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जीजीआईसी और बाल भारती स्कूल को वापस करनी होगी हेल्पेज इंडिया से मिली धनराशि
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ऋषिकेश। हेल्पेज इंडिया की ओर से सेव प्रोग्राम के अंतर्गत राज्य के नौ स्कूलों को कार्यक्रम चलाने के लिए धनराशि दी गई। धनराशि का दुरुपयोग होने पर हेल्पेज इंडिया ने इन नौ स्कूलों से धनराशि वापस मांगी, लेकिन स्कूल की ओर से नहीं दी गई। इस पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी को एक माह के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
बता दें, नौ स्कूलों में तीर्थनगरी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) तथा बाल भारती स्कूल भी शामिल हैं। वर्ष 2017 में हेल्पेज इंडिया की ओर से सेव प्रोग्राम के तहत ऋषिकेश के जीजीआई और बाल भारती स्कूल को धनराशि दी गई थी। यह धनराशि बच्चों को सुरक्षा और जागरुकता के मद में आवंटित की गई थी। हालात ये रही कि देहरादून सहित तीर्थनगरी के कुल नौ स्कूलों ने धनराशि का उपयोग की नहीं किया। लिहाजा हेल्पेज इंडिया ने विद्यालयों से धनराशि वापस मांगी। संस्था की ओर से धनराशि वापस करने के प्रस्ताव पर स्कूलों ने चुप्पी साध ली। आखिरकार हेल्पेज इंडिया की ओर से बाल अधिकार संरक्षण आयोग में शिकायत की गई। इसके बाद आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर मामले की रिपोर्ट तलब की है। आयोग की अध्यक्ष ने कहा है कि उक्त मामले में जांच और धन वापसी की रिपोर्ट एक माह के भीतर आयोग को उपलब्ध कराई जाए। वहीं, स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने इस तरह के मामले से अनभिज्ञता जताई है। पूरे मामले का खास पहलू ये है कि हेल्पेज इंडिया जहां धनराशि वापस करने की बात कर रहा है वहीं स्कूलों को इस तरह के किसी बजट का पता ही नहीं है।
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मुझे हेल्पेज इंडिया से मिली धनराशि की कोई जानकारी नहीं है। लिहाजा इस मामले में कुछ कह पाना संभव नहीं है।
-रचना अग्रवाल, प्रधानाचार्य जीजीआई
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हेल्पेज इंडिया संस्था की ओर से किसी भी प्रकार की कोई धनराशि विद्यालय को नहीं मिली है। यदि कोई पत्र मिलेगा तो उसका वाजिब उत्तर दिया जाएगा।
-कमलेेश गुप्ता, प्रधानाचार्य, बाल भारती स्कूल
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बता दें, नौ स्कूलों में तीर्थनगरी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) तथा बाल भारती स्कूल भी शामिल हैं। वर्ष 2017 में हेल्पेज इंडिया की ओर से सेव प्रोग्राम के तहत ऋषिकेश के जीजीआई और बाल भारती स्कूल को धनराशि दी गई थी। यह धनराशि बच्चों को सुरक्षा और जागरुकता के मद में आवंटित की गई थी। हालात ये रही कि देहरादून सहित तीर्थनगरी के कुल नौ स्कूलों ने धनराशि का उपयोग की नहीं किया। लिहाजा हेल्पेज इंडिया ने विद्यालयों से धनराशि वापस मांगी। संस्था की ओर से धनराशि वापस करने के प्रस्ताव पर स्कूलों ने चुप्पी साध ली। आखिरकार हेल्पेज इंडिया की ओर से बाल अधिकार संरक्षण आयोग में शिकायत की गई। इसके बाद आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर मामले की रिपोर्ट तलब की है। आयोग की अध्यक्ष ने कहा है कि उक्त मामले में जांच और धन वापसी की रिपोर्ट एक माह के भीतर आयोग को उपलब्ध कराई जाए। वहीं, स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने इस तरह के मामले से अनभिज्ञता जताई है। पूरे मामले का खास पहलू ये है कि हेल्पेज इंडिया जहां धनराशि वापस करने की बात कर रहा है वहीं स्कूलों को इस तरह के किसी बजट का पता ही नहीं है।
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मुझे हेल्पेज इंडिया से मिली धनराशि की कोई जानकारी नहीं है। लिहाजा इस मामले में कुछ कह पाना संभव नहीं है।
-रचना अग्रवाल, प्रधानाचार्य जीजीआई
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हेल्पेज इंडिया संस्था की ओर से किसी भी प्रकार की कोई धनराशि विद्यालय को नहीं मिली है। यदि कोई पत्र मिलेगा तो उसका वाजिब उत्तर दिया जाएगा।
-कमलेेश गुप्ता, प्रधानाचार्य, बाल भारती स्कूल