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गलत तरीके से वृद्धा पेंशन लेने वालों से हुई वसूली
राजेंद्र सामंत/ अमर उजाला, कनालीछीना (पिथौरागढ़)
Updated Fri, 29 Apr 2016 12:44 PM IST
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पिथौरागढ़ में विकासखंड के बाराकोट गांव में फर्जी तरीके से वृद्धावस्था पेंशन लेने का मामला सामने आया है। गलत पेंशन लेने वाले नौ लोगों से 3 लाख 64 हजार रुपये की वसूली की गई है, इनमें कई महिलाएं शामिल हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम के जरिए हुए खुलासे के बाद डीडीहाट के एसडीएम ने प्रकरण की जांच की थी। इन सभी लोगों की उम्र 60 वर्ष से कम थी। कई संपन्न लोग भी पेंशन ले रहे थे।
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गांव में कुछ लोगों के गलत तरीके से पेंशन लेने का मामला संज्ञान में आने के बाद वर्ष 2015 में बाराकोट निवासी धन सिंह कन्याल ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत गांव के पेंशनधारकों की सूची मांगी। आरटीआई से जिन लोगों की सूची कन्याल को प्राप्त हुई, उनमें कई लोग वृद्धावस्था पेंशन लेने के अधिकारी नहीं थे।
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कन्याल ने यह मामला डीडीहाट के तत्कालीन एसडीएम जयभारत सिंह के सामने उठाया। एसडीएम ने तत्परता दिखाते हुए मामले की स्वयं जांच की। जांच में सामने आया कि नौ लोग गलत तरीके से पेंशन ले रहे हैं। वृद्धावस्था पेंशन के लिए 60 साल से अधिक उम्र होनी चाहिए, लेकिन इनमें से अधिकांश की उम्र 50 से 55 साल है। कई ऐसे लोग भी पेंशन का लाभ ले रहे थे, जिनके पुत्र सरकारी सेवा में हैं।
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जिला समाज कल्याण कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बाराकोट की पद्मा देवी पत्नी शेर सिंह को जनवरी 2008 से जून 2015 तक पेंशन के रूप में 40800 रुपये का भुगतान हुआ।
पार्वती देवी पत्नी राम सिंह को जनवरी 2008 से जून 2015 तक 40800 रुपये, चंद्र सिंह पुत्र राम सिंह को जुलाई 2012 से जून 2015 तक 21600 रुपये, नंदा देवी पत्नी हरि दत्त को मार्च 2009 से जून 2015 तक 37600 रुपये, घनश्याम पुत्र उमाकांत को जनवरी 2008 से जून 2015 तक 40800 रुपये, डिगरी देवी पत्नी केशव दत्त को जनवरी 2008 से जून 2015 तक 40800 रुपये, जगदीश चंद्र तारा दत्त को जुलाई 2012 से जून 2015 तक 21600 रुपये, प्रेम सिंह पुत्र नैन सिंह को जून 2012 से जून 2015 तक 21600 रुपये, नंदा देवी पत्नी हरि दत्त को मार्च 2009 से जून 2015 तक 40800 रुपये पेंशन के रूप में प्राप्त हुए थे।
एसडीएम ने जांच रिपोर्ट समाज कल्याण निदेशालय को भेजी। निदेशालय के आदेश पर फरवरी और मार्च 2016 में सभी 9 लोगों से पेंशन के रूप में दी गई रकम वसूल ली गई है।
ग्राम पंचायत की खुली बैठक में नाम चयनित होता है। विकासखंड स्तर से प्रमाणित किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से ग्राम पंचायत जिम्मेदार है।
- भवानी प्रसाद आर्य, खंड विकास अधिकारी, कनालीछीना
ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर ब्लॉक की संस्तुति के बाद पेंशन मंजूर होती है। गलत तरीके से पेंशन लेने वाले सभी 9 लोगों से रकम वसूल ली गई है। इस मामले में ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर से ढिलाई हुई है।
- किशन राम आर्या, प्रशासनिक अधिकारी, जिला समाज कल्याण कार्यालय