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अधिकारों को पहचानने से ही सशक्त होंगी महिलाएं : ममता

Sun, 30 Dec 2018 03:27 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 30 Dec 2018 03:27 AM IST
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अधिकारों को पहचानने से ही सशक्त होंगी महिलाएं : ममता
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेेश
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महिलाएं यदि अपने अधिकारों को पहचान लें, तो उन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता है। वह हर क्षेत्र में कार्य कर नाम कमा सकती हैं। आत्मनिर्भर बन सकती हैं। यह बात पूर्णानंद डिग्री कॉलेज की प्राचार्य ममता सुंद्रियाल ने ‘अमर उजाला के मिशन अपराजिता महाअभियान’ कार्यक्रम के दौरान कही। शनिवार को मुनिकीरेती स्थित पूर्णानंद इंटर कॉलेज के क्रीड़ा मैदान में अमर उजाला के मिशन अपराजिता-100 मिलियन स्माइल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्णानंद डिग्री कॉलेज की प्राचार्य ममता सुंद्रियाल, गंगा सुरक्षा समिति की अध्यक्ष मधु असवाल, पूर्व प्रधान सरस्वती जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता शांति ठाकुर, पूर्णानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य संदीप मोहन, पेटिंग आर्टिस्ट मंजू प्रजापति, टीवी कलाकार करण शर्मा तथा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. राजे नेगी ने संयुक्त रूप से मां शारदा के चित्र के आगे दीप प्रज्जवलित कर किया। इस दौरान विद्यालय की करीब डेढ़ सौ छात्राएं उपस्थित रहीं। इस मौके पर पेटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के अध्यापक चंद्र मोहन रौथाण ने किया।
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अपना निर्णय स्वयं ले नारी
पूर्णानंद डिग्री कॉलेज की प्राचार्य ममता सुंद्रियाल ने कहा कि छात्राओं को अपने विषय को चुनने के लिए भी माता पिता पर निर्भर होना पड़ता है। कई बार गलत विषय चुन लिए जाने पर छात्राओं के परीक्षा परिणाम बेहतर नहीं आ पाते हैं। इसके लिए जागरुकता की आवश्यकता है। छात्राओं को अपने निर्णय स्वयं लेने चाहिए। इससे एक तो उनमें आत्मनिर्भरता आएगी और दूसरा उनके परिणाम भी बेहतर आएंगे।
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समाज मानसिक तौर पर अब भी पिछड़ा
गंगा सुरक्षा समिति की अध्यक्ष मधु असवाल ने कहा कि समाज कपड़ों से तो आधुनिक बन गया है, मगर मानसिक तौर पर अभी पिछड़ा हुआ है। मानसिक तौर पर महिलाएं पुरुषों से ज्यादा शक्तिशाली हैं। महिलाओं को प्रोत्साहन मिले तो वह निश्चित तौर पर बेहतर कार्य कर सकती हैं। गुड टच और बेड टच की जानकारी यदि बचपन से ही लड़कियों को दी जाए तो वह जिंदगी में आने वाले खतरे को भांप जाएंगी।

सशक्त बनने की प्रेरणा विद्यालय से ही
पूर्व प्रधान सरस्वती जोशी ने अमर उजाला की मुहिम मिशन अपराजिता की प्रशंसा की। उन्होंने सभी छात्राओं को अत्याचार के विरुद्घ आवाज उठाने का आह्वान किया। कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति आपसे गलत अंदाज में बात करें, या फिर आपसे गलत नजरिए से देखे, या फिर आपके शरीर के किसी भी भाग को छुए, तो ऐसी अवस्था में एकजुट हो जाए और उस व्यक्ति से निपटे।

अब न अबला रहेगी नारी होगी ये बलवान
सामाजिक कार्यकर्ता व कवियित्री शांति ठाकुर ने मिशन अपराजिता कार्यक्रम में कविता के माध्यम से नारी को सशक्त बनने और उसे अपराजिता बनाने का संदेश दिया। उन्होंने करें हम नारी का सम्मान, अब न अबला रहेगी नारी होगी ये बलवान, बेटी भारत की शान... के जरिये छात्राओं को सशक्त बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खेल और पढ़ाई के जरिये बेटी भारत का नाम रोशन करेगी।

पढ़ाई से दोस्ती कर अपनी ताकत बनाएं
पूर्णानंद डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य संदीप मोहन ने लड़कियों को अपराजिता बनने का माध्यम पढ़ाई को बताया। इसके लिए सर्वप्रथम मन में दृढ़ निश्चय करने की जरूरत है। शुरूआती दौर से ही पढ़ाई को आत्मसात करें। इससे कभी भी जिंदगी में कोई परेशानी नहीं आएगी। पढ़ाई से दोस्ती कर उसे अपनी ताकत बनाएं। उन्होंने कहा कि अमर उजाला नारियों को अपराजिता बनाने की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है।

अपने अधिकारों को पहचाने : करण
टीवी कलाकार करण शर्मा ने कहा कि भगवान ने लड़के और लड़कियों की शारीरिक संरचना में भले ही अंतर किया है, लेकिन दिमाग एक जैसा दिया है। लड़कियां अपने दिमाग का सही इस्तेमाल कर उच्च पदों पर पहुंच सकती हैं। सर्वप्रथम अपने अधिकारों को पहचानना होगा। सरकार ने आज कल महिलाओं को बहुत अधिकार प्रदान किए हैं। भविष्य में लड़कियों पर ही सारा दारोमदार होगा। इसके लिए अपनी पढ़ाई के साथ न्याय करना होगा। घर के हालत चाहे कैसे भी हो, आप पढ़ाई के जरिये अपना और अपने परिवार का भविष्य सुधार सकती हैं।


किस्मत वालों को नसीब होती हैं बेटियां : डॉ. राजे
समाजसेवी डॉ. राजे नेगी ने कहा कि जिंदगी में यदि लड़कियों को आगे बढ़ना है, तो इसके लिए हमेशा कुछ न कुछ सीखते रहना होगा। उन्होंने एक प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए छात्राओं को हमेशा सीखते रहने की सीख दी। उन्होंने कहा वर्तमान दौर में लोग बेटी को जन्म लेने ही नहीं दे रहे है, लेकिन सच्चाई यह है कि जिस घर में बेटियां न हो वह घर सूना लगता है। वहां का माहौल एक अलग ही तरह को होता है। किस्मत वालों को ही बेटियां नसीब होती हैं।
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