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कोर्ट कमिश्नर ने पशुलोक में किया भूमि का भौतिक निरीक्षण

Tue, 22 Oct 2019 01:36 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2019 01:36 AM IST
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Court commissioner did physical inspection of land in Pashulok
पशुलोक की भूमि का भौतिक निरीक्षण करते कोर्ट कमिश्नर नागेश अग्रवाल। - फोटो : RISHIKESH
पशुलोक में भूमि से कब्जा हटाने के मामले में सोमवार को कोर्ट कमिश्नर नागेश अग्रवाल, पशुपालन सचिव मीनाक्षी सुंदरम, पशुपालन निदेशक केके जोशी और डीएफओ देहरादून राजीव धीमान के साथ पशुलोक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 4.692 एकड़ अतिरिक्त भूमि की पशुपालन विभागीय अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों से जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने सर्वेयर टीम से उक्त भूमि को मापने को कहा। माप पूरी होने के बाद उन्होंने कहा कि वह इस सर्वे रिपोर्ट को जल्द ही हाईकोर्ट में पेश करेंगे। इस दौरान एसडीएम प्रेमलाल, तहसीलदार रेखा आर्य, रेंजर आरपीएस नेेगी, पशुपालन विभाग के परियोजना निदेशक आरके वर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।
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बता दें कि रमेश जायसवाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने कोर्ट को बताया था कि पशुलोक की भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है। जनहित याचिका का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने पशुपालन विभाग को अपनी भूमि पर कब्जा हटाने को आदेशित किया। वहीं, पशुपालन विभाग ने कोर्ट में झूठा हलफनामा प्रस्तुत किया कि अवैध कब्जे को हटवा लिया गया है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में पशुपालन विभाग की कलई खोलते हुए प्रमाणित किया कि अफसर गलत तथ्य प्रस्तुत कर रहे हैं। विभागीय अफसरों ने अवैध कब्जों को हटवाया ही नहीं है। इस पर कोर्ट ने विभागीय अफसरों को हलफनामे का प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा था।
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दो एकड़ में बनी बहुमंजिला इमारतों पर भी संकट
ऋषिकेेश। पशुलोक के दो एकड़ क्षेत्र में बनी बहुमंजिला इमारतों पर भी संकट के बादल छाने लगे है। पशुपालन विभाग का दावा है कि उक्त दो एकड़ जमीन भी विभाग की ही है। पूर्व में मानवीय दृष्टिकोण के तहत उक्त भूमि को छोड़ दिया गया था। पेंच तब गहराया जब निर्माणकर्ताओं ने हाईकोर्ट में एक मुकदमा दायर कर दिया। इसमें निर्माणकर्ताओं ने दावा किया है कि उक्त दो एकड़ जमीन उनकी है। इस मामले में हाईकोर्ट में छह नवंबर को सुनवाई होनी है।
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असंवैधानिक तरीके से गोधाम तोड़ने का आरोप
ऋषिकेश। पशुलोक में भौतिक निरीक्षण के बाद कोर्ट कमिश्नर वीरभद्र रोड पर एक निजी संस्थान के सामने ध्वस्त गोसदन का निरीक्षण को पहुंचे। पशुपालन विभाग के परियोजना निदेशक आरके वर्मा ने कोर्ट कमिश्नर को बताया कि उक्त भूमि पर भी गो धाम चलाकर अतिक्रमण किया जा रहा था। इसे ध्वस्त कर दिया गया है। इस पर श्री गो माता एवं सर्वजीत सेवा समिति के अध्यक्ष संजय शास्त्री ने कोर्ट कमिश्नर को पशुपालन विभाग की ओर से 31 जनवरी 2001 में दी गई पांच बीघा तिकोनी भूमि को आवंटन की रिपोर्ट दी। साथ ही उन्होंने कोर्ट कमिश्नर को 17 जुलाई 2002 की पशुपालन विभाग, वन विभाग तथा राजस्व विभाग की वह रिपोर्ट भी सौंपी। जिसमें उक्त गोधाम को अतिक्रमण की सूची में नहीं रखा गया था।
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