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आशियाना छिना, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर

Wed, 06 Nov 2019 01:15 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 01:15 AM IST
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Ashina removed, forced to live under open sky
एसडीएम को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस नेता। - फोटो : RISHIKESH
चंद्रभागा नदी के किनारे अवैध झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे लोग आशियाना छिन जाने के बाद खुले में रहने को मजबूर हैं। लगातार बढ़ती ठंड, बिना बिजली और पानी के यहां जीवन यापन करना दूभर हो गया है। मानवाधिकार आयोग के आदेशों के बावजूद प्रशासन की ओर से यहां कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। बीते रोज प्रशासन, नगर निगम, सिंचाई और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत चंद्रभागा नदी से करीब 200 अवैध झुग्गी झोपड़ियों को ध्वस्त किया था। इसके बाद से इन झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोग खुले आसमान के नीचे जीवन बसर कर रहे हैं। वहीं प्रशासन इस ओर आंख मूंदे बैठा है।
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दूसरी ओर बीती रात्रि लक्ष्मणझूला रोड स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब की ओर से चंद्रभागा नदी के किनारे में खुले में रह रहे लोगों के भोजन का इंतजाम किया गया। गुरुद्वारे के वाहन से ही सभी को खाना परोसा गया। चंद्रभागा किनारे खुले में रह रहे लोगों के बारे मेें अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा को जानकारी दी गई। उन्होंने गुरुद्वारे की ओर से तत्काल वहां भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराई।
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बीमार हुआ युवक, लगाई अस्पताल की दौड़
ऋषिकेश। झुग्गी झोपड़ियों के ध्वस्तीकरण के बाद चंद्रभागा किनारे खुले में रह रहे एक युवक की बीती रात को तबियत खराब हो गई। आनन-फानन में युवक के परिजन उसे समीप ही स्थित अस्पताल में ले गए और वहां भर्ती किया। चंद्रभागा किनारे खुले आसमान के नीचे रह रहे प्रदीप दास ने बताया कि बीती रात को उनके पुत्र की अचानक तबियत खराब हो गई थी। इस दौरान उसका शरीर काफी गरम हो गया था। इसके बाद पड़ोसियों की सहायता से समीप स्थित निजी अस्पताल में बेटे को भर्ती किया और इलाज कराया।
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चंद्रेश्वर मंदिर के समीप अस्थाई ठौर की कवायद शुरू
ऋषिकेश। चंद्रभागा किनारे खुले आसमान के नीचे रह रहे लोगों को अस्थाई ठौर दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार को राज्यमंत्री कृष्ण कुमार सिंघल ने उपजिलाधिकारी ऋषिकेश से भेंटवार्ता की और झुग्गी झोपड़ी वालों के लिए अस्थाई बसेरे की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। इसके तहत चंद्रेश्वर मंदिर के निकट दो बीघा जमीन पर टीनशेड डालकर बेघर हुए लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की पहल की गई है। उन्होंने बताया कि चंद्रेश्वर मंदिर व शमशान घाट के समीप पिछले काफी समय से दो बीघा जमीन खाली पड़ी हुई है। वर्तमान में जिसे किसी उपयोग में नहीं ला या जा रहा है। यहां पर अवैध झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए अस्थाई ठिकाने की व्यवस्था की जा सकती है। इस पर उपजिलाधिकारी प्रेमलाल ने कहा कि जल्द ही संबंधित विभागों के साथ बैठक कर इस दिशा में निर्णय लिया जाएगा। राज्यमंत्री ने कहा कि अतिक्रमण अभियान केवल गरीबों के घरों तक ही सीमित न रहे। निष्पक्ष होकर पूरे शहर से अतिक्रमण को हटवाना चाहिए।
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मानवाधिकार आयोग के आदेशों का हो पालन
ऋषिकेश। चंद्रभागा नदी किनारे खुले में रहने वाले लोगों के लिए रैन बसेरा, स्वास्थ्य सेवाएं, शौचालय और भोजन की शीघ्र सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मानवाधिकार आयोग के आदेशों का भी अनुपालन किया जाए। मंगलवार को इन मांगों को लेकर एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जयेंद्र रमोला ने बताया कि यहां रहने वाले अधिकांश लोगों को ठंड के मौसम में खुले आसमान के नीचे रात काटनी पड़ रही है, जो काफी पीड़ादायक है। इस दौरान कांग्रेस के नगर कार्यकारी अध्यक्ष शिवमोहन मिश्र ने कहा कि निगम और तहसील प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई एकपक्षीय प्रतीत हो रही है। बेहतर होता है कि पूरे शहर में निष्पक्ष होकर अतिक्रमण हटवाए जाते। पूर्व में भी कुछ जगहों पर अतिक्रमण हटवाकर प्रशासन ने इतिश्री कर दी। बार बार गरीबों को ही निशाना बनाया जा रहा है। इस दौरान पार्षद देवेंद्र प्रजापति, जगत नेगी, दिनेश चंद्र मास्टर, रामकुमार भतालिये, हरिराम वर्मा, ओम प्रकाश आदि मौजूद थे।

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फोटो समाचार
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अतिक्रमण विरोधी अभियान के नाम पर उत्पीड़न बंद हो
ऋषिकेश । भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अतिक्रमण के नाम पर गरीब लोगों के उत्पीड़न और मानवाधिकार आयोग के नियमों का उल्लंघन करने का विरोध किया है। मंगलवार को जिला महासचिव एकांत गोयल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी कार्यालय में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी प्रेमलाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि चंद्रभागा नदी के किनारे बसे लोगों के घरों पर अतिक्रमण के नाम पर गरीब लोगों का शोषण किया गया है। अतिक्रमण के नाम पर गरीबों को तो उजाड़ा जा रहा है लेकिन शहर में बड़े लोगों द्वारा किया गया अतिक्रमण प्रशासन को दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से इन परिवारों को खाने पीने व रैन बसेरों की व्यवस्था किए जाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो कार्यकर्ता उग्र आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर ऋषि पोसवाल, मधु जोशी, प्रवीन गर्ग, उमेशकुमार पाल, अभिनव सिंह, जितेंद्रपाल पाठी, शकुंतला शर्मा, जयपाल सिंह, पंकज आदि मौजूद थे।

  चंद्रभागा नदी किनारे बंदे पर खुले आसमान के नीचे इस तरह सामान रखने को मजबूर लोग।

चंद्रभागा नदी किनारे बंदे पर खुले आसमान के नीचे इस तरह सामान रखने को मजबूर लोग।- फोटो : RISHIKESH

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