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जाखन नदी पर वैकल्पिक मार्ग निर्माण को मिली मंजूरी
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रानीपोखरी में जाखन नदी में महिला को नदी पार कराता युवक।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। जिलाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जाखन नदी पर वैकल्पिक मार्ग (काजवे) निर्माण के लिए विशेष अनुमति जारी कर दी है। इससे 600 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़ाई वाले कॉजवे के निर्माण का रास्ता साफ हो गया। लोक निर्माण विभाग को कॉजवे निर्माण के लिए 10 दिन का समय दिया गया।
बीती 27 अगस्त को रानपोखरी में मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। नए मोटर पुल बनने तक जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को जाखन नदी पर वैकल्पिक मार्ग (कॉजवे) के निर्माण तैयार करने के निर्देश दिए थे। लेकिन नदी में रिवर ट्रेनिंग और पेड़ों के कटान को लेकर न्यायालय और वन विभाग का पेंच फंस रहा था। ऐसे में जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने पेंच को दूर करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कॉजवे निर्माण और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए विशेष अनुमति जारी करने का निर्णय लिया था। जिलाधिकारी ने कॉजवे निर्माण और बाढ़ सुरक्षा कार्यों की रिर्पाट तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और वन विभाग की एक संयुक्त समिति गठित की गई थी। समिति ने बुधवार को जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में लोक निर्माण विभाग ने बताया कि 600 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़ाई वाले कॉजवे का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 162 पेड़ों का कटान करना होना है। वहीं विभाग ने कॉजवे के निर्माण के लिए 10 दिन का समय मांगा है।
जबकि सिंचाई विभाग ने बताया कि नदी में बाढ़ आने के चलते भारी मात्रा में उपखनिज का जमाव हो गया। जिससे नदी का बहाव तट की बाएं ओर पेट्रोल पंप की ओर हो गया है। सिंचाई विभाग ने रिपोर्ट में कहा कि पेट्रोल पंप और बस्ती क्षेत्र की सुरक्षा के लिए नदी के बीचों बीच चैनेलाइजेशन की जरूरत है। तटीय क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा के लिए 580 मीटर मीटर लंबी और एक मीटर गहराई में नदी में चैनलाइजेशन और 170 मीटर लंबाई में गेबियन वॉल से तटबंध का निर्माण किया जाना है।
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वहीं वन विभाग ने कहा कि यह पुल कनेक्टिविटी की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। मोटर मार्ग से लगा हुआ इलाका आरक्षित वन और राजाजी टाइगर रिर्जव पार्क क्षेत्र के तहत आता है। ऐसे में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए वैकल्पिक मार्ग का बनना बेहद जरूरी है। इसके बाद जिलाधिकारी कुछ शर्तों के साथ विशेषाधिकार का प्रयोग कॉजवे निर्माण और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए अनुमति जारी कर दी है।
यह नियम और शर्त
- जो सामग्री नदी से उठाई जाएगी उसकी रायल्टी का भुगतान नियमानुसार किया जाएगा।
- अवैध खनन की स्थिति में संबधित विभाग की जिम्मेदारी होगी।
- कार्य की अनुमति केवल 15 दिन तक मान्य होगी।
- वन विभाग को कार्य दौरान निरीक्षण का अधिकार होगा।
- सूर्योदय से पहले और सूर्योदय के बाद कार्य नहीं होगा।
- कार्य करने के दौरान वन और वन्य जीव संपदा को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा
- कार्य की दैनिक रिपोर्ट वन रेंज कार्यालय में देनी होगी।
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बीती 27 अगस्त को रानपोखरी में मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। नए मोटर पुल बनने तक जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को जाखन नदी पर वैकल्पिक मार्ग (कॉजवे) के निर्माण तैयार करने के निर्देश दिए थे। लेकिन नदी में रिवर ट्रेनिंग और पेड़ों के कटान को लेकर न्यायालय और वन विभाग का पेंच फंस रहा था। ऐसे में जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने पेंच को दूर करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कॉजवे निर्माण और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए विशेष अनुमति जारी करने का निर्णय लिया था। जिलाधिकारी ने कॉजवे निर्माण और बाढ़ सुरक्षा कार्यों की रिर्पाट तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और वन विभाग की एक संयुक्त समिति गठित की गई थी। समिति ने बुधवार को जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में लोक निर्माण विभाग ने बताया कि 600 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़ाई वाले कॉजवे का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 162 पेड़ों का कटान करना होना है। वहीं विभाग ने कॉजवे के निर्माण के लिए 10 दिन का समय मांगा है।
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जबकि सिंचाई विभाग ने बताया कि नदी में बाढ़ आने के चलते भारी मात्रा में उपखनिज का जमाव हो गया। जिससे नदी का बहाव तट की बाएं ओर पेट्रोल पंप की ओर हो गया है। सिंचाई विभाग ने रिपोर्ट में कहा कि पेट्रोल पंप और बस्ती क्षेत्र की सुरक्षा के लिए नदी के बीचों बीच चैनेलाइजेशन की जरूरत है। तटीय क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा के लिए 580 मीटर मीटर लंबी और एक मीटर गहराई में नदी में चैनलाइजेशन और 170 मीटर लंबाई में गेबियन वॉल से तटबंध का निर्माण किया जाना है।
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वहीं वन विभाग ने कहा कि यह पुल कनेक्टिविटी की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। मोटर मार्ग से लगा हुआ इलाका आरक्षित वन और राजाजी टाइगर रिर्जव पार्क क्षेत्र के तहत आता है। ऐसे में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए वैकल्पिक मार्ग का बनना बेहद जरूरी है। इसके बाद जिलाधिकारी कुछ शर्तों के साथ विशेषाधिकार का प्रयोग कॉजवे निर्माण और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए अनुमति जारी कर दी है।
यह नियम और शर्त
- जो सामग्री नदी से उठाई जाएगी उसकी रायल्टी का भुगतान नियमानुसार किया जाएगा।
- अवैध खनन की स्थिति में संबधित विभाग की जिम्मेदारी होगी।
- कार्य की अनुमति केवल 15 दिन तक मान्य होगी।
- वन विभाग को कार्य दौरान निरीक्षण का अधिकार होगा।
- सूर्योदय से पहले और सूर्योदय के बाद कार्य नहीं होगा।
- कार्य करने के दौरान वन और वन्य जीव संपदा को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा
- कार्य की दैनिक रिपोर्ट वन रेंज कार्यालय में देनी होगी।

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