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मोक्ष पाने का सरल साधन है कथा का श्रवण
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Sat, 11 Jun 2016 02:00 AM IST
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श्रद्धालुओं ने निकाली कलश यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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देवभूमि उत्तराखंड के ज्योतिष्पीठ व्यास से अलंकृत कथा वाचक आचार्य शिव प्रसाद ममंगाई ने कहा कि मनुष्य के लिए कलियुग में मोक्ष पाने का सरल और सुगम साधन भागवत कथा का श्रवण और चिंतन है। कहा कि भक्ति के मार्ग पर चलने वाला प्राणी परमात्मा की निकटता पाता है।
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हर्रावाला स्थित ठाकुर भवन में शुक्रवार से सप्ताह व्यापी श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का विधिविधान से पूजा अर्चना के बाद शुभारंभ हो गया। इससे पहले सुबह भव्य कलश यात्रा का आयोजन श्रद्धालुओं ने किया। शिवमंदिर में अवध बहादुर ठाकुर और संजय ठाकुर ने जलाभिषेक किया।
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श्रद्धालुओं ने लड्डू गोपाल और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण का धर्ममय बना दिया। भगवान कृष्ण, राणा रुकमणी और हनुमान जी की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। बैंडबाजों और वाद्ययंत्रों की धुनों पर श्रद्धालु ने मस्तक पर 501 कलश धारण कर परिक्रमा के लिए निकले। कलशयात्रा देहरादून रोड, हर्रावाला चौक, रेलवे रोड आदि क्षेत्रों से होकर कथास्थल पर आकर समाप्त हो गई।
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कथा स्थल पर प्रवचन करते हुए उत्तराखंड के प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शिव प्रसाद ममंगाई ने कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार निहित है। भागवत से ही हमें ज्ञान को उच्चीकृत कर धर्मानुसार आचरण का पता चलता है। सांसारिक मोहमाया के बंधन में उलझा प्राणी मृत्यूलोक को समझा नही पाता है।
बताया कि सप्ताहव्यापी कथा में श्रद्धालु परमात्मा के पास जाने का मार्ग समझ जाता है और लोभ, काम , क्रोध और मोह आदि से दूर चला जाता है। इस दौरान अवध बहादुर ठाकुर , अजय ठाकुर, सांसद प्रतिनिधि संजय सिंह चौहान, गरिमा, कैलाश सिसोदिया, मालती, कालिका प्रसाद मंमगाई आदि तमाम लोग मौजूद रहे।