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चंद्रभागा नदी पर बनेगा स्टील गार्डर पुल
alok panwar
Updated Sat, 03 Sep 2016 01:15 AM IST
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परियोजना
- फोटो : amar ujala
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बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के धरातल पर उतरने की आस जगी है। परियोजना के प्रथम चरण के तहत चंद्रभागा नदी पर तीन सौ मीटर लंबे सिंगल लेन स्टील गार्डर पुल निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 50 करोड़ रुपये की लागत वाले पुल का नक्शा जीओ डाटा कंपनी बना रही है। आईआईटी रुड़की द्वारा नक्शा सत्यापित करने के बाद नवंबर से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। शुक्रवार को उत्तर रेलवे बोर्ड दिल्ली के अधिकारी और जीओ डाटा कंपनी इंडिया के आर्किटेक्ट ने दून मार्ग स्थित जंगलात बैरियर के सामने चंद्रभागा नदी पुल पर प्रस्तावित स्टील गार्डर पुल स्थल का मौका मुआयना किया।
इस दौरान उत्तर रेलवे बोर्ड के डिप्टी जनरल मैनेजर बीएस मालसी ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का प्रथम चरण का कार्य वीरभद्र रेलवे स्टेशन से शुरू होगा। वीरभद्र से दून मार्ग तक दो पुल प्रस्तावित हैं, जिसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण और लंबा चंद्रभागा नदी पर बनने वाला सिंगल लेन पुल है। इसके लिए नदी में करीब 13 पिलर बनेंगे, जिसके ऊपर स्टील गार्डर पुल तैयार किया जाएगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जीओ डाटा कंपनी नक्शे को अंतिम रूप देने में जुटी है। आईआईटी रुड़की से नक्शे को सत्यापित कराया जाएगा और संभवत: नवंबर से इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
पखवाड़ाभर में हस्तांतरित होगी वनभूमि
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य देख रही कार्यदायी संस्था उत्तर रेलवे बोर्ड के मुताबिक परियोजना के प्रथम चरण के लिए ऋषिकेश में रेलवे ने 2014 में करीब 63 हेक्टयर वनभूमि अधिग्रहीत की है। हस्तांतरण की प्रक्रिया में विलंब के चलते परियोजना प्रभावित हुई है। डिप्टी जनरल मैनेजर बीएस मसाली ने बताया कि भूमि हस्तांतरण के लिए भारत सरकार ने सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। बस आर्डर आना बाकी है। पखवाड़ाभर में वनभूमि को रेलवे में हस्तांतरित होने की उम्मीद है।
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भूमि की क्षमता परखने को दोबारा परीक्षण
चंद्रभागा नदी के ऊपर बनने वाले स्टील गार्डर की क्षमता भूमि सह सकती है या नहीं। इसके लिए दून मार्ग, चंद्रभागा नदी स्थल का भू-गर्भीय परीक्षण दूसरी बार होगा। इसके लिए दून मार्ग पर जंगलात चौकी के पास भूगर्भीय परीक्षण करने वाली टीम पहुंच चुकी है, जो शनिवार से कार्य शुरू करेगी। हालांकि सालभर पहले हुए भू-गर्भीय परीक्षण की रिपोर्ट सकारात्मक थी।
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इस दौरान उत्तर रेलवे बोर्ड के डिप्टी जनरल मैनेजर बीएस मालसी ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का प्रथम चरण का कार्य वीरभद्र रेलवे स्टेशन से शुरू होगा। वीरभद्र से दून मार्ग तक दो पुल प्रस्तावित हैं, जिसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण और लंबा चंद्रभागा नदी पर बनने वाला सिंगल लेन पुल है। इसके लिए नदी में करीब 13 पिलर बनेंगे, जिसके ऊपर स्टील गार्डर पुल तैयार किया जाएगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जीओ डाटा कंपनी नक्शे को अंतिम रूप देने में जुटी है। आईआईटी रुड़की से नक्शे को सत्यापित कराया जाएगा और संभवत: नवंबर से इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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पखवाड़ाभर में हस्तांतरित होगी वनभूमि
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य देख रही कार्यदायी संस्था उत्तर रेलवे बोर्ड के मुताबिक परियोजना के प्रथम चरण के लिए ऋषिकेश में रेलवे ने 2014 में करीब 63 हेक्टयर वनभूमि अधिग्रहीत की है। हस्तांतरण की प्रक्रिया में विलंब के चलते परियोजना प्रभावित हुई है। डिप्टी जनरल मैनेजर बीएस मसाली ने बताया कि भूमि हस्तांतरण के लिए भारत सरकार ने सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। बस आर्डर आना बाकी है। पखवाड़ाभर में वनभूमि को रेलवे में हस्तांतरित होने की उम्मीद है।
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भूमि की क्षमता परखने को दोबारा परीक्षण
चंद्रभागा नदी के ऊपर बनने वाले स्टील गार्डर की क्षमता भूमि सह सकती है या नहीं। इसके लिए दून मार्ग, चंद्रभागा नदी स्थल का भू-गर्भीय परीक्षण दूसरी बार होगा। इसके लिए दून मार्ग पर जंगलात चौकी के पास भूगर्भीय परीक्षण करने वाली टीम पहुंच चुकी है, जो शनिवार से कार्य शुरू करेगी। हालांकि सालभर पहले हुए भू-गर्भीय परीक्षण की रिपोर्ट सकारात्मक थी।