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आयोग की सिफारिशों में सरकार का नहीं होता हस्तक्षेप - प्रेमचंद अग्रवाल

Sun, 22 May 2022 10:45 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2022 10:45 PM IST
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Government does not interfere in the recommendations of the commission - Premchand Agarwal
वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों में सरकार या मंत्रालय का कोई भी हस्तक्षेप नहीं होता है। आयोग की संस्तुति पर ही निकायों को त्रैमासिक बजट जारी किया जाता है। ऐसे में नगर निगम ऋषिकेश का बजट न बढ़ने के पीछे शहर की सरकार स्वयं जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद ऋषिकेश में विकास का पहिए थमने नहीं दिया जाएगा।
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नगर निगम के बजट को लेकर छिड़े सियासी घमासान के बीच भाजपा पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने ऋषिकेश भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश सती की अगुवाई में वित्त एवं शहरी विकास मंत्री ने उनके बैराज स्थित कैंप कार्यालय में मुलाकात की। मंडल अध्यक्ष दिनेश सती ने कहा कि पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर सभी निकायों को धनराशि मिली है। लेकिन ऋषिकेश नगर निगम को जारी त्रैमासिक बजट को बेमतलब मुद्दा बनाकर राजनीति की जा रही है। विपक्ष के पार्षद अधूरी जानकारी के बिना ही स्वांग रच रहे हैं। वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम ने कहा कि बीते दिनों से ऋषिकेश नगर निगम के पार्षद और कुछ लोग अनर्गल बयानबाजी कर रहे है। जबकि वास्तविक जानकारी उनके पास नहीं है। वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि पंचम राज्य वित्त आयोग एक स्वायत्तशासी संस्था है, जिसकी संस्तुति के आधार पर ही पांच मानकों के रिप्रजेंटेशन पर निकायों को धनराशि दी जाती है। बताया कि स्वायत्तशासी संस्था होने के नाते समिति की रिपोर्ट पर न ही वित्त विभाग और न ही शहरी विकास विभाग का हस्तक्षेप होता है। उन्होंने बताया कि सिर्फ ऋषिकेश ही नहीं बल्कि 13 ऐसे निकाय हैं, जिनकी मानकों के आधार पर धनराशि बढ़ा कर नहीं दी गई है। नगर निगम कोटद्वार और ऋषिकेश की तुलना करें तो तब कोटद्वार शहर की जनसंख्या एक लाख 35 हजार और ऋषिकेश शहर की एक लाख छह हजार है। कोटद्वार में 45 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल बढ़ा है। जबकि ऋषिकेश 28 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की बढ़ोत्तरी हुई है। कोटद्वार की कर संग्रह का 87 फीसदी लक्ष्य को हासिल किया था। वहीं ऋषिकेश केवल कर संग्रह के लक्ष्य 34 फीसदी ही एकत्र कर पाया। मुनिकीरेती नगर पालिका ने जनसंख्या में 180 फीसदी, क्षेत्रफल में 110 फीसदी और कर संग्रह 45 फीसदी तक बढ़ा है। इस दौरान पार्षद जयेश राणा, शिवकुमार गौतम, वीरेंद्र रमोला, शारदा सिंह, तनु विकास तेवतिया, वीरेंद्र रमोला, राजेश दिवाकर, लव कांबोज, सोनू प्रभाकर, अशोक पासवान, सुजीत यादव, सुमित पंवार आदि मौजूद थे।
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