{"_id":"c9f275a4-e1fe-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"relief-food-parcels-destroyed","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं नहीं मिल रही राहत सामग्री, कहीं हो रही खराब ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं नहीं मिल रही राहत सामग्री, कहीं हो रही खराब
देहरादून/ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jul 2013 09:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में आपदा के बाद देश के कोने-कोने से राहत सामग्री पहुंच रही है। रसद के भंडार लगे हैं, पर कई गांव अब भी भूखे-प्यासे हैं।
विज्ञापन
उत्तराखंड की पल-पल की अपडेट
इन गांवों तक अब तक रसद न पहुंचने की वजहें चाहे जो गिनाई जा रही हों, पर यह भी सच है कि कहीं न कहीं इस नाकामी के पीछे वितरण की कमजोर व्यवस्था भी जिम्मेदार है।
विज्ञापन
कूड़े के ढेर की तरह पड़ी है सामग्री
हाल यह है कि कई जगह राहत सामग्री कूड़े के ढेर की तरह पड़ी है और खराब हो रही है। कई जगह रसद के दुरुपयोग की बातें भी सामने आई हैं। जहां एक ओर, कोटद्वार में राहत सामग्री बांटने वालों के मिनरल वाटर से नहाने की बात सामने आई, वहीं श्रीनगर से श्रीकोट के बीच लोगों के दिए कपड़ों को नाले में गिराने का भी पता चला।
विज्ञापन
कुछ जगह ग्रामीणों ने राहत सामग्री के गलत वितरण की भी शिकायत की है। साफ है कि कहीं न कहीं राहत पहुंचाने में भी हीलाहवाली की जा रही है। ऐसा न होता तो शायद अब तक आपदा के मारे हजारों लोग और सैकड़ों गांव भूखे प्यासे रहने को मजबूर न होते।
राहत सामग्री का इंतजार
चमोली - पिनोला, गोविंदघाट, पांडुकेश्वर, लामबगड़, बेनाकुली, हनुमान चट्टी, नीती, कैलाशपुर, माणा गांव आदि सीमांत क्षेत्र, जोशीमठ, पिंडर क्षेत्र, थराली क्षेत्र के हरमल, चोटिंग, तोरती, रामपुर, मोपाटा, ओडर, लिंगड़ी और अरेठा गांव के अलावा देवाल ब्लॉक के रामपुर, तोरती, भौरियां बगड़, हरमल, सौरीगाड, चोटिंग, धारकुंवरपाटा, ऋषि, घेस, वाण, हिमनी पिनाऊं
उत्तरकाशी - डिडसारी, उपला टकनौर, असीगंगा घाटी, यमुना घाटी के कई दूरस्थ गांव, खरादी कस्बा, ठकराल और गीठ पट्टी के दो दर्जन गांव
रुद्रप्रयाग - कालीमठ घाटी के अंतर्गत आने वाले कुछ गांव, त्रिजुगीनारायण, गौरी गांव, चंद्रापुरी
यहां लगे हैं सामग्री के ढेर
कोटद्वार, रुद्रप्रयाग के गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग, श्रीनगर से श्रीकोट के बीच और कर्णप्रयाग, गौचर हवाई पट्टी, गौचर जीआईसी, गोपेश्वर स्पोर्ट्स स्टेडियम के अस्थायी गोदाम में।