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तुला राशि में गए सूर्य, शनि-राहू ढाएंगे कहर
अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Fri, 18 Oct 2013 05:25 PM IST
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गुरुवार को सूर्यदेव तुला राशि में प्रविष्ट हो गए हैं। आज से ही एक माह तक राहू और शनि भी तुला राशि में साथ-साथ रहेंगे। ग्रहों की यह युति अनेक आपदाओं की जनक बन सकती है।
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शनिवार से प्रारम्भ हो रहे कार्तिक मास में पड़ने वाले पांच शनिवार आपदाओं को और भी बढ़ावा दे सकते हैं। सूर्यदेव ने आज से अपनी चाल बदल दी। सूर्य का प्रवेश अपनी नीच राशि तुला में हो गया।
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राहू और शनि एक ही राशि में
ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार सूर्य, राहू और शनि के साथ एक ही राशि में आ गए हैं। 19 अक्टूबर से कार्तिक मास प्रारम्भ हो रहा है तथा पांच शनिवार इस मास में पड़ रहे हैं। यहां रोचक बात यह है कि 20 अक्टूबर को शनि अस्त भी हो जाएंगे। निश्चय ही यह समय परेशानियों से भरा होगा।
भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार आने वाले एक महीने में तुला और मीन राशियों के जातकों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा।
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आर्थिक मंदी बढ़ सकती है
प्राकृतिक आपदाएं और आ सकती हैं तथा राजनीति में उलटफेर के साथ-साथ आर्थिक मंदी बढ़ सकती है। बाजार पर भी भारी असर पड़ने जा रहा है। डेंगू रोग जैसी आपदाएं समाज के और बड़े क्षेत्र में प्रवेश कर सकती हैं।
सूर्यदेव ने गुरुवार को दोपहर 1.45 बजे तुला में प्रवेश किया है और तुला राशि में शनि और राहू की युति ने प्रभाव डालना प्रारम्भ कर दिया है। गंगा नदी के तट पर किए जाने वाले अनुष्ठान इस प्रकार के तापों से मुक्ति दिला सकते हैं। पीपल की परिक्रमा तथा शनि, राहू और सूर्य की पूजा करने से बुरे ग्रहों को टाला जा सकता है।