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चीला नहर में पित्रे एगर टरबाइन का शुभारंभ
अमर उजाला/ ऋषिकेश।
Updated Wed, 14 Dec 2016 01:15 AM IST
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लोकार्पण करते सीएम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्थापन और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना भी उत्तराखंड में कई मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा सकता है। इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए इंटरनेशनल कोईल लि. (आईसीएल) और नेचर पावर कॉन्सेप्ट (एनपीसी) ने चीला नहर में हाइड्रोनेटिक एनर्जी कनर्वजन सिस्टम, पित्रे एगर टरबाइन तैयार किया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस टरबाइन का शुभारंभ किया।
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आईसीएल कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया कि इस टरबाइन के माध्यम से 14 किमी मीटर लंबी चीला नहर में चलते पानी में 150 मेगावाट तक बिजली का उत्पादन किया जा सकता है। बैराज-चीला मोटर मार्ग पर गंगा भोगपुर के समीप चीला नहर में मंगलवार को इंटरनेशनल कोईल लि. (आईसीएल) और नेचर पावर कॉन्सेप्ट (एनपीसी) ने चीला नहर में हाइड्रोनेटिक एनर्जी कनर्वजन सिस्टम, पित्रे एगर टरबाइन का प्रदर्शन (डेमो) किया। टरबाइन का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कंपनी अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि चलते पानी में पित्रे टरबाइन से बिजली उत्पादन होता है तो यह प्रदेश के लिए वरदान साबित होगा। उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन जो नहर उत्तराखंड की है उन पर एमओयू करके चलते पानी में बिजली के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। कहा, उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य है जो 24 घंटे आम जनता को सबसे सस्ती दरों पर बिजली देता है। यही नहीं उत्तराखंड सबसे सस्ती बिजली भी खरीदता है।
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प्रति घंटा 60 से 70 मेगावाट बिजली उत्पादित करेगी
आईसीएल के निदेशक मनींद्र सिंह नय्यर ने बताया कि पित्रे एगर टरबाइन को वह पिछले चार सालों से बना रहे थे। हरियाणा जिले के टोहाना में इस टरबाइन का प्रदर्शन रहा है। इसकी डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा है। यही प्रदर्शन चीला नहर में किया है। 20 फीट लंबी यह टरबाइन प्रति घंटा 60 से 70 मेेगावाट बिजली उत्पादित करेगी। बताया कि चीला नहर में टरबाइन से विद्युत उत्पादन करने की डीपीआर वह तीन दिन के अंतर्गत शासन को सौंप देंगे। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद चीला नहर में लगभग 40 फीट लंबी टरबाइन लगाई जाएगी। जो प्रतिदिन 150 मेगावाट विद्युत उत्पादन करेगी। बिजली की सप्लाई आसपास के ग्रिड में की जाएगी। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंतुरा, डीएम पौड़ी चंद्रशेखर भट्ट, एसडीएम सोहन सिंह, पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, कंपनी के महाप्रबंधक सतीश चकोटी, एडमिन आहत रिजवी, अमर दीप सिंह, पूर्व प्रमुख रेनू बिष्ट, हरि सिंह भंडारी, जयपाल जाटव, गौहरी रेंज अधिकारी राजेंद्र मोहन नौटियाल और प्यारे लाल राणाकोटी आदि उपस्थित रहे।
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प्रयोग सफल रहा तो 400 लोगों को मिलेगा रोजगार
ऋषिकेश। आईसीएल के निदेशक मनींद्र सिंह नय्यर ने बताया कि यदि पित्रे एगर टरबाइन का चीला नहर में बिजली उत्पादन करने का प्रयोग सफल रहा तो इस योजना के शुरू होने पर आसपास के लगभग 400 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह टरबाइन चलते पानी में बिजली का उत्पादन करती है। इससे पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता है।
बीन नदी पुल को मिली प्रशासनिक स्वीकृति
ऋषिकेश। गंगा भोगपुर विकास संघर्ष समिति से जुड़े पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बीन नदी पर पुल निर्माण करने को ज्ञापन सौंपा। जिस पर सीएम रावत ने कहा कि चुनाव आचार संहिता कभी भी लग सकती है। इसलिए वह सिर्फ बीन नदी पर पुल निर्माण के लिए इस समय प्रशासनिक स्वीकृति ही देते है। कहा कि वित्तीय स्वीकृति विधानसभा चुनाव के बाद मिलेगी। यहां बता दें कि कौडिया-किमसार मोटर मार्ग पर बीन नदी में पुल निर्माण की मांग को लेकर मई 2015 से अगस्त माह तक क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन किया था। पुल निर्माण को लेकर तब शासन-प्रशासन की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।