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झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे
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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला
मंगलवार को हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। बारिश से गेहूं की फसल को काफी फायदा होगा। बुवाई के करीब डेढ़ माह बाद गेहूं की फसल को बारिश का पर्याप्त पानी मिला है। डोईवाला विकासखंड में करीब पांच हजार हेक्टेयर भूमि पर किसान गेहूं की फसल की बुवाई करते हैं। मारखम ग्रांट, माजरी ग्रांट, जौलीग्रांट, श्यामपुर , छिद्दरवाला और मियांवाला क्षेत्र में सर्वाधिक गेंहू की बुवाई की जाती है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो शीतकालीन बारिश गेहूं के लिए फायदेमंद होती है। गेहूं की बुवाई के बाद किसान बराबर सिंचाई पर ध्यान रखते हैं।
शेरगढ़ के किसान गुरदीप सिंह ने बताया कि बारिश से खेतों की पर्याप्त सिंचाई हो जाती है। गेहूं के पौधे को पर्याप्त पानी मिलने से लाभ होता है। धर्मूचक के किसान सुरेंद्र खालसा ने कहा कि बारिश के पानी से खेत में खरपतवार पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। माजरी ग्रांट के ताजेंद्र सिंह ने कहा कि बारिश के पानी से गेहूं के पौधे में लगने वाले रोग समाप्त हो जाते हैं। झबरावाला के रणजोध सिंह, चांदमारी के देवेंद्र मान, चंद्रमा प्रसाद आदि किसानों ने बारिश को गेहूं के लिए फायदेमंद बताया। डोईवाला ब्लॉक की कृषि अधिकारी इंदु गौदियाल ने बताया कि गेहूं की बुवाई के बाद वर्तमान समय में दूसरी बार सिंचाई करनी होती है। बारिश से खेतों को पानी मिलने से पौधे को मजबूती मिलती है।
दिन भर बारिश से घरों में ही कैद रहे लोग
डोईवाला। मंगलवार के दिन लगातार बारिश होने से लोग घरों में ही कैद होकर रह गए। जिलाधिकारी की ओर से बारिश के दृष्टिगत अवकाश घोषित होने पर क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर आया। लोगों को आवाजाही में परेशानियां हुई। बारिश के कारण ठंड बढ़ने से लोग अलाव जलाकर बैठे रहे। देर शाम तक बारिश होने से नगर के बाजारों में भी अपेक्षाकृत कम लोग खरीदारी के लिए आए।
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मंगलवार को हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। बारिश से गेहूं की फसल को काफी फायदा होगा। बुवाई के करीब डेढ़ माह बाद गेहूं की फसल को बारिश का पर्याप्त पानी मिला है। डोईवाला विकासखंड में करीब पांच हजार हेक्टेयर भूमि पर किसान गेहूं की फसल की बुवाई करते हैं। मारखम ग्रांट, माजरी ग्रांट, जौलीग्रांट, श्यामपुर , छिद्दरवाला और मियांवाला क्षेत्र में सर्वाधिक गेंहू की बुवाई की जाती है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो शीतकालीन बारिश गेहूं के लिए फायदेमंद होती है। गेहूं की बुवाई के बाद किसान बराबर सिंचाई पर ध्यान रखते हैं।
शेरगढ़ के किसान गुरदीप सिंह ने बताया कि बारिश से खेतों की पर्याप्त सिंचाई हो जाती है। गेहूं के पौधे को पर्याप्त पानी मिलने से लाभ होता है। धर्मूचक के किसान सुरेंद्र खालसा ने कहा कि बारिश के पानी से खेत में खरपतवार पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। माजरी ग्रांट के ताजेंद्र सिंह ने कहा कि बारिश के पानी से गेहूं के पौधे में लगने वाले रोग समाप्त हो जाते हैं। झबरावाला के रणजोध सिंह, चांदमारी के देवेंद्र मान, चंद्रमा प्रसाद आदि किसानों ने बारिश को गेहूं के लिए फायदेमंद बताया। डोईवाला ब्लॉक की कृषि अधिकारी इंदु गौदियाल ने बताया कि गेहूं की बुवाई के बाद वर्तमान समय में दूसरी बार सिंचाई करनी होती है। बारिश से खेतों को पानी मिलने से पौधे को मजबूती मिलती है।
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दिन भर बारिश से घरों में ही कैद रहे लोग
डोईवाला। मंगलवार के दिन लगातार बारिश होने से लोग घरों में ही कैद होकर रह गए। जिलाधिकारी की ओर से बारिश के दृष्टिगत अवकाश घोषित होने पर क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर आया। लोगों को आवाजाही में परेशानियां हुई। बारिश के कारण ठंड बढ़ने से लोग अलाव जलाकर बैठे रहे। देर शाम तक बारिश होने से नगर के बाजारों में भी अपेक्षाकृत कम लोग खरीदारी के लिए आए।
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