दिव्य प्रेम सेवा मिशन संस्था की ओर से तृतीय वार्षिक आत्मसंवाद अंतर्यात्रा शरदोत्सव शिविर का आयोजन किया गया। इसमें एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कुपोषण, महिला सशक्तीकरण आदि विषयों पर व्याख्यान दिया।
शनिवार को चंडीघाट स्थित दिव्य प्रेम सेवा मिशन में आयोजित शरदोत्सव में बतौर मुख्य वक्ता एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी को विज्ञान की नींव बताया। मनुष्य के जीवन व उसके आसपास घटने वाली सभी घटनाओं का आधार विज्ञान की इन्हीं तीन शाखाओं में छिपा हुआ है। लिहाजा एक वैज्ञानिक सोच वाला व्यक्ति इसका कारण विज्ञान में ढूंढने की कोशिश करता है। जबकि एक सामान्य व्यक्ति इसे कुदरत का करिश्मा मानता है। हमें स्वयं में एक वैज्ञानिक सोच विकसित करने की जरुरत है, इससे कि हम उक्त घटनाओं को सकारात्मक रुख दे सकें। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला, दिव्य प्रेम मिशन के संस्थापक आशीष भैय्या, संस्था के संयोजक संजय चतुर्वेदी, डॉ. विनोद, गोरखपुर विवि के उपकुलपति संजय सिंह, जयवीर सिंह, गगन यादव आदि मौजूद रहे।