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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : चूल्हा चौका पर ही हो जाती हैं यौगिक ‘क्रियाएं’
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। ऋषिकेश योग की नगरी की नगरी कही जाती है। यहां देश विदेश से पर्यटक हजारों किमी का सफर तय करके योग सीखने और योग करने के लिए पहुंचते हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जहां पूरे देश में योग की धूम मची थी वहीं ऋषिकेश में भी विभिन्न आयोजन किए गए। विडंबना यह है कि जब देश में योग को बढ़ावा देने के लिए हर तरफ योग कार्यक्रम होते हैं वहीं गृहणियां चूल्हा चौका पर व्यस्त रहती हैं। या यूं कहा जाए कि गृहणियों की यौगिक क्रियाएं चूल्हा चौका पर ही होती रहती हैं। जागरुकता का ही अभाव है कि इन महिलाओं को योग से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं हैं। इस संबंध में अमर उजाला की टीम ने मलिन बस्तियों वाल्मीकि नगर, शांति नगर और चंद्रेश्वर नगर में पड़ताल की तो पता चला कि यहां लोगों को योग के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। आइए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय दिवस पर छात्राओं और महिलाओं क्या कहना है...
समय सुबह 11:30 बजे, स्थान वाल्मीकी नगर
योग को जानती हूं। मगर, मलिन बस्तियों में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां पर सामूहिक तौर पर योग किया जा सके। यहां योग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए कोई जनप्रतिनिधि भी नहीं आता।
- सोनल, छात्रा
आज क्या है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। योग शब्द पहली बार आपके मुंह से ही सुन रही हूं। योग दिवस पर हमारे क्षेत्र में ऐसा कुछ नहीं हुआ है। हमें योग की जानकारी नहीं है।
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- सरिता देवी, गृहणी
योग दिवस की जानकारी है, लेकिन हमारे क्षेत्र में योग का एक भी कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ है। प्रत्येक वार्डों में योग का कार्यक्रम होना चाहिए था। इसी से लोगों में योग के प्रति जागरुकता बढ़ती।
- ऋतु पारछा, गृहणी
योग क्या होता है, इस विषय में मुझे नहीं पता और न ही इस बात की जानकारी है कि आज क्या है। आप लोगों से ही योग सुन रही हूं। लंबी उम्र गुजर गई हमने तो कभी योग न तो किया न ही सुना है।
- लता देवी, गृहणी
समय सुबह 11:50 बजे, स्थान शांति नगर
योग के बारे में थोड़ी जानकारी है। टीवी पर अक्सर बाबा रामदेव को योग करते देखा है। सुबह के समय घर पर ही टीवी से देखकर अनुलोम विलोम किया। इसके बार घर के कार्यों में जुट गई।
- मोहिनी देवी, गृहणी
मुझे योग की कोई जानकारी नहीं है। यह नाम ही आज तक नहीं सुना। सुबह छह बजे मैंने घर का काम काज किया। योग जैसा कुछ भी हमारे क्षेत्र में नहीं हुआ। ना ही किसी ने इसकी जानकारी दी।
- गायत्री देवी, गृहणी
योग का नाम कभी नहीं सुना। योग या उससे जुड़ी किसी भी विषय की जानकारी नहीं है। कभी घर से बाहर ही नहीं निकली हूं। सुबह का समय रोज की तरह ही घरेलू कामकाज में बीता।
- सुशीला देवी, गृहणी
योग का नाम सुना है। यह भी जानती हूं कि योग से कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है। मगर, इसे करने का कभी मौका नहीं मिला। न ही किसी ने योग दिवस पर जागरूक किया।
- गुड्डी देवी, गृहणी
समय अपराह्न 12:30 बजे, स्थान चंद्रेश्वर नगर
योग दिवस है यह पता है। मगर, यह नहीं मालूम की योग में होता क्या है। न ही कभी योग सीखने को मिला। आज इसका महत्व सुना है। सोचा है अगले वर्ष योग शिविर में जाऊंगी।
- नीतू देेवी, गृहणी
योग दिवस की जानकारी है। मगर, मलिन बस्ती वालों को योग करने के लिए कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाता है। जबकि योग का मतलब जोड़ है, जिसे पीएम मोदी पूरे विश्व में फैला रहे हैं।
