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रामदेव के भाई की मुश्किलें बढ़ी, नितिन आया सामने
अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sat, 02 Nov 2013 07:28 PM IST
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योगगुरु रामदेव के भाई रामभरत पर बंधक बनाने का आरोप लगाने वाले नितिन त्यागी ने कहा कि उस पर समझौते के लिए दबाव डाला जा रहा है। उसने जान का खतरा बताते हुए अपने परिजनों के साथ जाने से इनकार कर दिया। उसने पतंजलि योगपीठ खेमे और भाजपा कार्यकर्ताओं पर कई आरोप लगाए।
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25 तारीख से था भूमिगत
नितिन त्यागी 25 अक्तूबर से भूमिगत था। उसके परिजन और भाजपा कार्यकर्ता कनखल थाने में नितिन को सामने लाए जाने की मांग पर शुक्रवार से धरना दे रहे थे। शनिवार की सुबह नितिन देहरादून हाइवे स्थित यादव धर्मशाला में अपने परिवार और मीडिया से मुखातिब हुआ। उसने कहा कि उसे किसी ने बंधक नहीं बनाया हुआ है। वह स्वतंत्र है।
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पतंजलि योगपीठ के लोगों से खतरा
नीतिन ने रामभरत और पतंजलि योगीपीठ के अन्य लोगों से जान का खतरा है, जिसके कारण उसने पुलिस से सुरक्षा ली हुई है। नितिन का कहना है कि उस पर समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और नौकरी का लालच भी दिया गया। हाईकोर्ट में जो हलफनामा दिया गया है वह झूठा है। उसके दादा ने कोई अर्जी कोर्ट में नहीं दी है। उसने भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के एक पदाधिकारी पर आरोप लगाया कि वह उसके परिजनों को धमका रहा है।
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नितिन के परिजनों ने उससे मुलाकात की, लेकिन उसने परिजनों के साथ जाने से साफ इंकार कर दिया। बाद में वह अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ वहां से चला गया।
नहीं की चोरी
नितिन ने कहा कि उसने कोई चोरी नहीं की है। अगर चोरी की बात रामभरत कर रहे हैं तो उस समय उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई गई थी। उसने बताया कि उसे बंधक बनाकर पीटा गया।
रामदेव के समर्थकों को धर्मशाला में नहीं आने दिया
पूरे प्रकरण पर बाबा रामदेव के समर्थक एवं भाजपा कार्यकर्ताओं की भी नजर थी। कुछ कार्यकर्ता धर्मशाला के बाहर खडे़ थे, लेकिन पुलिस ने किसी को भी अंदर आने की इजाजत नहीं दी।
भाजपा पर लगाया दोहरेपन का आरोप
नितिन त्यागी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी दोहरेपन का आरोप लगाया। उसने कहा कि पहले भाजपा विधायक और कार्यकर्ता उसके खिलाफ थाने का घेराव करते हैं और अब मेरे परिजनों के साथ मुझे घर ले जाने के लिए थाने का घेराव कर रहे हैं। उसने कहा कि भाजपा अपना उल्लू सीधा करने के लिए मेरा इस्तेमाल कर रही है। जब मुझे मारा पीटा गया, तब कोई भाजपा नेता मेरे समर्थन में सामने नहीं आया।
पुलिस पर आरोप गलत
कनखल थानाध्यक्ष महेश जोशी ने कहा कि नितिन त्यागी के मांगने पर दो सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं। वह कहीं पर भी आने जाने के लिए स्वतंत्र है अगर वह गांव जाना चाहता है तो वह गांव भी जा सकता है। उसे बंधक बनाने का पुलिस पर लगाया गया आरोप गलत है। किसी ने भी उसे बंधक नहीं बनाया है।
भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
हरिद्वार। भाजपा जिला उपाध्यक्ष नरेश शर्मा ने नितिन त्यागी मामले में पुलिस पर कांग्रेस के साथ मिलकर रामभरत को फंसाने का आरोप लगाया। जिला उपाध्यक्ष ने प्रेस को जारी बयान मे कहा कि पिछले कई दिनों से भाजपा कार्यकर्ता कनखल थाने में धरना देकर नितिन त्यागी को परिवार से मिलाने की मांग कर रहे थे।
पुलिस ने गुपचुप तरीके से नितिन को मीडिया के सामने पेश किया। कल तक पुलिस कह रही थी कि उसका कुछ पता नहीं। कांग्रेस नितिन त्यागी के साथ मिलकर बाबा रामदेव व रामभरत को फंसाने में लगी हुई है। इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होनी चहिए।
दादी-मां के आसूंओं का भी कोई असर नहीं
नितिन त्यागी पर उसकी दादी, मां, बुआ, नाना के रोने-धोने का भी कोई असर नहीं हो रहा था। सुबह जब नितिन त्यागी के परिजन उससे मिले तो उसकी दादी प्रेमवती और बुआ मुनेश उसके गले लगकर रोने लगी और उसे घर चलने के लिए कहा, लेकिन नितिन ने साफ तौर पर गांव जाने से मना कर दिया।
मां मनाती रही
उसकी मां ऊषा त्यागी भी उसको मनाती रही पर वह नहीं माना। वह एक बात कहता रहा कि जिसने उसके साथ मारपीट की है। वह उन्हें दंड दिलवाकर घर आएगा। परिजन उसे दीपावली, भैयादूज, गोवर्धन पूजा आदि के लिए भी कहते रहे कि तेरे बिना पूरा गांव त्योहार नहीं मनाएगा। इस पर उसने कहा कि जब उसे मारा पीटा गया तब गांव वाले कहां थे।
गांव वाले क्यों नहीं आए थाने
गांव वालों को उसी दिन उसके समर्थन में कनखल थाने में आना चाहिए था। उसने कहा कि कोई उसका साथ देता है तो ठीक नहीं है नहीं तो उसे कानून पर पूरा भरोसा है। वह अपनी लड़ाई अकेले लडे़गा। नितिन त्यागी के पुलिसकर्मियों के साथ जाने के बाद उसके परिजन मायूस हो गए। उसने जाते हुए सभी को उसकी चिंता छोड़ घर वापस जाने की नसीहत भी दी।