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ब्रती महिलाओं ने डूबते हुए सूर्य को दिया अर्घ्य
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ऋषिकेश। छठ महापर्व पर पूर्वांचल समुदाय के लोगों ने छठी माता एवं भगवान सूर्य की मूर्ति स्थापना करने के बाद त्रिवेणीघाट पर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान भीड़ के घाटों पर एकत्र न होने के प्रशासन के सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए। यह बात अलग है कि पुलिस की ओर से भीड़ को रोकने के लिए जगह-जगह बेरिकेडिंग लगाई गई थी, लेकिन इस बीच घाटों पर पूजा अर्चना करने के लिए लोग चोर रास्तों का सहारा लेकर पहुंच गए।
शुक्रवार को गंगा घाट पर जगह-जगह पूर्वांचल समुदाय के लोगों की भीड़ उमड़ी। पूरा गंगा घाट छठ मैया की पूजा अर्चना से गूंजायमान रहा। व्रती महिलाएं अपने परिवार के साथ शाम करीब चार बजे गंगा घाट पर पहुंच गईं। घाट पर व्रती महिलाएं सोलह श्रृंगार कर विभिन्न प्रकार की पूर्वांचली वेशभूषा में सुज्जित दिखाई दीं। बच्चों और पुरुषों ने भी नए-नए पोशाक धारण किए। घाट पर महिलाओं ने एक दूसरे को छठ पर्व की बधाइयां और शुभकामनाएं दीं। समुदाय के लोग घाट पर टोकरी में भरकर, सब्जी, फल, मिठाई और गन्ने आदि सामग्रियां लेकर पहुंचे। गंगा घाट पर लोगों ने विधि विधान से छठी मैया की पूजा अर्चना की। इसके बाद व्रती महिलाओं ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। बहुत से लोग ऐसे भी थे, जो पुलिस बेरिकेडिंग के कारण घाटों तक नहीं पहुंच पाए। उन्होंने अपने घरों में ही छठी माता की पूजा अर्चना की।
शनिवार को पूर्वांचल के लोग घाट पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर अपना उपवास तोड़ेंगे। उधर मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम गीताभवन और तपोवन के गंगाघाट पर भी पूर्वांचल के लोगों ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व मनाया।
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बेरिकेडिंग भी नहीं रोक पाई पूर्वांचल की आस्था
कोविड-19 को लेकर जिला प्रशासन ने इस बार त्रिवेणीघाट पर आयोजित छठ पर्व पर रोक लगा दी थी। घाट पर समुदाय के लोगों को जाने के लिए बेरिकेडिंग की व्यवस्था दी, लेकिन शुक्रवार को तीर्थनगरी में वीआईपी कार्यक्रम होने के कारण पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे पाई। त्रिवेणीघाट सहित अन्य घाटों पर लोगों ने धूमधाम से छठ पर्व मनाया।
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शुक्रवार को गंगा घाट पर जगह-जगह पूर्वांचल समुदाय के लोगों की भीड़ उमड़ी। पूरा गंगा घाट छठ मैया की पूजा अर्चना से गूंजायमान रहा। व्रती महिलाएं अपने परिवार के साथ शाम करीब चार बजे गंगा घाट पर पहुंच गईं। घाट पर व्रती महिलाएं सोलह श्रृंगार कर विभिन्न प्रकार की पूर्वांचली वेशभूषा में सुज्जित दिखाई दीं। बच्चों और पुरुषों ने भी नए-नए पोशाक धारण किए। घाट पर महिलाओं ने एक दूसरे को छठ पर्व की बधाइयां और शुभकामनाएं दीं। समुदाय के लोग घाट पर टोकरी में भरकर, सब्जी, फल, मिठाई और गन्ने आदि सामग्रियां लेकर पहुंचे। गंगा घाट पर लोगों ने विधि विधान से छठी मैया की पूजा अर्चना की। इसके बाद व्रती महिलाओं ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। बहुत से लोग ऐसे भी थे, जो पुलिस बेरिकेडिंग के कारण घाटों तक नहीं पहुंच पाए। उन्होंने अपने घरों में ही छठी माता की पूजा अर्चना की।
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शनिवार को पूर्वांचल के लोग घाट पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर अपना उपवास तोड़ेंगे। उधर मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम गीताभवन और तपोवन के गंगाघाट पर भी पूर्वांचल के लोगों ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व मनाया।
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बेरिकेडिंग भी नहीं रोक पाई पूर्वांचल की आस्था
कोविड-19 को लेकर जिला प्रशासन ने इस बार त्रिवेणीघाट पर आयोजित छठ पर्व पर रोक लगा दी थी। घाट पर समुदाय के लोगों को जाने के लिए बेरिकेडिंग की व्यवस्था दी, लेकिन शुक्रवार को तीर्थनगरी में वीआईपी कार्यक्रम होने के कारण पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे पाई। त्रिवेणीघाट सहित अन्य घाटों पर लोगों ने धूमधाम से छठ पर्व मनाया।