- निधि राजभर, छात्रा
योग के बारे में टेलीविजन पर ही सुना और देखा है। यदि ऋषिकेश योग की राजधानी है, तो यहां सभी लोगों को योग आना चाहिए। मगर, मलिन बस्तियों में योग सिखाने कोई नहीं आता।
- पुष्पा देवी, गृहणी
योग दिवस के नाम पर जगह-जगह शिविर लगाए गए और निशुल्क योग सिखाया गया। मगर, मलिन बस्तियों का किसी ने रुख नहीं किया। योग सिर्फ पहचान बनाने का साधन बन गया है, न ही जोड़ने का।
- पूजा, छात्रा
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समय सुबह 11:30 बजे, स्थान वाल्मीकी नगर
योग को जानती हूं। मगर, मलिन बस्तियों में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां पर सामूहिक तौर पर योग किया जा सके। यहां योग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए कोई जनप्रतिनिधि भी नहीं आता।
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- सोनल, छात्रा
आज क्या है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। योग शब्द पहली बार आपके मुंह से ही सुन रही हूं। योग दिवस पर हमारे क्षेत्र में ऐसा कुछ नहीं हुआ है। हमें योग की जानकारी नहीं है।
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- सरिता देवी, गृहणी
योग दिवस की जानकारी है, लेकिन हमारे क्षेत्र में योग का एक भी कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ है। प्रत्येक वार्डों में योग का कार्यक्रम होना चाहिए था। इसी से लोगों में योग के प्रति जागरुकता बढ़ती।
- ऋतु पारछा, गृहणी
योग क्या होता है, इस विषय में मुझे नहीं पता और न ही इस बात की जानकारी है कि आज क्या है। आप लोगों से ही योग सुन रही हूं। लंबी उम्र गुजर गई हमने तो कभी योग न तो किया न ही सुना है।
- लता देवी, गृहणी
समय सुबह 11:50 बजे, स्थान शांति नगर
योग के बारे में थोड़ी जानकारी है। टीवी पर अक्सर बाबा रामदेव को योग करते देखा है। सुबह के समय घर पर ही टीवी से देखकर अनुलोम विलोम किया। इसके बार घर के कार्यों में जुट गई।
- मोहिनी देवी, गृहणी
मुझे योग की कोई जानकारी नहीं है। यह नाम ही आज तक नहीं सुना। सुबह छह बजे मैंने घर का काम काज किया। योग जैसा कुछ भी हमारे क्षेत्र में नहीं हुआ। ना ही किसी ने इसकी जानकारी दी।
- गायत्री देवी, गृहणी
योग का नाम कभी नहीं सुना। योग या उससे जुड़ी किसी भी विषय की जानकारी नहीं है। कभी घर से बाहर ही नहीं निकली हूं। सुबह का समय रोज की तरह ही घरेलू कामकाज में बीता।
- सुशीला देवी, गृहणी
योग का नाम सुना है। यह भी जानती हूं कि योग से कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है। मगर, इसे करने का कभी मौका नहीं मिला। न ही किसी ने योग दिवस पर जागरूक किया।
- गुड्डी देवी, गृहणी
समय अपराह्न 12:30 बजे, स्थान चंद्रेश्वर नगर
योग दिवस है यह पता है। मगर, यह नहीं मालूम की योग में होता क्या है। न ही कभी योग सीखने को मिला। आज इसका महत्व सुना है। सोचा है अगले वर्ष योग शिविर में जाऊंगी।
- नीतू देेवी, गृहणी
योग दिवस की जानकारी है। मगर, मलिन बस्ती वालों को योग करने के लिए कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाता है। जबकि योग का मतलब जोड़ है, जिसे पीएम मोदी पूरे विश्व में फैला रहे हैं।
- निधि राजभर, छात्रा
योग के बारे में टेलीविजन पर ही सुना और देखा है। यदि ऋषिकेश योग की राजधानी है, तो यहां सभी लोगों को योग आना चाहिए। मगर, मलिन बस्तियों में योग सिखाने कोई नहीं आता।
- पुष्पा देवी, गृहणी
योग दिवस के नाम पर जगह-जगह शिविर लगाए गए और निशुल्क योग सिखाया गया। मगर, मलिन बस्तियों का किसी ने रुख नहीं किया। योग सिर्फ पहचान बनाने का साधन बन गया है, न ही जोड़ने का।
- पूजा, छात्रा