया है।
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समिति के लोग मंगलवार को कृष्णानगर कॉलोनी, खांड गांव और आईडीपीएल को नगर निगम में शामिल करने की मांग पर डटे रहे। समिति सदस्यों ने कहा कि सरकार की ओर से कोई भी आज तक समस्या के समाधान के लिए धरनास्थल पर वार्ता के लिए नहीं आया। इससे क्षेत्र की जनता में आक्रोश है।
इस मौके पर कल्पना गौतम, सुशीला देवी, राधा, हिमांशी, महक, तनु, डॉ. बीएन तिवारी, त्रिलोकीनाथ तिवारी, गुलाब वर्मा, प्रेम बहादुर, डेनियल, किशन बहादुर, कुमारी देवी, मदन शर्मा, धर्मो राजभर और लालसा देवी आदि शामिल थे। संवाद
ब्याज सहित हो सेवानिवृत कर्मचारियों को भुगतान
ऋषिकेश।
आईडीपीएल बचाओ सर्वदलीय संघर्ष समिति की ओर से सोमवार को सामुदायिक केंद्र में एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कई प्रस्ताव पास किए गए। प्रस्तावों में आईडीपीएल फैक्टरी का फारमुलेशन प्लांट शुरु करने, आवासीय कॉलोनियों में रह रहे भूतपूर्व कर्मचारियों उनकी विधवाओं, आश्रितों को पूर्व की भांति यहां यथावत रहने देने, 250 कर्मचारियों के सेवानिवृत होने के बाद उनके रोके गए बकाए को ब्याज सहित लौटाया जाए। फैक्टरी की लीज बढाई जाए। बैठक में आरएस यादव, आरसी रस्तोगी, डीपी थापा, एमएस साबरी, सूरजबली, ज्ञानेश चंद्र मिश्रा, देव सिंह गुसाईं, शंभूूनाथ दुबे, युद्धवीर चौहान उपस्थित आदि थे। संवाद
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