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निगम भूला शहीद-ए-आजम का सम्मान
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ऋषिकेश। सरकारी विभागों को केवल खास अवसरों पर ही देश के लिए अपना बलिदान देने वाले शहीदों की याद आती है। वीरों की जयंती, शहादत,15 अगस्त और 26 जनवरी पर ही वीरों की प्रतिमाओं की सुध ली जाती है। लेकिन नगर निगम परिसर में तो शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पूरे साल भर शहर की गंदगी उठाने वाले कूड़ा वाहनों से घिरी रहती है।
नगर निगम परिसर में शायद ही कोई अधिकारी या कर्मचारी प्रतिमा की तरफ झांकने की जहमत उठाता होगा। केवल साल में केवल चार मौकों पर नगर निगम के अधिकारी और शहरवासी शहीद भगत सिंह को याद करते हैं। इन खास अवसरों पर प्रतिमा की सफाई कर माल्यार्पण किया जाता है। वीर शहीद भगत सिंह अमर रहे के नारे भी लगाए जाते हैं। इसके बाद पूरे साल प्रतिमा को रोजाना कूड़ा वाहनों के बीच छोड़कर वीर शहीद के सम्मान को तार तार किया जाता है। रोज सफाई कार्य समाप्त होने के बाद प्रतिमा के चारों ओर कूड़ा वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है। हैरानी की बात यह है कि मेयर और जिम्मेदार अधिकारी का भी ध्यान कभी इस ओर नहीं गया। संवाद
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नगर निगम परिसर में शायद ही कोई अधिकारी या कर्मचारी प्रतिमा की तरफ झांकने की जहमत उठाता होगा। केवल साल में केवल चार मौकों पर नगर निगम के अधिकारी और शहरवासी शहीद भगत सिंह को याद करते हैं। इन खास अवसरों पर प्रतिमा की सफाई कर माल्यार्पण किया जाता है। वीर शहीद भगत सिंह अमर रहे के नारे भी लगाए जाते हैं। इसके बाद पूरे साल प्रतिमा को रोजाना कूड़ा वाहनों के बीच छोड़कर वीर शहीद के सम्मान को तार तार किया जाता है। रोज सफाई कार्य समाप्त होने के बाद प्रतिमा के चारों ओर कूड़ा वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है। हैरानी की बात यह है कि मेयर और जिम्मेदार अधिकारी का भी ध्यान कभी इस ओर नहीं गया। संवाद
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